Best Short Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultur...Read More


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भगवंत आणि भक्त By Kavita Parabkar

माझी ही कथा आहे भक्तआणि भगवंत यांच्या अपार प्रेमाची..     मी अगदीच १८वर्षा ची असताना आमच्या समोरच एक आजोबा राहायचे.... त्यांचं वय खूपच झालं होतं... वयाच्या मानाने त्यांना आता दिसाय...

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હઠીસિહનો હકલો By anjubhatt

               હઠીસિંહ દરબાર ટેરી ગામના મુખી. ભલા અને દયાળુ સરપંચ માણસ. ગામમાં ક્યાય કોઈ પણ કામ હોય મુખી કાકા હજાર થઈ જાય. સારા માઠા પ્રસંગમાં હઠીસિંહ પોતેજ આગળ પડીને જ્વાબદારી નિભ...

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गोल रोटी By Priyanka Gupta

"प्रिया, हाँ माँ..." कमरे में बैठी प्रिया ने किचन से आ रही आवाज़ की तरफ मुँह करके कहा।"यहाँ आ जा," ये आवाज़ उसकी माँ, सरिता की थी। प्रिया उठी और किचन की तरफ दौड़ पड़ी। माँ के हाथ म...

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ती मुलगी नकोच By Kavita Parabkar

15 वर्षांची मृण्मयी शाळेतून घरी आली आणि रागाने घरी येऊन... पळत आपल्या रूम मधे जाते..तिची आई आवाज देत असते पण ती तीच काहीच ऐकून घेत नाही...   तिच्या आई ला काहीच समजत नव्हते.. पण माह...

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સ્ત્રી - સામાજિક ધરોહર By Pratibha Joshi

                                                                                 આજે સવાર થી જ અમારી સંસ્થા માં ચહલ પહલ ચાલી રહી હતી . આજે હતો " આંતરરાષ્ટ્રીય મહિલા દિવસ ".  એના અન...

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मुक्ता....??️ - 3 By Priyaa

              3.मला जगायचे आहे.....मुक्ताला कळून चुकलं होतं की आता पुढे काय होणार आहे.......समाजात अशा अनेक गोष्टी घडत असतात.... रोज कोणी ना कोणी त्याला बळी पडत .पण काय आहे ना जोवर...

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अंत भला तो सब भला। By Vandna Sharma

आज मौसम सुहावना हो रहा था। आसमान में बादल छाए हुए थे। हल्की बारिश हो रही थी। धरती पर पानी टप टप टपक रहा था। बहुत दिनों बाद बारिश हुई थी पहली बारिश के बाद मिट्टी की सोंधी सोंधी खुशब...

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यादों की पोटली By Vandna Sharma

वो दिन भी क्या दिन थे  जानकी देवी की लड़की की शादी थी आज। घर फिर भी सूना लग रहा था। कोई रिश्तेदार नहीं आया था। जो आस-पड़ोस के जान-पहचान वाले थे वो भी रात को ही आयेंगे सिर्फ खाना खा...

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The Extra Cup By prachi Gurjar

                      The Extra Cup                               By                             Prachi Gurjar Every evening, at exactly six o’clock, the bell above the cafe door w...

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ऑनलाइन राखी By Vandna Sharma

रक्षाबंधन  प्रीति सुबह का काम खत्म कर, बच्चों का टिफिन पैक कर अपनी साहित्यक पत्रिका पढ़ने बैठी। तभी दरवाजे की डोरबेल बजी जैसे ही दरवाजा खोला सामने अपनी बहन अदिति को देख खुशी से उछल...

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महाराष्ट्राचे अपूर्ण स्वप्न By Mayuresh Patki

भारताला स्वातंत्र्य मिळून जवळपास आठ दशके झाली आणि महाराष्ट्र राज्याच्या स्थापनेलाही सहा दशकांहून अधिक काळ लोटला. या काळात महाराष्ट्राने उद्योग, शिक्षण, सहकार, विज्ञान, कला आणि अर्थ...

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तीज का सिंधारा By Vandna Sharma

आज तनु अपनी दोस्त प्रीति से मिलने उसके घर गई थी। बहुत दिनों बाद दोनों दोस्त मिलीं थीं। एक दूसरे को देख दोनों खुशी से चहकते हुए गले मिली। प्रीति अपना घर दिखाने लगी तनु को। अपने बेडर...

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अंतिम यात्रा By Vandna Sharma

अंतिम यात्रा  कहानी  'अंतिम यात्रा' शब्द सुनकर ही दिल काँपने लगता है। यह समय सभी को आना है। दुनिया का अंतिम सत्य भी यही है। दुनिया में लाखों लोग रोज मरते हैं। दिल दहल जाता...

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हन्सु के प्रेम की नैया By Rakesh Kumar Sharma

हमारे सभ्य समाज में प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी प्रकार से अपनी आजिविका कमाने के लिए प्रयासरत है। कुछ विशेष प्रवृति के प्राणी भी हमारे इसी समाज में पाये जाते हैं जो दिन-भर कुछ नहीं...

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દીકરીની મા... By પારૂલ ઠક્કર... યાદ

                      અનિકાની આંખમાં આંસુનું ઘોડાપુર ઉમટવા તૈયાર જ હતું પણ ચહેરા પર નકલી હાસ્યનો બંધ આ ધસમસ્તા પૂરને રોકી રહ્યો હતો.          આવતીકાલે તેની એકની એક લાડકી દીકરી, રિય...

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कॉल - 1 By sky

हर दिन एक ही कॉल, ठीक 12 बजे, और फिर सन्नाटा। और जब भी कोई कॉल उठाए, सिर्फ एक आवाज़  "मुझे क्यों मारा?" ये सिलसिला कुछ सालों तक यूँ ही चला, लेकिन एक दिन कुछ ऐसा हुआ जिसने सब बदल दि...

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મુખવટો By Pratibha Joshi

                                                                         સાંજ ના સમય ની મારી ચા નો કપ લઈને હું રોજ ના નિયમ પ્રમાણે બેકયાર્ડ માં રાખેલ હીંચકા ઉપર આવી ને બેઠી . ઝરમર ...

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कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 By miss k

आपको पता ही होगा की थोड़े दिन पहले ही फ़ादर्स डे गया तभी मेरे मन में एक विचार आया कि पापा तो रोज ही स्पेशल होते हैं तो फिर फ़ादर्स डे मनाने की तो कोई जरूरत हे ही नहीं। पहले इतना को...

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देसी जुगाड बड़ा कमाल By Vandna Sharma

लोक कथा  देशी जुगाड बड़ा कमाल एक समय की बात है। किसी गाँव में एक पंडित जी रहते थे। वो थोड़ा कम पढ़े-लिखे थे लेकिन बुद्धि बहुत थी उनके पास। आध्यात्मिक ज्ञान भी था। गाँव में उनके ज्ञ...

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भज्यांची आमटी By Vrishali Gotkhindikar

भज्याची आमटी हा एक अत्यंत चविष्ट आणि खमंग प्रकार जो भात भाकरी किंवा पोळी कशा सोबतही चांगला लागतो भज्याची आमटी म्हंटले की कॉलेज चे दिवस आठवतातया आमटीची ही चवीष्ट आठवण सांगितल्या खेर...

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तैयारी के भंवर में कैद जवानी By Kapil Tiwari

आज मन काफी उदास है। मुझे प्रयागराज के एक छोटे से कमरे में रहते हुए लगभग तीन साल हो गए हैं। इस बंद कमरे में रहते-रहते अब मन में बार-बार यही सवाल उठता है कि आखिर और कब तक? कब तक सरका...

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सजा.....बिना कसूर की - 6 By Soni shakya

तभी भूमि आते हुए दिखाई देती है।आकाश ऐसे खुश होता है मानो कोई खजाना मिल गया हो।भूमि ने चारों ओर नजर फैला कर देखा, उसे कॉर्नर की टेबल पर बैठा हुआ आकाश दिखाई दिया।आकाश ने भी भूमि को द...

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दंगा By Virendra Devangan

एक नगर में जाने किस बात पर दंगा भड़का कि दंगाई खून की होली खेलने लगे। वहां देखते-ही-देखते रक्तरंजित लाशें बिछ गईं। जबरदस्त आगजनी हुई। घर-के-घर फूंक डाले गए। मोटरगाड़ियां धू-धू कर जल...

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बुआ By Vandna Sharma

---बुआ - महक की कहानी आज सबसे उपेक्षित रिश्ता है बुआ। कोई नहीं बुलाना चाहता बुआ को। बुआ के नाम से ही घर की बहुओं के मुँह बन जाते हैं। पहले होती होंगी बुआ रुआब, मैंने तो आज तक नहीं...

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ਅੱਖਰ ਬੋਲਦੇ ਨੇ By Mohammad Usman

ਅੱਖਰ ਬੋਲਦੇ ਨੇ (ਸ਼ਾਇਰੀ ਸੰਗ੍ਰਹਿ)​ਕਿਤਾਬ-ਏ-ਦਿਲ ਦਾ ਅੱਜ ਨਵਾਂ ਆਗਾਜ਼ ਕਰਦੇ ਹਾਂ,ਅਸੀਂ ਸ਼ਬਦਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਰੂਹ ਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਭਰਦੇ ਹਾਂ।​ਨਾ ਕੋਈ ਕਿੱਸਾ ਹੋਵੇਗਾ, ਨਾ ਕੋਈ ਕਹਾਣੀ ਹੋਵੇਗੀ,ਹੁਣ ਪੰਨੇ-ਪੰਨੇ 'ਤੇ ਜਜ਼ਬ...

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ये सब इतना Complicated क्यों है ? By InkImagination

सब इतना उलझा हुआ क्यों है? यह सवाल अक्सर उन पलों में उठता है जब ज़िंदगी अचानक अपनी रफ्तार बदल देती है। कभी-कभी कोई इंसान हमारी ज़िंदगी में बिना किसी पूर्व सूचना के आता है। शुरूआत ब...

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बहु पुराण By Vandna Sharma

*'बहु-पुराण' - ये कहानी नहीं, हर उस औरत का दस्तावेज है जिसने गाँव की मिट्टी से शहर के अकेलेपन तक का सफर तय किया है।*शीर्षक: बहु-पुराण*  *- सुबह से बारिश हो रही थी। मौसम सुह...

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कोन्निचिवा: माय देसी लव - 2 By Kajal Soam

परिदृश्य: जयपुर की हलचल भरी सड़कें और शिवानी का संघर्ष।जयपुर की दोपहर अपनी पूरी रंगत में थी। हवा में आमेर के किलों की खुशबू और बाज़ारों का शोर घुला हुआ था। शिवानी आज 'सीतापुरा इं...

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अनबुझा चूना By Deepak sharma

                 घड़ी में तीन बजे थे जब जाई बिस्तर से उठ कर बैठ ली थीं।                  &...

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मेरा एक दिन का प्यार By Ubaid ali

( मेरा एक दिन का प्यार )साल 2016 pnb बैंक की लाइन, आपको याद होगा जब हमारे देश में नोटबंदी हुयी थी तो सब लोग नोट बदलवाने के लिए लाइनों में लग रहे थे. इत्तीफाक से मुझे भी पैसे निकालन...

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पढ़ाकू By Vandna Sharma

*'किरन' - ये सिर्फ एक शिष्या की कहानी नहीं है, ये हर उस गुरु की जीत है जो बच्चों में 'इंसान' बनाता है।यह कहानी मेरी शिष्या की है। उससे मेरा परिचय एम.ए. की कक्षा के...

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કરુણા - 17-18 By Rushil Dodiya

સોળમો પરિચ્છેદ​નરેન્દ્રએ કહ્યું, "ભાગ્યહીન (અભાગી), બહાર નીકળી જા ઘરમાંથી!"​કરુણા કંઈ જ બોલી નહીં.​"અત્યારે ને અત્યારે જ અહીંથી ચાલી જા."​કરુણા નરેન્દ્રના મોઢા સામે એકીટશે જોઈ રહી....

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राई- भर मरहम By Deepak sharma

                  बिजली की तार बेचने वाली अपनी दुकान की सीढ़ियों पर उस छोटे बच्चे को देख कर पहले तो मैं हैरान हुआ।      ...

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ചരമകോളം By Aiswarya

സ്വന്തം മരണവാർത്ത പത്രത്തിലൂടെ വായിച്ചറിഞ്ഞ ഹതഭാഗ്യനാണ് ഞാൻ. ജീവിച്ചിരിപ്പുണ്ടെന്ന തോന്നൽ നശിച്ചിട്ട് നാളൊരുപാടായി.എങ്കിലും എനിക്ക് കരച്ചിൽ വന്നു. അല്ലെങ്കിലും എനിക്ക് വേണ്ടി കരയാൻ...

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અધૂરું માતૃત્વ - ભાગ 3 By Vaidehi Trivedi

હું સંતાઈને સાંભળતી હતી. 'જીજાજીનો ફોન?. અત્યારે કેમ આવ્યો હશે?  ચોક્કસ કંઈક થયું હશે...! ના... ના.. એ લોકોને ખબર પડી હશે કે કાવ્યા મને મળવા આવી છે એટલે કદાચ જાણીજોઈને ફોન કર્ય...

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सुभीता By Deepak sharma

                मेरे लिए दरवाज़ा बहन ने खोला।                 “और कौन आया है?” अंदर के ब...

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गेंदा रानी By Deepak sharma

लेखिका: दीपक शर्मा                    ड्यूटी रजिस्टर में अपने हस्ताक्षर के साथ मैं ने अपना अराइवल टाइम दर्ज किया : दो बजे।  ...

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मां एक भावना, एहसास By miss k

आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसा रिश्ता, एहसास, भावना जिसे हर किसी ने महसूस किया ही होगा। कभी डांट तो कभी प्यार बनकर हमें सहलाती ‌। वो एहसास है मां। मां कोई भी हो केसी भी हो अमीर ह...

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If This Be Paradise By Alap Mankodi

Two nights before she was born, her parents shared a dream. In it stood a girl with eyes that saw past the horizon of now. The dream named her: Yashwi. It said she would be brillia...

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Story Of My Life When I Was Studying In Class 12 By Annesha Banerjee

When I was in class XII, my life was really boring as well as horrible.First I am going to tell you about the story of my online classes.  Due to the rise of the COVID 19 pandemic,...

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खामोश घर की व्यथा By Vandna Sharma

खामोश घर की व्यथाप्रिय पाठकों, क्या मेरी कहानी सुनोगे? मैं अब एक 45 वर्षीय इमारत हूँ। कभी मैं भी घर हुआ करता था। घर तो उसमें रहने वाले व्यक्तियों से ही बनता है ना, बिना सदस्यों के...

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ਮੈ..... By Mohammad Usman

ਭਾਗ - 1: ਇੱਕ ਨਵੀਂ ਸ਼ੁਰੂਆਤ​ਦੁਨੀਆ ਵਿੱਚ ਲੱਖਾਂ ਲੋਕ ਆਉਂਦੇ ਨੇ ਤੇ ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਨੇ। ਸਭ ਦੀ ਇੱਕੋ ਕਹਾਣੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ—ਜੰਮਣਾ, ਪੜ੍ਹਨਾ, ਕਮਾਉਣਾ ਤੇ ਭੀੜ ਦਾ ਹਿੱਸਾ ਬਣ ਕੇ ਰਹਿ ਜਾਣਾ। ਪਰ ਮੇਰੀ ਸੋਚ ਥੋੜ੍ਹੀ ਅਲੱਗ ਸੀ।...

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बारह बरश का इंतज़ार - 4 By kusum kumari

किटी... अंकित ने धीरे से कहा “ …कुसुम ने अपनी आंखें खोल दी ! “हम्म।” कुसुम ने धीरे से जवाब दिया ! “तुमने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया।”“क्यों  किया? तुम जवाब देना नहीं चाहती?”“नहीं।...

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चिड़चिड़ा By Vandna Sharma

कहानी *चिड़चिड़ा*कभी-कभी सबको प्यार बाँटने वाला भी प्यार के लिए प्यासा रह जाता है। यह कहानी एक ऐसे युवा की है जो दिल्ली की एमएनसी कंपनी में कार्यरत है। वर्कलोड के चलते हमेशा चिड़चि...

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भगवंत आणि भक्त By Kavita Parabkar

माझी ही कथा आहे भक्तआणि भगवंत यांच्या अपार प्रेमाची..     मी अगदीच १८वर्षा ची असताना आमच्या समोरच एक आजोबा राहायचे.... त्यांचं वय खूपच झालं होतं... वयाच्या मानाने त्यांना आता दिसाय...

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હઠીસિહનો હકલો By anjubhatt

               હઠીસિંહ દરબાર ટેરી ગામના મુખી. ભલા અને દયાળુ સરપંચ માણસ. ગામમાં ક્યાય કોઈ પણ કામ હોય મુખી કાકા હજાર થઈ જાય. સારા માઠા પ્રસંગમાં હઠીસિંહ પોતેજ આગળ પડીને જ્વાબદારી નિભ...

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गोल रोटी By Priyanka Gupta

"प्रिया, हाँ माँ..." कमरे में बैठी प्रिया ने किचन से आ रही आवाज़ की तरफ मुँह करके कहा।"यहाँ आ जा," ये आवाज़ उसकी माँ, सरिता की थी। प्रिया उठी और किचन की तरफ दौड़ पड़ी। माँ के हाथ म...

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ती मुलगी नकोच By Kavita Parabkar

15 वर्षांची मृण्मयी शाळेतून घरी आली आणि रागाने घरी येऊन... पळत आपल्या रूम मधे जाते..तिची आई आवाज देत असते पण ती तीच काहीच ऐकून घेत नाही...   तिच्या आई ला काहीच समजत नव्हते.. पण माह...

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સ્ત્રી - સામાજિક ધરોહર By Pratibha Joshi

                                                                                 આજે સવાર થી જ અમારી સંસ્થા માં ચહલ પહલ ચાલી રહી હતી . આજે હતો " આંતરરાષ્ટ્રીય મહિલા દિવસ ".  એના અન...

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मुक्ता....??️ - 3 By Priyaa

              3.मला जगायचे आहे.....मुक्ताला कळून चुकलं होतं की आता पुढे काय होणार आहे.......समाजात अशा अनेक गोष्टी घडत असतात.... रोज कोणी ना कोणी त्याला बळी पडत .पण काय आहे ना जोवर...

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अंत भला तो सब भला। By Vandna Sharma

आज मौसम सुहावना हो रहा था। आसमान में बादल छाए हुए थे। हल्की बारिश हो रही थी। धरती पर पानी टप टप टपक रहा था। बहुत दिनों बाद बारिश हुई थी पहली बारिश के बाद मिट्टी की सोंधी सोंधी खुशब...

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यादों की पोटली By Vandna Sharma

वो दिन भी क्या दिन थे  जानकी देवी की लड़की की शादी थी आज। घर फिर भी सूना लग रहा था। कोई रिश्तेदार नहीं आया था। जो आस-पड़ोस के जान-पहचान वाले थे वो भी रात को ही आयेंगे सिर्फ खाना खा...

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The Extra Cup By prachi Gurjar

                      The Extra Cup                               By                             Prachi Gurjar Every evening, at exactly six o’clock, the bell above the cafe door w...

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ऑनलाइन राखी By Vandna Sharma

रक्षाबंधन  प्रीति सुबह का काम खत्म कर, बच्चों का टिफिन पैक कर अपनी साहित्यक पत्रिका पढ़ने बैठी। तभी दरवाजे की डोरबेल बजी जैसे ही दरवाजा खोला सामने अपनी बहन अदिति को देख खुशी से उछल...

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महाराष्ट्राचे अपूर्ण स्वप्न By Mayuresh Patki

भारताला स्वातंत्र्य मिळून जवळपास आठ दशके झाली आणि महाराष्ट्र राज्याच्या स्थापनेलाही सहा दशकांहून अधिक काळ लोटला. या काळात महाराष्ट्राने उद्योग, शिक्षण, सहकार, विज्ञान, कला आणि अर्थ...

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तीज का सिंधारा By Vandna Sharma

आज तनु अपनी दोस्त प्रीति से मिलने उसके घर गई थी। बहुत दिनों बाद दोनों दोस्त मिलीं थीं। एक दूसरे को देख दोनों खुशी से चहकते हुए गले मिली। प्रीति अपना घर दिखाने लगी तनु को। अपने बेडर...

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अंतिम यात्रा By Vandna Sharma

अंतिम यात्रा  कहानी  'अंतिम यात्रा' शब्द सुनकर ही दिल काँपने लगता है। यह समय सभी को आना है। दुनिया का अंतिम सत्य भी यही है। दुनिया में लाखों लोग रोज मरते हैं। दिल दहल जाता...

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हन्सु के प्रेम की नैया By Rakesh Kumar Sharma

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દીકરીની મા... By પારૂલ ઠક્કર... યાદ

                      અનિકાની આંખમાં આંસુનું ઘોડાપુર ઉમટવા તૈયાર જ હતું પણ ચહેરા પર નકલી હાસ્યનો બંધ આ ધસમસ્તા પૂરને રોકી રહ્યો હતો.          આવતીકાલે તેની એકની એક લાડકી દીકરી, રિય...

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कॉल - 1 By sky

हर दिन एक ही कॉल, ठीक 12 बजे, और फिर सन्नाटा। और जब भी कोई कॉल उठाए, सिर्फ एक आवाज़  "मुझे क्यों मारा?" ये सिलसिला कुछ सालों तक यूँ ही चला, लेकिन एक दिन कुछ ऐसा हुआ जिसने सब बदल दि...

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મુખવટો By Pratibha Joshi

                                                                         સાંજ ના સમય ની મારી ચા નો કપ લઈને હું રોજ ના નિયમ પ્રમાણે બેકયાર્ડ માં રાખેલ હીંચકા ઉપર આવી ને બેઠી . ઝરમર ...

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कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 By miss k

आपको पता ही होगा की थोड़े दिन पहले ही फ़ादर्स डे गया तभी मेरे मन में एक विचार आया कि पापा तो रोज ही स्पेशल होते हैं तो फिर फ़ादर्स डे मनाने की तो कोई जरूरत हे ही नहीं। पहले इतना को...

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देसी जुगाड बड़ा कमाल By Vandna Sharma

लोक कथा  देशी जुगाड बड़ा कमाल एक समय की बात है। किसी गाँव में एक पंडित जी रहते थे। वो थोड़ा कम पढ़े-लिखे थे लेकिन बुद्धि बहुत थी उनके पास। आध्यात्मिक ज्ञान भी था। गाँव में उनके ज्ञ...

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भज्यांची आमटी By Vrishali Gotkhindikar

भज्याची आमटी हा एक अत्यंत चविष्ट आणि खमंग प्रकार जो भात भाकरी किंवा पोळी कशा सोबतही चांगला लागतो भज्याची आमटी म्हंटले की कॉलेज चे दिवस आठवतातया आमटीची ही चवीष्ट आठवण सांगितल्या खेर...

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तैयारी के भंवर में कैद जवानी By Kapil Tiwari

आज मन काफी उदास है। मुझे प्रयागराज के एक छोटे से कमरे में रहते हुए लगभग तीन साल हो गए हैं। इस बंद कमरे में रहते-रहते अब मन में बार-बार यही सवाल उठता है कि आखिर और कब तक? कब तक सरका...

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सजा.....बिना कसूर की - 6 By Soni shakya

तभी भूमि आते हुए दिखाई देती है।आकाश ऐसे खुश होता है मानो कोई खजाना मिल गया हो।भूमि ने चारों ओर नजर फैला कर देखा, उसे कॉर्नर की टेबल पर बैठा हुआ आकाश दिखाई दिया।आकाश ने भी भूमि को द...

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दंगा By Virendra Devangan

एक नगर में जाने किस बात पर दंगा भड़का कि दंगाई खून की होली खेलने लगे। वहां देखते-ही-देखते रक्तरंजित लाशें बिछ गईं। जबरदस्त आगजनी हुई। घर-के-घर फूंक डाले गए। मोटरगाड़ियां धू-धू कर जल...

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बुआ By Vandna Sharma

---बुआ - महक की कहानी आज सबसे उपेक्षित रिश्ता है बुआ। कोई नहीं बुलाना चाहता बुआ को। बुआ के नाम से ही घर की बहुओं के मुँह बन जाते हैं। पहले होती होंगी बुआ रुआब, मैंने तो आज तक नहीं...

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ਅੱਖਰ ਬੋਲਦੇ ਨੇ By Mohammad Usman

ਅੱਖਰ ਬੋਲਦੇ ਨੇ (ਸ਼ਾਇਰੀ ਸੰਗ੍ਰਹਿ)​ਕਿਤਾਬ-ਏ-ਦਿਲ ਦਾ ਅੱਜ ਨਵਾਂ ਆਗਾਜ਼ ਕਰਦੇ ਹਾਂ,ਅਸੀਂ ਸ਼ਬਦਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਰੂਹ ਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਭਰਦੇ ਹਾਂ।​ਨਾ ਕੋਈ ਕਿੱਸਾ ਹੋਵੇਗਾ, ਨਾ ਕੋਈ ਕਹਾਣੀ ਹੋਵੇਗੀ,ਹੁਣ ਪੰਨੇ-ਪੰਨੇ 'ਤੇ ਜਜ਼ਬ...

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ये सब इतना Complicated क्यों है ? By InkImagination

सब इतना उलझा हुआ क्यों है? यह सवाल अक्सर उन पलों में उठता है जब ज़िंदगी अचानक अपनी रफ्तार बदल देती है। कभी-कभी कोई इंसान हमारी ज़िंदगी में बिना किसी पूर्व सूचना के आता है। शुरूआत ब...

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बहु पुराण By Vandna Sharma

*'बहु-पुराण' - ये कहानी नहीं, हर उस औरत का दस्तावेज है जिसने गाँव की मिट्टी से शहर के अकेलेपन तक का सफर तय किया है।*शीर्षक: बहु-पुराण*  *- सुबह से बारिश हो रही थी। मौसम सुह...

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कोन्निचिवा: माय देसी लव - 2 By Kajal Soam

परिदृश्य: जयपुर की हलचल भरी सड़कें और शिवानी का संघर्ष।जयपुर की दोपहर अपनी पूरी रंगत में थी। हवा में आमेर के किलों की खुशबू और बाज़ारों का शोर घुला हुआ था। शिवानी आज 'सीतापुरा इं...

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अनबुझा चूना By Deepak sharma

                 घड़ी में तीन बजे थे जब जाई बिस्तर से उठ कर बैठ ली थीं।                  &...

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मेरा एक दिन का प्यार By Ubaid ali

( मेरा एक दिन का प्यार )साल 2016 pnb बैंक की लाइन, आपको याद होगा जब हमारे देश में नोटबंदी हुयी थी तो सब लोग नोट बदलवाने के लिए लाइनों में लग रहे थे. इत्तीफाक से मुझे भी पैसे निकालन...

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पढ़ाकू By Vandna Sharma

*'किरन' - ये सिर्फ एक शिष्या की कहानी नहीं है, ये हर उस गुरु की जीत है जो बच्चों में 'इंसान' बनाता है।यह कहानी मेरी शिष्या की है। उससे मेरा परिचय एम.ए. की कक्षा के...

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કરુણા - 17-18 By Rushil Dodiya

સોળમો પરિચ્છેદ​નરેન્દ્રએ કહ્યું, "ભાગ્યહીન (અભાગી), બહાર નીકળી જા ઘરમાંથી!"​કરુણા કંઈ જ બોલી નહીં.​"અત્યારે ને અત્યારે જ અહીંથી ચાલી જા."​કરુણા નરેન્દ્રના મોઢા સામે એકીટશે જોઈ રહી....

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राई- भर मरहम By Deepak sharma

                  बिजली की तार बेचने वाली अपनी दुकान की सीढ़ियों पर उस छोटे बच्चे को देख कर पहले तो मैं हैरान हुआ।      ...

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ചരമകോളം By Aiswarya

സ്വന്തം മരണവാർത്ത പത്രത്തിലൂടെ വായിച്ചറിഞ്ഞ ഹതഭാഗ്യനാണ് ഞാൻ. ജീവിച്ചിരിപ്പുണ്ടെന്ന തോന്നൽ നശിച്ചിട്ട് നാളൊരുപാടായി.എങ്കിലും എനിക്ക് കരച്ചിൽ വന്നു. അല്ലെങ്കിലും എനിക്ക് വേണ്ടി കരയാൻ...

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અધૂરું માતૃત્વ - ભાગ 3 By Vaidehi Trivedi

હું સંતાઈને સાંભળતી હતી. 'જીજાજીનો ફોન?. અત્યારે કેમ આવ્યો હશે?  ચોક્કસ કંઈક થયું હશે...! ના... ના.. એ લોકોને ખબર પડી હશે કે કાવ્યા મને મળવા આવી છે એટલે કદાચ જાણીજોઈને ફોન કર્ય...

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सुभीता By Deepak sharma

                मेरे लिए दरवाज़ा बहन ने खोला।                 “और कौन आया है?” अंदर के ब...

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गेंदा रानी By Deepak sharma

लेखिका: दीपक शर्मा                    ड्यूटी रजिस्टर में अपने हस्ताक्षर के साथ मैं ने अपना अराइवल टाइम दर्ज किया : दो बजे।  ...

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मां एक भावना, एहसास By miss k

आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसा रिश्ता, एहसास, भावना जिसे हर किसी ने महसूस किया ही होगा। कभी डांट तो कभी प्यार बनकर हमें सहलाती ‌। वो एहसास है मां। मां कोई भी हो केसी भी हो अमीर ह...

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If This Be Paradise By Alap Mankodi

Two nights before she was born, her parents shared a dream. In it stood a girl with eyes that saw past the horizon of now. The dream named her: Yashwi. It said she would be brillia...

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Story Of My Life When I Was Studying In Class 12 By Annesha Banerjee

When I was in class XII, my life was really boring as well as horrible.First I am going to tell you about the story of my online classes.  Due to the rise of the COVID 19 pandemic,...

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खामोश घर की व्यथा By Vandna Sharma

खामोश घर की व्यथाप्रिय पाठकों, क्या मेरी कहानी सुनोगे? मैं अब एक 45 वर्षीय इमारत हूँ। कभी मैं भी घर हुआ करता था। घर तो उसमें रहने वाले व्यक्तियों से ही बनता है ना, बिना सदस्यों के...

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ਮੈ..... By Mohammad Usman

ਭਾਗ - 1: ਇੱਕ ਨਵੀਂ ਸ਼ੁਰੂਆਤ​ਦੁਨੀਆ ਵਿੱਚ ਲੱਖਾਂ ਲੋਕ ਆਉਂਦੇ ਨੇ ਤੇ ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਨੇ। ਸਭ ਦੀ ਇੱਕੋ ਕਹਾਣੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ—ਜੰਮਣਾ, ਪੜ੍ਹਨਾ, ਕਮਾਉਣਾ ਤੇ ਭੀੜ ਦਾ ਹਿੱਸਾ ਬਣ ਕੇ ਰਹਿ ਜਾਣਾ। ਪਰ ਮੇਰੀ ਸੋਚ ਥੋੜ੍ਹੀ ਅਲੱਗ ਸੀ।...

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बारह बरश का इंतज़ार - 4 By kusum kumari

किटी... अंकित ने धीरे से कहा “ …कुसुम ने अपनी आंखें खोल दी ! “हम्म।” कुसुम ने धीरे से जवाब दिया ! “तुमने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया।”“क्यों  किया? तुम जवाब देना नहीं चाहती?”“नहीं।...

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चिड़चिड़ा By Vandna Sharma

कहानी *चिड़चिड़ा*कभी-कभी सबको प्यार बाँटने वाला भी प्यार के लिए प्यासा रह जाता है। यह कहानी एक ऐसे युवा की है जो दिल्ली की एमएनसी कंपनी में कार्यरत है। वर्कलोड के चलते हमेशा चिड़चि...

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