DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 6 Scene 1

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"क्या चाचा कैसी चल रही है बिक्री आजकल?"  अलीपुर में रात की गिरती ठंडी चांदनी को सहन करने के बाद सवेरे सूरज की तपिश के नीचे, कच्ची सड़को पर धूल मिट्टी में अपनी अपनी दुकानें लगाए वहां के लोग आपस में अलीपुर के हाल की बातें करते नज़र आए"कहां बेटा बिक्री विक्री कुच्छो हो ही नाही राही, और अब तो साम होअत होअत ठंडी भी बढ़ जावे।" दुकान के पास बैठे, धूप की ताज़ा गर्माहट लेते हुए एक बूढ़े आदमी ने जवाब दिया"कहां चाचा अभी ठंड आई कहां है, अभी तो शुरू हुई है आना।" हंसकर एक दुकानदार ने सफ़ाई करते