Haa...y...eeee, कैसे हो आप, hello.....मैं ठीक हूँ आप बताओ कैसे हो, मैं भी ठीक हूँ, क्या हुआ...........?, No reply, अरे बोलो भी कुछ..................No reply, उसके बार बार आग्रह करने पर भी आशु कोई रिप्लाई नहीं दे रहा था। पहली बार स्क्रीन पर देख कर ओ इतना कंफ्यूज था कि आखिर करें क्या, उसे जी भर के देख लें या बातें कर लें । और सच्चाई ये थी की ओ देखने में एकदम मगन था इसलिए आशी की hello, hii उसको सुनाई नहीं दे रही थी। मगन भी क्यूं न हो काफ़ी दिनों से आशु आग्रह कर रहा था कि आपको

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ग़लतफ़हमी।

Haa...y...eeee, कैसे हो आप, hello.....मैं ठीक हूँ आप बताओ कैसे हो, मैं भी ठीक हूँ, क्या हुआ...........?, No reply, बोलो भी कुछ..................No reply, उसके बार बार आग्रह करने पर भी आशु कोई रिप्लाई नहीं दे रहा था। पहली बार स्क्रीन पर देख कर ओ इतना कंफ्यूज था कि आखिर करें क्या, उसे जी भर के देख लें या बातें कर लें । और सच्चाई ये थी की ओ देखने में एकदम मगन था इसलिए आशी की hello, hii उसको सुनाई नहीं दे रही थी। मगन भी क्यूं न हो काफ़ी दिनों से आशु आग्रह कर रहा था कि आपको ...Read More

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ग़लतफ़हमी भाग-2

आज चार दिन हो गये, आशी ने बात नहीं की। ओ बहुत जिद्दी है ,हो सकता है कि ओ कभी भी बात न करे क्योंकि उसकी कथनी और करनी में बहुत फर्क नहीं रहता है। पता नहीं कैसे रहती होगी। इतना आसान तो नहीं है बिरह की आग को ठंढा करना। लेकिन हर किसी का अपना अलग कंट्रोलिंग पावर होता है । हो सकता है कि ओ उसे अच्छे से मैनेज कर ले।आशु का जो हाल है ओ तो मासा अल्ला है। सबकुछ जानते हुए भी आशु खुद को नहीं संभाल पाता है।ओ इतना टूट चुका है कि खुद ...Read More

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ग़लतफ़हमी भाग-3 (विरह के दिन)

देखो न , हर कोई आ गया मिलने, कौन रूठता नहीं है पर इसका मतलब ये थोड़ी होता है बीच राह में साथ छोड़ कर चला जाये ओ भी सिर्फ़ ग़लतफ़हमी की वजह से। रात भी आई और मिलकर चली गयी, आंखों से आँख मिलाते हुए टिमटिमाते तारे भी आये, बालों को सजाने वाली हवा भी आकर चली गयी। जानती हो आज सुबह जब मैं उठा तो मिलने के लिये आपका भाई सूरज भी आया था , किरनों से पैरों को छुआ और माथे को चूम कर चला गया। ओ विस्वास दिला कर गया है कि मैं आ गया ...Read More