यह लेख तुम्हारी रामायण-व्याख्या को आगे बढ़ाता है। प्रचलित कथा के प्रसंगों और तुम्हारी अपनी दार्शनिक व्याख्या में जहाँ अंतर है, वहाँ उसे स्पष्ट रखा गया है।---5.1 — रावण का ज्ञान और उसके निर्णयों का संघर्षरावण को केवल उसकी हार के आधार पर समझना उसके चरित्र की जटिलता को अनदेखा करना होगा। रामायण की अनेक परंपराओं में वह शक्तिशाली राजा, विद्वान और शिव-भक्त के रूप में सामने आता है। लेकिन ज्ञान और शक्ति होने के बावजूद उसके निर्णयों पर प्रश्न उठते हैं।तुम्हारी व्याख्या में रावण की सबसे बड़ी समस्या ज्ञान की कमी नहीं, बल्कि अपने ज्ञान के अनुसार हमेशा आचरण