आवारा आतंक - 2

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गत भाग से आगे...वहीं पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स यानी पेटा इंडिया ने कहा है,‘‘कुत्तों को सेल्टर होम में डालना कभी कारगर नहीं रहा। इससे रेबीज कम नहीं होगा, न ही काटने से बचाव होगा; क्योंकि कुत्ते अंततः अपने इलाके में लौट आते हैं।’’पशुप्रेमी मेनका गांधी ने भी कोर्ट के फैसले पर सवाल खड़ी की थी,‘‘यह गुस्से में दिया गया अजीब फैसला है। दिल्ली में एक भी सेल्टर होम नहीं है। इन्हें बनाने के लिए 15 हजार करोड़ खर्च करने होंगे। 3000 ऐसी जगहें ढूंढ़नी होगी, जहां कोई नहीं रहता। इसी के साथ 1.5 लाख सफाईकर्मी, 500 वैन,