Best Short Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultur...Read More


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  • देवकी का आशीर्वाद

    चिन्मयी देवी ने गहनों का डिब्बा बहुत धीरे-धीरे खोला। एक-एक करके उन्होंने गले का...

  • His Son, My Fate - 1

    A ruthless ceo bound by loyalty and darknessA woman who swore never to loveAnd a...

  • भगवान गणेश

    **प्रथम पूज्य श्री गणेश: जन्म, लीला और महिमा की विस्तृत कथा**सनातन हिंदू धर्म मे...

Control : The power that Define Us By Ashish

He who conquers others is strong; He who conquers himself is mighty.Every day, we try to be strong. Very few of us try to be mighty.Imagine a powerful car on an open highway.The en...

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बाबूजी की दुकान By Deepak sharma

                मेरा गणित का पर्चा अच्छा हुआ था. पर्चा देते ही मैं बाबूजी की दुकान पर आ गया.             &nbsp...

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प्रेरणास्पंदन - 4-5 By Bhupendra Kuldeep

अध्याय :4जीवन की मशाल और संघर्ष का संकल्प                     मानव जीवन एक ऐसी सरिता के समान है जो निरंतरप्रवाहित होती रहती है। इस मार्ग में कई बार बड़े-बड़े पत्थर और चट्टानेंरुकावट ...

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शरीक़-ए- ज़िंदगी By Shree Kriti

कॉलेज रियूनियन की पार्टी अपने पूरे शबाब पर थी। पुरानी यादों की महक के बीच घुलने सब आये थे...वाणी भी आई थी...आखिर पुराने दोस्तों से मिलने की बात ही कुछ और होती है। कुछ ही देर बाद उस...

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देवकी का आशीर्वाद By Rajkumar Mahato

चिन्मयी देवी ने गहनों का डिब्बा बहुत धीरे-धीरे खोला। एक-एक करके उन्होंने गले का हार, कानों के झुमके, माथे का टीका और नाक की नथ निकाली। सबसे अंत में उन्होंने एक जोड़ी चूड़ियाँ निकाल...

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घरच्या आंब्यांची कहाणी By Vrishali Gotkhindikar

#आंबा पहिल्यापासून अतिशय आवडत फळ फळांचा राजाच तो .. त्यात घरी वडिलांना आंब्याची अतिशय आवड अगदी बाजारात आंबा आल्यापासून ते आंबा मिळणे बंद होईपर्यंत घरी आमरस असायचा मात्र त्यावेळी जा...

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सजा.....बिना कसूर की By Soni shakya

प्रिया पाठको,,यह एक  सामाजिक कहानी है ।जिसे मैंने अपने शब्दों के मोती में पिरोकर माला बनाने की कोशिश की है ।अपना स्नेह और आशीर्वाद बनाए रखिएगा .......        ........        .........

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His Son, My Fate - 1 By jan

A ruthless ceo bound by loyalty and darknessA woman who swore never to loveAnd a son who felt the want of another woman as his momWhat will happen when nirav asks for mom's fig...

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અણનમ By Dipkunvarba Solanki

અચાનક એક દિવસ દ્વિધા ને સોશિયલ મીડિયામાં અજાણ્યો મેસેજ આવ્યો.દ્વિધા પહેલા તો તે ધ્યાનમાં લેતી નથી, પરંતુ તેને કોઈ પોસ્ટના કૉમેન્ટ માં લખેલી શાયરીના સંદર્ભે મેસેજ હતો, તેથી અચાનક જા...

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आमंत्रण By Ramesh Desai

                                               प्रतिकात्मक तसवीर                                           एक सच्ची कथा         ऊस ने मुझे पहली मुलाकात में यही बताया था।       "मेर...

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चोर पर मोर By Veena Vij

     लोह पर मक्की की मोटी-मोटी रोटियां थापती वीरों के दिमाग में विचारों के अंधड़ चल रहे थे। नीचे से लोह को तपाता हुआ आग के बवंडर का सेंक उसके गालों को लाल करने की अप...

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भगवान गणेश By Ram Make

**प्रथम पूज्य श्री गणेश: जन्म, लीला और महिमा की विस्तृत कथा**सनातन हिंदू धर्म में भगवान गणेश का स्थान अत्यंत विशिष्ट और सर्वोच्च है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, विवाह, या अनुष्ठान की...

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मंजिले - भाग 46 By Neeraj Sharma

--------" कब्ज " एक हैरत अंदाज की कहानी --- " न मुराद ये बीमारी हमें ही नहीं, मेरे जिगर को भी है। मेरी बेगम सलमा को भी है, और बेटी नसीबा को भी है। " जैसे नबाब पिता अब्दुल रो पड़ा। ह...

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कलयुगी तपस्वी - यूनिकॉर्न By Veena Vij

 "ओए रोशन, ट्यूबवेल का पानी बंद करा कि नहीं? स्कूल जाने से पहले बंद कर देना याद से। "  कहते हुए रोशन के बापूजी ने साइकिल आगे बढ़ा दी और अपने ऑफिस चले गए।  रोशन ने नज...

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मैग्नोलिया जैसी खिली By Veena Vij

जाड़ों में जब वृक्ष एकदम रूखे और नंगे हो जाते हैं यहां तक कि उनकी चमड़ी भी उधड़ने लगती है, तब झील की ओर से ठंडी तेज हवा वैसे ही हाहाकार करती हुई उठती है जैसे बर्फ से जमी  हुई...

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मूक क्रंदन By Veena Vij

    "कुछ चाय वाय पी हो कि नहीं?-सुबह उठते ही रियाज़ करने बैठ जाती हो बिटिया! " दद्दा के पूछने पर मेरे हाथ की उंगलियां सितार के तारों पर वहीं रुक गईं और उनकी लाड़ भरी परवा...

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काण विवाह By Veena Vij

(यह कहानी छत्तीसगढ़ी भाषा में ना लिखकर साधारण भाषा में लिखी गई है)  छत्तीसगढ़ में सबसे घने जंगल को नंदनवन कहते हैं। यहां कुठामुड़ा गांव में हाथी बहुत होते हैं । यहां के लोग रा...

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સંબંધો ના ડિપ્લોમેટ કિશન કાકા - 1 By AKHIL KUMAR

મારે અમેરિકા માં આશરે ૬ વર્ષ થઈ ગયા.  અમેરિકા માં મે ઘણા બધા લોકો સાથે કામ કર્યું.  મારે કેલિફોર્નિયા માં સ્ટડિ કર્યું એ દરમિયાન મે ઘણા બધા ગુજરાતી મૉટેલ ઓનર સાથે કામ કર્યું.  ઘણી...

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ಧ್ವನಿ By Saandeep Joshi

ಮಲೆನಾಡಿನ ಆ ದಟ್ಟ ಅರಣ್ಯದ ಅಂಚಿನಲ್ಲಿರುವ 'ಗುಡ್ಡೆಮನೆಯಲ್ಲಿ ಪರಮೇಶ ಒಬ್ಬನೇ ವಾಸವಾಗಿದ್ದ. ಹಸಿರು ಹಚ್ಚಡದ ನಡುವೆ ಆ ಹಳೆಯ ಹೆಂಚಿನ ಮನೆ ಸುಂದರವಾಗಿ ಕಂಡರೂ, ರಾತ್ರಿಯಾಗುತ್ತಿದ್ದಂತೆ ಅದರ ಸುತ್ತಲೂ ಒಂದು ಭೀಕರ ಮೌ...

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जीएसटी और इनकम टैक्स भ्रष्टाचार By JUGAL KISHORE SHARMA

नियमों के नाम पर डर का कारोबार देखा है,हमने सिस्टम में खुला भ्रष्टाचार देखा है।नोटिस भी अब यहाँ न्याय नहीं, हथियार बने,हर कदम पर शोषण का विस्तार देखा है।कानून की हर पंक्ति अलग मतलब...

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নতুন শহর - 2 By Sohagi Baski

পরের দিনটা আরোহীর জন্য অদ্ভুত ভারী ছিল।সবকিছু আগের মতোই—ক্লাস, নোটস, মীনার endless কথা…কিন্তু তবুও যেন কিছু একটা missing।আরোহী নিজেকে বারবার বোঝানোর চেষ্টা করছিল—“এটা কিছু না… just...

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પાપા વગર અધૂરી ખુશી By AKHIL KUMAR

૨૪ કલાક ની લાબી ફ્લાઇટ પછી મારા મમ્મી પહેલી વખત અમેરિકા ના શિકાગો એરપોર્ટ ઉપર પહોંચ્યા પાપા ના ગયા પછી ઘણા લાબા સમય પછી હુ મમ્મી ને એરપોર્ટ ઉપર મળ્યો.   એ દ્રશ્ય ક્યારેય ભૂલાય એમ ન...

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मुनक्का के बीज By राज बोहरे

कहानी : राजनारायण बोहरे   मुनक्का के बीज   वैद्य जी ने सिल्ली  की नब्ज पर उँगली रखी। आँखें बंद करके चुप हो के बैठ गये, जैसे किसी गहरे गणित में डूब गए हों। वैद्य जी उम्र से अधेड़ थे...

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मिठास ज़िंदगी की By Rakesh Kaul

मिठास ज़िंदगी की बीना के जाने के बाद आज मैं ख़ुद को बिलकुल तन्हा महसूस कर रहा हूँ | इतना लम्बा वक़्त साथ गुज़ारने के बाद पति-पत्नी एक-दूसरे के इस कद्र आदी हो जाते हैं कि वे उनके बिना र...

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દંતકથા By Hardik Judo

આપણા સમાજમાં સામાન્ય રીતે ઘણી વાતો ઘણી વાર્તાઓ ઘણી કથાઓ એવી હોય છે જે દંત કથાઓ તરીકે ઓળખાય છે સામાન્ય રીતે આ વાતોમાં સામાન્ય જીવનશૈલી અને સામાન્ય લોકોના અનુભવો જોડાયેલા હોય છે આવી...

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Jareer and the Chocolate Factory By Sameer Khan Brohi

Jareer and the Chocolate Factory Author: Sameer Khan BrohiThis novel is entirely a work of fiction. The names, characters, and incidents portrayed in it are the work of the author’...

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साँझ का करघा By राज बोहरे

साँझ का करघा उस घर की लय घड़ी की सुइयों से नहीं, बल्कि करघे की उस निरंतर होने वाली 'खट-खट' से तय होती थी जो कभी रुकती नहीं थी। दीनू के उस संकरे और नीची छत वाले कमरे की हवा कभी साफ...

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ડિજિટલ શિક્ષણ વિરુદ્ધ પરંપરાગત શિક્ષણ: એક મનોમંથન By I AM ER U.D.SUTHAR

ડિજિટલ શિક્ષણ વિરુદ્ધ પરંપરાગત શિક્ષણ: એક મનોમંથનહમણાં દિવ્ય ભાસ્કરમાં પેપર વાંચતા એક સમાચાર પર મારી નજર પડી એના એના પરથી મગજમાં ઉદ્ભવેલા વિચારોમાંથી આર્ટીકલ લખવાની ઈચ્છા થઈ જે હું...

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कारखाना By राज बोहरे

कहानी: कारखाना    “आप अगर मेरा साथ दोगे तो मैं अपने कारखाने को मिला इतना बड़ा ऑर्डर स्वीकार कर पाऊंगा… नहीं तो मैं मना कर देता हूँ।” तरुण भल्ला की आवाज़ में एक अजीब-सी सधी हुई नरमी...

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ಲೂಪ್ By Saandeep Joshi

ಬೆಂಗಳೂರಿನ ಒಂದು ಅತ್ಯಾಧುನಿಕ ಅಪಾರ್ಟ್‌ಮೆಂಟ್‌ನ 24ನೇ ಮಹಡಿಯ ಕೊನೆಯ ಕೋಣೆಯಲ್ಲಿ ಅರ್ಜುನ್ ಬೆವರುತ್ತಾ ಕುಳಿತಿದ್ದ. ಹೊರಗೆ ಮಳೆ ಸುರಿಯುತ್ತಿರಲಿಲ್ಲ, ಬದಲಾಗಿ ಸಮಯವೇ ಘನೀಕರಿಸಿದಂತೆ ಭಾಸವಾಗುತ್ತಿತ್ತು. ಅವನ ಎದುರಿಗಿ...

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खलनायक By Ramesh Desai

                           खलनायक ??  रंजन कुमार देसाई                                 कल उस ने दोबारा ख़ुदकुशी करने का प्रयास किया था. उस वजह से भरत समेत कोई रात को सो नहीं पाया था...

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સમયનું ચક્ર By Nayana Viradiya

                  રાતના ત્રણેક વાગ્યા હતા. દિવાલ પરની ઘડિયાળનો ટિક-ટિક અવાજ જાણે રીધમના હૃદય પર હથોડા મારી રહ્યો હતો. જેવી આંખો બંધ કરતો હતો કે તરત જ  ભૂતકાળ ડોકિયું કરતો ને જેવી આ...

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घर लौटती पगडंडी By राज बोहरे

कहानी: घर लौटती पगडंडी मचान पर खड़ा ज्ञान सिंह दूर तक फैले खेत को देख रहा था। गेहूं की सुनहरी फसल अब कटकर ढेरों में बदल चुकी थी। हवा में भूसे की हल्की गंध तैर रही थी। उसने आंखें मि...

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చీకటిలో మనసు - 2 By swathi

లక్ష్మి కళ్లలో నిప్పులు కురుస్తుండగా, గొంతులో వేదనతో అతడిని నిలదీసింది. "నిజమే.. నేను వేశ్యనే! కానీ నేను ఎలా అయ్యానో నీకు తెలుసా? నా తల్లిదండ్రులు ఎవరో తెలియదు.. ఆకలితో రోడ్డు పక్క...

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મોભારે નાગ અને ઓસરીમાં ઈતિહાસ By Ashoksinh jadeja

    ગામના પાદરે જ્યાંથી માનવીના પગરવ શમી જાય અને સીમની વગડાઉ હવાના સુસવાટા શરૂ થાય, ત્યાં અમારું એ બે રૂમનું નળિયાવાળું ખોરડું સીમનો રખેવાળ થઈને અડીખમ ઊભું હતું. આજુબાજુ કોઈ માનવીન...

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પુર્વજન્મનો પડછાયો By Nayana Viradiya

માન્યતા એક સીધીસાદી છોકરી હતી. તે અમદાવાદના એક શાંત વિસ્તારમાં રહેતી હતી, સવારે યોગ કરતી, કોલેજ જતી અને સાંજે પોતાના વિચારોમાં ખોવાઈ જતી. આ જ મોટાભાગનુ તેનું રૂટિન રહેતું. બહારથી જ...

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जड़ें By राज बोहरे

जड़ें  सावित्री देवी अक्सर खिड़की के पास बैठ जातीं। बाहर लगे नीम के पेड़ को देखतीं और सोचतीं— “जैसे इस पेड़ की जड़ें मिट्टी से जुड़ी हैं, वैसे ही इंसान की जड़ें उसके परिवार से जुड़...

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गंगा की पुकार By Shivraj Bhokare

गंगा की पुकार(“यह एक सच्ची घटना पर आधारित चेतावनी है, कोई काल्पनिक कहानी नहीं।”)भाइयों और बहनों,ज़रा ठहरकर सोचिए। एक 86 साल का वृद्ध। कोई साधारण व्यक्ति नहीं—आईआईटी कानपुर का पूर्व...

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ನಾನು ಯಾರು? By Saandeep Joshi

ಬೆಂಗಳೂರಿನ ಮೆಜೆಸ್ಟಿಕ್ ಬಸ್ ನಿಲ್ದಾಣದ ಆ ಗದ್ದಲದ ನಡುವೆ ಸಮರ್ಥ್ ಮೌನವಾಗಿ ನಿಂತಿದ್ದ. ಸುತ್ತಲೂ ಸಾವಿರಾರು ಜನ ಓಡುತ್ತಿದ್ದರು, ಬಸ್‌ಗಳ ಹಾರ್ನ್ ಸದ್ದು, ಮಸಾಲೆ ಪುರಿಯ ವಾಸನೆ, ಜನರ ಚೀರಾಟ ಎಲ್ಲವೂ ಎಂದಿನಂತೆ ಇತ್ತು....

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हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया By Devendra Kumar

हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया उस दिन लोधी रोड श्मशान घाट में खाकी वर्दी में बहुत लोग उपस्थित थे, विद्युत् शवदाह अर्थात  इलेक्ट्रिक क्रेमेटोरियम के पास ही एक तरफ दो बिगुलर भी चुपच...

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The Cursed Afternoon. The Final Page of My Diary By Rayhana Yasmin Ray

In a cursed reality, some people are born only to love, not to receive love."And I am one of them."That day was very colorful, yet there was a shadow of sadness in my mind.I had cr...

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सेंध By राज बोहरे

                                              सेंध धूप की एक धार मंदिर के अधबने प्रांगण में तिरछी कटती हुई गिर रही थी। हवा में महीन धूल तैर रही थी—इतनी हल्की कि दिखती नहीं, पर सांस...

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રિયા: સ્મૃતિના ઉંમરે By Ashoksinh jadeja

     એ દિવસો યાદ કરું છું તો આજે પણ છાતીમાં એક અજીબ ડૂમો ભરાય છે. કોલેજના એ ભરચક ક્લાસમાં રિયા જ્યારે બેસતી, ત્યારે આખું જગત થંભી જતું. ગોરો વાન, નાની પટપટી આંખો અને એ લાંબા ભૂરા વ...

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इन गुड फ़ेथ By Deepak sharma

                   सन उन्नीस सौ उनसठ के उस दिन किशोर अपने पैतृक गांव से लौटा था।जहां वह दसवीं की अपनी परीक्षा के बाद हुई लंबी छुट्...

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कर्ज़ By राज बोहरे

                                                           कर्ज़ हेड क्लर्क नागर ने अपनी मेज़ पर रखी पीतल की पुरानी घंटी को उँगलियों से दो बार थपथपाया—“टन्… टन्…”। दफ्तर की दीवारों...

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डर By राज बोहरे

                                                          डर   शाम उतर रही थी—धीरे-धीरे, जैसे किसी बूढ़े लेखक की कलम थककर कागज़ पर रेंग रही हो। दफ्तर की घड़ी ने पाँच बजाए, और दिनेश...

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टूटकर भी मुस्कुराती रही By aakanksha

पूर्वांचल के एक छोटे से गाँव में नंदिनी रहती थी—मिट्टी के घर, कच्ची गलियाँ और सपनों से भरी आँखें। घर में गरीबी थी, लेकिन उसके इरादे बहुत अमीर थे। माँ अक्सर कहतीं—“बेटी, जिंदगी आसान...

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Minoo Master By Ramesh Desai

                                                                    Minoo Master-  (2)           A story  by Ranjan Kumar Desai      " Papa! I am Kishore calling? "      " Yes, boy...

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Control : The power that Define Us By Ashish

He who conquers others is strong; He who conquers himself is mighty.Every day, we try to be strong. Very few of us try to be mighty.Imagine a powerful car on an open highway.The en...

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बाबूजी की दुकान By Deepak sharma

                मेरा गणित का पर्चा अच्छा हुआ था. पर्चा देते ही मैं बाबूजी की दुकान पर आ गया.             &nbsp...

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प्रेरणास्पंदन - 4-5 By Bhupendra Kuldeep

अध्याय :4जीवन की मशाल और संघर्ष का संकल्प                     मानव जीवन एक ऐसी सरिता के समान है जो निरंतरप्रवाहित होती रहती है। इस मार्ग में कई बार बड़े-बड़े पत्थर और चट्टानेंरुकावट ...

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शरीक़-ए- ज़िंदगी By Shree Kriti

कॉलेज रियूनियन की पार्टी अपने पूरे शबाब पर थी। पुरानी यादों की महक के बीच घुलने सब आये थे...वाणी भी आई थी...आखिर पुराने दोस्तों से मिलने की बात ही कुछ और होती है। कुछ ही देर बाद उस...

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देवकी का आशीर्वाद By Rajkumar Mahato

चिन्मयी देवी ने गहनों का डिब्बा बहुत धीरे-धीरे खोला। एक-एक करके उन्होंने गले का हार, कानों के झुमके, माथे का टीका और नाक की नथ निकाली। सबसे अंत में उन्होंने एक जोड़ी चूड़ियाँ निकाल...

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घरच्या आंब्यांची कहाणी By Vrishali Gotkhindikar

#आंबा पहिल्यापासून अतिशय आवडत फळ फळांचा राजाच तो .. त्यात घरी वडिलांना आंब्याची अतिशय आवड अगदी बाजारात आंबा आल्यापासून ते आंबा मिळणे बंद होईपर्यंत घरी आमरस असायचा मात्र त्यावेळी जा...

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सजा.....बिना कसूर की By Soni shakya

प्रिया पाठको,,यह एक  सामाजिक कहानी है ।जिसे मैंने अपने शब्दों के मोती में पिरोकर माला बनाने की कोशिश की है ।अपना स्नेह और आशीर्वाद बनाए रखिएगा .......        ........        .........

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His Son, My Fate - 1 By jan

A ruthless ceo bound by loyalty and darknessA woman who swore never to loveAnd a son who felt the want of another woman as his momWhat will happen when nirav asks for mom's fig...

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અણનમ By Dipkunvarba Solanki

અચાનક એક દિવસ દ્વિધા ને સોશિયલ મીડિયામાં અજાણ્યો મેસેજ આવ્યો.દ્વિધા પહેલા તો તે ધ્યાનમાં લેતી નથી, પરંતુ તેને કોઈ પોસ્ટના કૉમેન્ટ માં લખેલી શાયરીના સંદર્ભે મેસેજ હતો, તેથી અચાનક જા...

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आमंत्रण By Ramesh Desai

                                               प्रतिकात्मक तसवीर                                           एक सच्ची कथा         ऊस ने मुझे पहली मुलाकात में यही बताया था।       "मेर...

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चोर पर मोर By Veena Vij

     लोह पर मक्की की मोटी-मोटी रोटियां थापती वीरों के दिमाग में विचारों के अंधड़ चल रहे थे। नीचे से लोह को तपाता हुआ आग के बवंडर का सेंक उसके गालों को लाल करने की अप...

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भगवान गणेश By Ram Make

**प्रथम पूज्य श्री गणेश: जन्म, लीला और महिमा की विस्तृत कथा**सनातन हिंदू धर्म में भगवान गणेश का स्थान अत्यंत विशिष्ट और सर्वोच्च है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, विवाह, या अनुष्ठान की...

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मंजिले - भाग 46 By Neeraj Sharma

--------" कब्ज " एक हैरत अंदाज की कहानी --- " न मुराद ये बीमारी हमें ही नहीं, मेरे जिगर को भी है। मेरी बेगम सलमा को भी है, और बेटी नसीबा को भी है। " जैसे नबाब पिता अब्दुल रो पड़ा। ह...

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कलयुगी तपस्वी - यूनिकॉर्न By Veena Vij

 "ओए रोशन, ट्यूबवेल का पानी बंद करा कि नहीं? स्कूल जाने से पहले बंद कर देना याद से। "  कहते हुए रोशन के बापूजी ने साइकिल आगे बढ़ा दी और अपने ऑफिस चले गए।  रोशन ने नज...

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मैग्नोलिया जैसी खिली By Veena Vij

जाड़ों में जब वृक्ष एकदम रूखे और नंगे हो जाते हैं यहां तक कि उनकी चमड़ी भी उधड़ने लगती है, तब झील की ओर से ठंडी तेज हवा वैसे ही हाहाकार करती हुई उठती है जैसे बर्फ से जमी  हुई...

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मूक क्रंदन By Veena Vij

    "कुछ चाय वाय पी हो कि नहीं?-सुबह उठते ही रियाज़ करने बैठ जाती हो बिटिया! " दद्दा के पूछने पर मेरे हाथ की उंगलियां सितार के तारों पर वहीं रुक गईं और उनकी लाड़ भरी परवा...

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काण विवाह By Veena Vij

(यह कहानी छत्तीसगढ़ी भाषा में ना लिखकर साधारण भाषा में लिखी गई है)  छत्तीसगढ़ में सबसे घने जंगल को नंदनवन कहते हैं। यहां कुठामुड़ा गांव में हाथी बहुत होते हैं । यहां के लोग रा...

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સંબંધો ના ડિપ્લોમેટ કિશન કાકા - 1 By AKHIL KUMAR

મારે અમેરિકા માં આશરે ૬ વર્ષ થઈ ગયા.  અમેરિકા માં મે ઘણા બધા લોકો સાથે કામ કર્યું.  મારે કેલિફોર્નિયા માં સ્ટડિ કર્યું એ દરમિયાન મે ઘણા બધા ગુજરાતી મૉટેલ ઓનર સાથે કામ કર્યું.  ઘણી...

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ಧ್ವನಿ By Saandeep Joshi

ಮಲೆನಾಡಿನ ಆ ದಟ್ಟ ಅರಣ್ಯದ ಅಂಚಿನಲ್ಲಿರುವ 'ಗುಡ್ಡೆಮನೆಯಲ್ಲಿ ಪರಮೇಶ ಒಬ್ಬನೇ ವಾಸವಾಗಿದ್ದ. ಹಸಿರು ಹಚ್ಚಡದ ನಡುವೆ ಆ ಹಳೆಯ ಹೆಂಚಿನ ಮನೆ ಸುಂದರವಾಗಿ ಕಂಡರೂ, ರಾತ್ರಿಯಾಗುತ್ತಿದ್ದಂತೆ ಅದರ ಸುತ್ತಲೂ ಒಂದು ಭೀಕರ ಮೌ...

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जीएसटी और इनकम टैक्स भ्रष्टाचार By JUGAL KISHORE SHARMA

नियमों के नाम पर डर का कारोबार देखा है,हमने सिस्टम में खुला भ्रष्टाचार देखा है।नोटिस भी अब यहाँ न्याय नहीं, हथियार बने,हर कदम पर शोषण का विस्तार देखा है।कानून की हर पंक्ति अलग मतलब...

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নতুন শহর - 2 By Sohagi Baski

পরের দিনটা আরোহীর জন্য অদ্ভুত ভারী ছিল।সবকিছু আগের মতোই—ক্লাস, নোটস, মীনার endless কথা…কিন্তু তবুও যেন কিছু একটা missing।আরোহী নিজেকে বারবার বোঝানোর চেষ্টা করছিল—“এটা কিছু না… just...

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પાપા વગર અધૂરી ખુશી By AKHIL KUMAR

૨૪ કલાક ની લાબી ફ્લાઇટ પછી મારા મમ્મી પહેલી વખત અમેરિકા ના શિકાગો એરપોર્ટ ઉપર પહોંચ્યા પાપા ના ગયા પછી ઘણા લાબા સમય પછી હુ મમ્મી ને એરપોર્ટ ઉપર મળ્યો.   એ દ્રશ્ય ક્યારેય ભૂલાય એમ ન...

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मुनक्का के बीज By राज बोहरे

कहानी : राजनारायण बोहरे   मुनक्का के बीज   वैद्य जी ने सिल्ली  की नब्ज पर उँगली रखी। आँखें बंद करके चुप हो के बैठ गये, जैसे किसी गहरे गणित में डूब गए हों। वैद्य जी उम्र से अधेड़ थे...

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मिठास ज़िंदगी की By Rakesh Kaul

मिठास ज़िंदगी की बीना के जाने के बाद आज मैं ख़ुद को बिलकुल तन्हा महसूस कर रहा हूँ | इतना लम्बा वक़्त साथ गुज़ारने के बाद पति-पत्नी एक-दूसरे के इस कद्र आदी हो जाते हैं कि वे उनके बिना र...

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દંતકથા By Hardik Judo

આપણા સમાજમાં સામાન્ય રીતે ઘણી વાતો ઘણી વાર્તાઓ ઘણી કથાઓ એવી હોય છે જે દંત કથાઓ તરીકે ઓળખાય છે સામાન્ય રીતે આ વાતોમાં સામાન્ય જીવનશૈલી અને સામાન્ય લોકોના અનુભવો જોડાયેલા હોય છે આવી...

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Jareer and the Chocolate Factory By Sameer Khan Brohi

Jareer and the Chocolate Factory Author: Sameer Khan BrohiThis novel is entirely a work of fiction. The names, characters, and incidents portrayed in it are the work of the author’...

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साँझ का करघा By राज बोहरे

साँझ का करघा उस घर की लय घड़ी की सुइयों से नहीं, बल्कि करघे की उस निरंतर होने वाली 'खट-खट' से तय होती थी जो कभी रुकती नहीं थी। दीनू के उस संकरे और नीची छत वाले कमरे की हवा कभी साफ...

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ડિજિટલ શિક્ષણ વિરુદ્ધ પરંપરાગત શિક્ષણ: એક મનોમંથન By I AM ER U.D.SUTHAR

ડિજિટલ શિક્ષણ વિરુદ્ધ પરંપરાગત શિક્ષણ: એક મનોમંથનહમણાં દિવ્ય ભાસ્કરમાં પેપર વાંચતા એક સમાચાર પર મારી નજર પડી એના એના પરથી મગજમાં ઉદ્ભવેલા વિચારોમાંથી આર્ટીકલ લખવાની ઈચ્છા થઈ જે હું...

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कारखाना By राज बोहरे

कहानी: कारखाना    “आप अगर मेरा साथ दोगे तो मैं अपने कारखाने को मिला इतना बड़ा ऑर्डर स्वीकार कर पाऊंगा… नहीं तो मैं मना कर देता हूँ।” तरुण भल्ला की आवाज़ में एक अजीब-सी सधी हुई नरमी...

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ಲೂಪ್ By Saandeep Joshi

ಬೆಂಗಳೂರಿನ ಒಂದು ಅತ್ಯಾಧುನಿಕ ಅಪಾರ್ಟ್‌ಮೆಂಟ್‌ನ 24ನೇ ಮಹಡಿಯ ಕೊನೆಯ ಕೋಣೆಯಲ್ಲಿ ಅರ್ಜುನ್ ಬೆವರುತ್ತಾ ಕುಳಿತಿದ್ದ. ಹೊರಗೆ ಮಳೆ ಸುರಿಯುತ್ತಿರಲಿಲ್ಲ, ಬದಲಾಗಿ ಸಮಯವೇ ಘನೀಕರಿಸಿದಂತೆ ಭಾಸವಾಗುತ್ತಿತ್ತು. ಅವನ ಎದುರಿಗಿ...

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खलनायक By Ramesh Desai

                           खलनायक ??  रंजन कुमार देसाई                                 कल उस ने दोबारा ख़ुदकुशी करने का प्रयास किया था. उस वजह से भरत समेत कोई रात को सो नहीं पाया था...

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સમયનું ચક્ર By Nayana Viradiya

                  રાતના ત્રણેક વાગ્યા હતા. દિવાલ પરની ઘડિયાળનો ટિક-ટિક અવાજ જાણે રીધમના હૃદય પર હથોડા મારી રહ્યો હતો. જેવી આંખો બંધ કરતો હતો કે તરત જ  ભૂતકાળ ડોકિયું કરતો ને જેવી આ...

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घर लौटती पगडंडी By राज बोहरे

कहानी: घर लौटती पगडंडी मचान पर खड़ा ज्ञान सिंह दूर तक फैले खेत को देख रहा था। गेहूं की सुनहरी फसल अब कटकर ढेरों में बदल चुकी थी। हवा में भूसे की हल्की गंध तैर रही थी। उसने आंखें मि...

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చీకటిలో మనసు - 2 By swathi

లక్ష్మి కళ్లలో నిప్పులు కురుస్తుండగా, గొంతులో వేదనతో అతడిని నిలదీసింది. "నిజమే.. నేను వేశ్యనే! కానీ నేను ఎలా అయ్యానో నీకు తెలుసా? నా తల్లిదండ్రులు ఎవరో తెలియదు.. ఆకలితో రోడ్డు పక్క...

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મોભારે નાગ અને ઓસરીમાં ઈતિહાસ By Ashoksinh jadeja

    ગામના પાદરે જ્યાંથી માનવીના પગરવ શમી જાય અને સીમની વગડાઉ હવાના સુસવાટા શરૂ થાય, ત્યાં અમારું એ બે રૂમનું નળિયાવાળું ખોરડું સીમનો રખેવાળ થઈને અડીખમ ઊભું હતું. આજુબાજુ કોઈ માનવીન...

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પુર્વજન્મનો પડછાયો By Nayana Viradiya

માન્યતા એક સીધીસાદી છોકરી હતી. તે અમદાવાદના એક શાંત વિસ્તારમાં રહેતી હતી, સવારે યોગ કરતી, કોલેજ જતી અને સાંજે પોતાના વિચારોમાં ખોવાઈ જતી. આ જ મોટાભાગનુ તેનું રૂટિન રહેતું. બહારથી જ...

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जड़ें By राज बोहरे

जड़ें  सावित्री देवी अक्सर खिड़की के पास बैठ जातीं। बाहर लगे नीम के पेड़ को देखतीं और सोचतीं— “जैसे इस पेड़ की जड़ें मिट्टी से जुड़ी हैं, वैसे ही इंसान की जड़ें उसके परिवार से जुड़...

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गंगा की पुकार By Shivraj Bhokare

गंगा की पुकार(“यह एक सच्ची घटना पर आधारित चेतावनी है, कोई काल्पनिक कहानी नहीं।”)भाइयों और बहनों,ज़रा ठहरकर सोचिए। एक 86 साल का वृद्ध। कोई साधारण व्यक्ति नहीं—आईआईटी कानपुर का पूर्व...

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ನಾನು ಯಾರು? By Saandeep Joshi

ಬೆಂಗಳೂರಿನ ಮೆಜೆಸ್ಟಿಕ್ ಬಸ್ ನಿಲ್ದಾಣದ ಆ ಗದ್ದಲದ ನಡುವೆ ಸಮರ್ಥ್ ಮೌನವಾಗಿ ನಿಂತಿದ್ದ. ಸುತ್ತಲೂ ಸಾವಿರಾರು ಜನ ಓಡುತ್ತಿದ್ದರು, ಬಸ್‌ಗಳ ಹಾರ್ನ್ ಸದ್ದು, ಮಸಾಲೆ ಪುರಿಯ ವಾಸನೆ, ಜನರ ಚೀರಾಟ ಎಲ್ಲವೂ ಎಂದಿನಂತೆ ಇತ್ತು....

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हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया By Devendra Kumar

हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया उस दिन लोधी रोड श्मशान घाट में खाकी वर्दी में बहुत लोग उपस्थित थे, विद्युत् शवदाह अर्थात  इलेक्ट्रिक क्रेमेटोरियम के पास ही एक तरफ दो बिगुलर भी चुपच...

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The Cursed Afternoon. The Final Page of My Diary By Rayhana Yasmin Ray

In a cursed reality, some people are born only to love, not to receive love."And I am one of them."That day was very colorful, yet there was a shadow of sadness in my mind.I had cr...

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सेंध By राज बोहरे

                                              सेंध धूप की एक धार मंदिर के अधबने प्रांगण में तिरछी कटती हुई गिर रही थी। हवा में महीन धूल तैर रही थी—इतनी हल्की कि दिखती नहीं, पर सांस...

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રિયા: સ્મૃતિના ઉંમરે By Ashoksinh jadeja

     એ દિવસો યાદ કરું છું તો આજે પણ છાતીમાં એક અજીબ ડૂમો ભરાય છે. કોલેજના એ ભરચક ક્લાસમાં રિયા જ્યારે બેસતી, ત્યારે આખું જગત થંભી જતું. ગોરો વાન, નાની પટપટી આંખો અને એ લાંબા ભૂરા વ...

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इन गुड फ़ेथ By Deepak sharma

                   सन उन्नीस सौ उनसठ के उस दिन किशोर अपने पैतृक गांव से लौटा था।जहां वह दसवीं की अपनी परीक्षा के बाद हुई लंबी छुट्...

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कर्ज़ By राज बोहरे

                                                           कर्ज़ हेड क्लर्क नागर ने अपनी मेज़ पर रखी पीतल की पुरानी घंटी को उँगलियों से दो बार थपथपाया—“टन्… टन्…”। दफ्तर की दीवारों...

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डर By राज बोहरे

                                                          डर   शाम उतर रही थी—धीरे-धीरे, जैसे किसी बूढ़े लेखक की कलम थककर कागज़ पर रेंग रही हो। दफ्तर की घड़ी ने पाँच बजाए, और दिनेश...

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टूटकर भी मुस्कुराती रही By aakanksha

पूर्वांचल के एक छोटे से गाँव में नंदिनी रहती थी—मिट्टी के घर, कच्ची गलियाँ और सपनों से भरी आँखें। घर में गरीबी थी, लेकिन उसके इरादे बहुत अमीर थे। माँ अक्सर कहतीं—“बेटी, जिंदगी आसान...

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Minoo Master By Ramesh Desai

                                                                    Minoo Master-  (2)           A story  by Ranjan Kumar Desai      " Papa! I am Kishore calling? "      " Yes, boy...

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