Best Short Stories Books in Gujarati, hindi, marathi and english language read and download PDF for free

मोरपंख भाग - 2
by Suraj Suryawanshi

(ती आता फार संतापली होती त्याच्यावर तशी तडक हातातली file खाली ठेवली आणि त्याच्यावर बरसू लागली )ओह...मिस्टर ! तुम्ही अजून माझा पाठलाग करताय ?? लाज नाही वाटत इथपर्यंत येऊन ...

लाईब्रेरी की लव स्टोरी
by Ravi maharshi

राज एक बिलकुल आवारा लड़का था उसे पढ़ाई से कोई मतलब नहीं था इसी साल वह फाइनल ईयर में फेल हुआ था और अपने कॉलेज में एक्स स्टूडेंट के ...

प्रभु दयालु है
by Pratap Singh

"चल जल्दी उठ!""सोने दो न माँ!"देख खुशी भी तैयार हो गयी, चल उठ जल्दी!""नहीं! जल्दी उठ...चर्च जाना है।"इस बार रहने दो न माँ, अगले हफ्ते चलूंगा।""नहीं! तू जल्दी कर, ...

આરોપ
by Sagar Oza

શીર્ષક : આરોપ“જોયું? તમે જોયું ને? આ બધુ ક્યાથી ક્યા પહોચ્યું? હું તમને દસ વર્ષ પહેલા કહેતો હતો. પણ તમે...તમે લાગણીના બંધનમાંથી બહાર આવવા જ ન્હોતા માંગતા. મને તો ...

પરફ્યુમ
by Nainsi Parmar

                                          પરફ્યુમનદીના પાણી જેવી શાંત અને નિર્મળ...હા,આવી જ છે ...

रिमझिम गिरे सावन
by Saroj Prajapati

झुलसा देने वाली गर्मी के बाद आज बादल सुबह से ही अपने पूरे शबाब में झूम झूमकर बरस रहे थे। मानो लोगों की दुआओं को पूरी करने में वो ...

जीवन ऊट पटाँगा - 7 - आप ही का साला
by Neelam Kulshreshtha

नीलम कुलश्रेष्ठ आदमी जिस जगह की मिट्टी से बना होता है वहीं के रिश्तेनाते उस में कहीं गहरे रचबस जाते हैं । न वह उसका पीछा छोड़ते हैं न ...

माऊली - भयकथा
by जयेश झोमटे

.मी जय  ??सादर करीत आहे एक  सत्यकथा  ..! जी ह्या कलियुगात सुद्धा भुत- प्रेत असतात ह्यावर विश्वास ठेवण्यास भाग पाडेल! सदर कथेत मी जे काही नाव आणि स्थळ लिहिले ...

सायलेंट पेन
by अनु...

भावनाओं की गिरहो से, आझाद यहाँ कोई नहीं । दर्द तकलीफे होती सभीको, औरत मर्द का फर्क नहीं । काल खेळता खेळता माझा तीन वर्षांचा मुलगा पडला, थोडं लागलं ...

वारी समर्पणाची
by मेघराज शेवाळकर

                             सारंग आशुतोषची वाट पहात बसला.. आशुतोषनेच त्याला तिथे बोलावले होते.." काय बोलायचंय.. महत्वाचं आहे म्हणे? ...

मेरी नजर से देखो - भाग 4 - समानता के अवसर या मौके का फायदा?
by Rajat Singhal

टिंग टोंग... लगता है मजबूरदास आ गया। मैने मेरी पत्नी को दरवाजे खोलने को रूक्का दिया। मेरी पत्नी ने अपने भाई की आवभगत की, फिर मैने पुछा ओर आजकल ...

ताश का आशियाना - भाग 7
by R.J. Artan

मुझे तब लगा वो अचानक से कन्फेशन से घबराई होंगी। जैसे 2 साल पहले मेरा हाल था उसी प्रकार उसका भी वही हाल था, पर जब वह 12वीं के ...

प्यार के वो पल
by डॉ मीरारामनिवास वर्मा

"मानसिकता"        दीनदयाल का कद रातों रात बढ़ गया । बेटी जानकी सिविल सेवा में पास  हो गई । दीनदयाल की बेटी पुलिस अफसर बन गई। खबर ...

જિંદગીની સફર સોદો
by Bhanuben Prajapati

       એક ગુલાબી સાડી માં સજ્જ ઊભી લલના ને જોઈ અનિરુદ્ધ ત્યાંજ ઊભો રહી ગયો.એજ રૂપાળા ગુલાબી હોઠ અને તેની ઉપર ચમકદાર હાસ્ય,એની મુખારવિંદ પર લટકતી સુંદર ...

खोखली प्रगतिशीलता
by राज कुमार कांदु

धनराज जी अपने बड़े सुपुत्र के लिए लड़की देखने आए हुए थे । मानसी को देखते ही उन्होंने उसे अपने बड़े बेटे हिमेश के लिए पसंद कर लिया  । ...

अंतिम इच्छा
by S Sinha

कहानी --अंतिम इच्छा      ऊपरवाले से बड़ा कहानीकार तो कोई नहीं हो सकता है .किसकी कहानी कैसी होगी , कितनी लम्बी या छोटी , सुखान्त या दुखांत कब और ...

Sohib learnt a lesson
by Muskan Yadav

Sohib was walking down the green park when he saw a girl who was learning to ride a bicycle. As he watched her he thought of  surbhi. Slowly a ...

દોસ્તી
by Rutvi

દોસ્તી, મિત્રતા, ફ્રેન્ડશીપ      દોસ્તી બધા ના જીવન માં હોય છે ના ના ના દોસ્તી નહીં પરંતુ દોસ્ત બધાં ના જીવન માં હોય છે સાહેબ             દોસ્તી ની કોઈ ...

मोरपंख भाग - 1
by Suraj Suryawanshi

मोरपंख - भाग 1मोरपंखऑफिसचा पहिला दिवस म्हणून निखिल बस स्टॉप वर सर्व काम आटपून नेहमी प्रमाणे कासव गतीने न येता थोडा लवकरच आला होता.हातात घडयाळ ढुंकून पाहिलं तर 8 ...

अपराधी
by मेघराज शेवाळकर

   अनघा थोडी घाबरतच रेस्टोरंट मध्ये शिरली.. जनरली मुलगी बघण्याचा कार्यक्रम घरातच होतं असतो पण.. पण असीमने हट्टाने बाहेरच भेटायचे असं सांगितलं.. आता त्याने सांगितल्यावर माई आढेवेढे घेत तयार ...

दोषी
by डॉ मीरारामनिवास वर्मा

"दोषी"        जया पति के होते हुए अकेली थी।  बच्चों का पालन पोषण कर रही थी। पढ़ लिखकर बेटी अपने घर की हो गई। बेटा पढ़ रहा ...

‘अमृत-अणु’ की खोज
by Anand M Mishra

कोरोना के कारण जिंदगी थोड़ी धीमी चलने लगी। सर्वत्र खामोशी छाई हुई है! अब प्रकृति से जनसामान्य जुड़ने की चेष्टा में है। सुबह प्रकृति सभी से चिड़िया की चहचहाहट ...

સાચું જીવન
by DIPAK CHITNIS

સાચું જીવન   ધીમે ધીમે મોટા શહેરોમાં ફેશન થવા માંડી છે, રાત્રે મોડા સુધી લોકો સામાજીક કે મોજશોખના કામે બહાર રોકાતા થઇ ગયેલ છે. પરંતુ જ્યારે ઘરમાં પુત્ર-પત્ની તથા ...

निपुत्र
by Kavi Sagar chavan

                                                रस्त्यावर भरभर गाड्यांचे येणे जाणे सुरू होते. नेहमीच असे व्हायचे.. बाजारात जाण्यासाठी प्रत्येकाला  घाई .. आणि सोबत वाजणाऱ्या  हॉर्नचा आवाज  त्रस्त करत. त्यामुळं मुलांना  शिकवन्यात अडचण निर्माण  होत असे. ...

ડુમો
by Nimu Chauhan Saanj

    આંખોની કીકીઓ પલકારો પણ મારતી ના હતી ચંદ્રની સામે એકીટશે જોવા જ કરે છે, આંખો અશ્રુઓ થી ઉભરાતી રાતીચોળ થઈ ચુકી ઓશીકા પર એક પડખે સુતા એ ...

अपना घर
by Saroj Prajapati

उर्मी संयुक्त परिवार में हुई थी। परिवार में जेठ जेठानी, सास ससुर व पति सुकेश । कुछ ही दिनों में उर्मी को अच्छे से पता चल गया कि घर ...

एक्स्ट्रा कमाई
by satish bhardwaj

एक युवा का चयन अवर अभियंता (जे. इ.) के पद पर सिंचाई विभाग में हुआ। कुछ दिन बाद उनको पत्र आया कि नहर के किनारे वृक्षारोपण करवाइए। उन्होंने संबंधित ...

ડો મીરાની સેવાશ્રમ ની સફર
by ડો. માધવી ઠાકર

મારી કાલ્પનિક રચના શીષઁક - ડો .મીરાની સેવાશ્રમની સફર આજે ફરી એજ મુંજવણ  સાથે ઘરે પહોંચી પ્રશ્ન હતો મમ્મી પપ્પા ને કેવી રીતે મનાવીશ ? સેવાશ્રમમાં નોકરી કરવાની ઇચ્છા છેલ્લા ૬ ...

છેલ્લું ફુલ
by Real

૭ મહિના, ૧૪ દિવસ, ૮ કલાક, ૪૬ મિનિટ અને ૨૦ સેકન્ડ થી રાહ જોતી દિવ્યા.... ફરીથી એ જ વિચાર માં ખોવાઈ ગઈ કે જ્યારે મીલનને તે છેલ્લીવાર મળી હતી.તું ...

माटी से प्यार
by डॉ मीरारामनिवास वर्मा

माटी से प्यार"                 भोलानाथ का जीवन माटी में रचा बसा सादगीभरा था। खेती-बाड़ी का काम पिता से विरासत में मिला था। भोलानाथ ...

जीवन ऊट पटाँगा - 6 - दो पाटों के बीच बतर्ज़ सैंडविच
by Neelam Kulshreshtha

बीच वाले [ नीलम कुलश्रेष्ठ ] बुआ ने अब की बार बोरिया बिस्तर हमारे यहाँ पटककर झंडा गाढ़ दिया कि उर्मि की शादी किये बिना यहां से नहीं टलेंगी। ...

पुराना हैंडपम्प...
by Saroj Verma

बहुत सालों बाद अपने गांव जाने का मौका मिला,जो कि मेरी जन्मभूमि है,सोचा था कि गांव की सैर करते हुए खेतों में भी टहल लेंगे,हरे चने,हरे मटर और बेरों ...