ज्ञान को रोशनी पर पूरा सौ प्रतिशत भरोसा था। यह भरोसा आज का नहीं, बल्कि छह-सात साल पुराना था। ज्ञान के अनुसार, उसने बहुत पहले ही रोशनी के भीतर एक ऐसी दिव्य शक्ति को पहचान लिया था, जिसे वह उस समय भी पूरी तरह समझ नहीं पाया था। यही वजह थी कि इतने साल बीत जाने के बाद भी उसके मन में रोशनी को लेकर वह पुराना सवाल और उससे दोस्ती करने की इच्छा बनी हुई थी।लेकिन इस बार ज्ञान सिर्फ़ दोस्ती का सवाल लेकर नहीं आया था। उसके मन में कुछ ऐसा था, जिसकी वजह वह रोशनी को बताना