इंसान की किस्मत मे जो लिखा वो उसे मिलकर ही रहेता है, चाहे मौहब्बत हो या हो अश्क.ये कहानी है अरुण और रूपाली की जो कॉलेज मे मिले फिर अच्छे दोस्त बने , रूपाली जो अरुण से प्यार कर बैठी मगर अरुण ने उसका प्यार ठुकरा दिया, लेकिन दोनो फिर से मिलते है मगर किस तरह ये कहानी बतायेगी (((((((((((((( ऐपीसोड़ - 1)))))))))))))) ✍️{शुरुआत}✍️ एक कार बड़ी तेजी के साथ हाइवे पर जा रही है , कार जिस रास्ते पर चल रही थी वह एक जंगली और पहाड़ो से घिरा हुआ रास्ता था, कार मे हल्का हल्का सोफ्ट सा म्योजिक चल रहा था, कार की विंडो से होती हुई प्राकृति की ताजी ताजी हवाये और उसी के साथ प्राकृति की एक बहुत ही खुबसुरत महक कार के अन्दर प्रवेश कर रही थी , जो कि इस सफर को खुबसुरत और सुहाना बना रही थी, कार उस जंगली रास्ते पर चली जा रही थी अपनी मंजिल की ओर ,कार के अन्दर बैठा शक्स कार मे चल रहे म्यूजिक की धून मे गुन गुनाता प्राकृति की सुन्दरता और प्रकृति की ताजगी का मजा लेते हुए कार को डराईव कर रहा था .
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 1
हम फिर से मिले मगर इस तरह लेखक -MASHAALLHA.इंसान की किस्मत मे जो लिखा वो उसे मिलकर ही रहेता चाहे मौहब्बत हो या हो अश्क.ये कहानी है अरुण और रूपाली की जो कॉलेज मे मिले फिरअच्छे दोस्त बने , रूपाली जो अरुण से प्यार कर बैठी मगर अरुण ने उसका प्यार ठुकरा दिया, लेकिन दोनो फिर से मिलते है मगर किस तरह ये कहानी बतायेगी(((((((((((((( ऐपीसोड़ - 1))))))))))))))️{शुरुआत}️एक कार बड़ी तेजी के साथ हाइवे पर जा रही है , कार जिस रास्ते पर चल रही थी वह एक जंगली और पहाड़ो से घिरा हुआ रास्ता था, कार मे हल्का ...Read More
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 2
हम मिले फिर से मगर इस तरह - 2((((((((((((((((ऐपीसोड - 2))))))))))))))))){बुरा सपना}विक्रम से बात करने के बाद वह गाड़ी स्पीड़ बढ़ देता है ,गाड़ी रास्ते पर बढ़े जा रही थी कि अचानक उसे झटका लगता है ये जानकर कि उसकी गाड़ी के बरेक काम नही कर रहे है ,वह गाड़ी रोकने की कोशिश करता मगर रोक नही पाता और गाड़ी फूल स्पीड चली जा रही थी अरुण कुछ नही कर पा रहा था शायद वह अपने अंत की ओर खीचा चला जा रहा था ,उसकी तमाम कोशिशे नाकामियाब रही अंत मे वह गाड़ी पहले किसी चीज से टकराती है ...Read More
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 3
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 3((((((((((((((ऐपीसोड़ - 3)))))))))))))){पहली मुलाकात एक अरसे के बाद}अरुण आवाज की दिशा उसी ओर चला जा रहा था फिर वह वहा पहुंचता है जहा से आवाज आ रही थी वहा जाकर देखता है कि वहा एक लड़की खड़ी थी उस लड़की की पीठ अरुण की तरफ थी उस लड़की के सामने के पेड़ था जिसके उपर एक बन्दर बैठा हुआ था उस बन्दर के हाथ मे उस लड़की का स्कार्फ था .अब आगे.....लड़की,, देखो टेंगो मुझे परेशान करना बन्द करो मे तुझे बता रही हूं मुझसे बुरा कोई नही होगा एक तो ...Read More
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 4
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 4((((((((((((((ऐपीसोड़ - 4)))))))))))))){रूपाली की उदासी मगर एक खुशी}रूपाली को अरुण का ना पहचानना उसे उदास कर देता है मगर वह अब वो लड़की नही रही जो कालेज के वक्त थी अब वह पूरी तरह बदल चूकि है अरुण का उसे ना पहचानना स्वाभाविक है .आप कौन है और इस जंगल मे कैसे … अरुण ने उलटा उसी से सवाल कर दिया .ये ही सवाल मैंने आपसे पूछा है और आप मुझसे ही पूछ रहे है … उस लड़की ने दुखी मन से कहा .ओह ओह आई अम सोरी, आई अम अरुण ...Read More
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 5
हम फिर से मिले मगर इस तरह{ ऐपीसोड़ - 5 }{ रूपाली मोहन }अरुण बाहर से आकर स्टोरी पर से काम करने लग जाता लेकिन काफी देर भी उसे कोई अच्छा आईडिया नही आता वो किस प्रकार की स्टोरी को डेवलप करे पर उसे कुछ सुझता ही नही और काफी वक्त ऐसे ही निकल जाता है, फिर उसके दिमाग मे उस लड़की रूपाली का ख्याल आता है, वो बार बार याद करने की कोशिश करता है कि उसे कहा देखा है, मगर उसे याद नही आता और रूपाली ने भी उसे असमंजस मे छोड़ दिया था अपने बारे मे ...Read More
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 6
हम फिर से मिले मगर इस तरह{ऐपीसोड़ - 6}अरुण बेड़ पर लेटा रूपाली के बारे मे ही सोच रहा वह कितना बदल गई है और कितनी खुबसुरत भी हो गई है,वह उसे एक अच्छी दोस्त की तरह पसंद करता था, या उससे ज्यादा,वह उस वक्त जान गया था कि रूपाली उसे पसंद करती है और उसे प्यार करने लगी है, और उसके दिल मे भी रुपाली के लिए दोस्ती से अलग जगह थी, पर वह उससे प्यार नही कर सकता था , इसकी वजाह थी आरुषि जिसे वह कालेज के पहले दिन से पसंद करता था, और उससे प्यार ...Read More
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 7
हम फिर से मिले मगर इस तरह{एपीसोड़ - 7}(((((((बेक स्टोरी )))))))आरुषि एक बहुत खुबसुरत समझदार आर्कषक लड़की थीउसके बात का तरीका बहुत ही सहज और दिल को छू ले जाने वाला था वो जितनी खुबसुरत थी उसका दिल भी उतना ही खुबसुरत था वो कालेज की सबसे मशहूर और खूबसूरत लड़की थी,कालेज के कितने ही लड़के उस पर लट्टू हो चुके थे वह उसके लिए जान देने तक के लिए तैय्यार थे, मगर वह कभी किसी को घास तक नही डालती थी .अरुण भी कालेज का मशहूर केरेक्टर था वह गुड लुकिंग हैंडसम , टोल फेयर एंड गेरेट डेरेसिंग ...Read More
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 8
हम फिर से मिले मगर इस तरह{एपीसोड़ - 8}फिर एक दिन उसने रूपाली को आरुषि के एकटिंग के जूनून बारे मे बताया और उससे सलाह मांगने लगा कि वह अब क्या करे, रूपाली ने भी उसे कहा,, कि वह भी एकटिंग मे अपना हाथ आजमाये जिससे वह आरुषि के करीब रहे पायेगा, तो उसने एकटिंग क्लासीस जोइन की मगर कुछ वीक मे ही वह फुस हो गया , तब रुपाली ने उसे डाइरेक्टर बनने की सलाह दी, उसने कहा,, कि तुम्हारा एक दोस्त भी तो डारेक्शन मे है तो तुम क्यू ना ये ट्राई करो, मगर अरुण ने उसे ...Read More
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 9
हम फिर से मिले मगर इस तरह{एपीसोड़ - 9}अरुण बेंच पर उदास बैठा आरुषि के बारे मे सोच रहा तब रूपाली उसके थोड़ा करीब होकर उसके कंधे पर हाथ रखती है तो अरुण रूपाली की तरफ देखता है तो रूपाली उसका हाथ पकड़ कर अपने हाथ मे रखती है, वह अरुण की आंखो मे आंसू देखती है तो वह उसे अपने गले लगा लेती है, वह उसके दर्द को कम करने की कोशिश करती है, और इसका असर भी होता है जब अरुण आरुषि के ख्यालो से बहार आ जाता है, तब वह अपने आप को रूपाली की बाहो ...Read More
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 10
हम फिर से मिले मगर इस तरह{ऐपिसोड़ - 10}अरुण अपने ख्यालो मे ही था कि रूपाली ने उसे झझोड़ा वह ख्यालो से बाहर आया, तुम मेरी बात सुन भी रहे थे या मै ही पागल हूँ जो बोले जा रही हूं तुम्हे कोई फर्क पड़ता है मेरी बातो का,,रूपाली ने फिर उसे गुस्से से सुनाया.अरुण जो अपने आप को यू रूपाली की बढ़ने से रोकना चाहता था, तो वह रूपाली के बात का जवाब गुस्से से देता है .हां मेरी मां मे सब सून रहा हूं जो भी तुम कहे रही हो, वैल तुम पहले ही सही थी यार, ...Read More
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 11
{हम फिर से मिले मगर इस तरह}{ऐपीसोड़ - 11}अरुण अरुषि से लास्ट मुलाकात याद कर अपने इरादे को मजबूत है, मगर वह यह भी तय करता है वह रूपाली जैसी दोस्त का साथ वह कभी नही छोड़ेगा और उसको एक दोस्त की तरह हमेशा अपनी जिन्दगी का हिस्सा बनायेगा पर साथ ही उसे रूपाली के लिए जो फिलिंग है उसे उसका कुछ करना होगा, और रुपाली तो उसे पहले से प्यार करती है, इसलिए वह उसे सब सच बता देना चाहता था, ताकि वह रुपाली का दिल ना दुखा सके .इसी तरह रात का वक्त हो जाता है तो ...Read More
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 12
{हम फिर से मिले मगर इस तरह}{ऐपीसोड़ - 12}अरुण सुबह उठा तो वही भयानक सपने से उसकी आंखे खुली शरीर पसीने, खोफ और घबराहट से भरा हुआ था,उसकी दिल की धड़कने आज भी भी तेज चल रही थी, उसकी सांसे उखड़ रही थी, उसका दम सा घूट रहा था कैसे भी करके उसने खुद को सम्भाला और अपने आप को शांत किया, मगर आज जो सपना उसने देखा वह उस पिछले सपने से अलग था या उस सपने का अगला हिस्सा था,“ कुछ लोग उसे उठाकर एक जीप मे ले जा रहे थे उसके शरीर से बहुत खून बह ...Read More
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 13
हम फिर से मिले मगर इस तरह{ एपीसोड़ - 13}आज पूरा दिन अरुण रूपाली के साथ गुजरने वाला था उसने आज के लिए स्क्रिप्ट पर काम ना करने का फैसला किया, और रुपाली की भी छुट्टी थी तो दोनो ने आज पूरा दिन साथ गुजारने का सोचा और दोनो इस बात से एग्री थे,फिर वह जल्दी रेडी होकर रुपाली के सामने खड़ा था, फिर रूपाली और अरुण इस इलाके और यहा के खुबसुरत नजारो का मजा लेने निकल जाते है, वह जंगल से होते हुए पहाड़ो की ओर जाते है, उपर पहाड़ो पर पहुंचकर वहा की खुबसुरत वादियो को ...Read More
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 14
हम फिर से मिले मगर इस तरह{ऐपीसोड़ -14}अरुण के वहा से जाने के बाद रुपाली उसका इंतेजार करते करते तहलने लगती है वह वही पहाड़ के छोर पर खड़ी हो कर वहा से वहा की खुबसुरत वादिया देखती है, तभी उसके मन मे कुछ बाते आती है और उसका मन एक दम से विचलित हो जाता है, वह पहाड़ी के एडज परखड़ी थी और उसका पैर फिसल जाता है वह उस पहाड़ से नीचे गिरने वाली होती है कि अरुण की नजर उस पर पड़ जाती है उसके हाथ मे कुछ सेब थे जो वह पेड़ से तोड़कर खाने ...Read More
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 15
हम फिर से मिले मगर इस तरह{ ऐपीसोड़ -15}जैसे जैसे वह उस जंगल के रास्ते से बाहर निकलते है, थोड़ा मेदानी इलाका नजर आने लगता है, जहा छोटे छोटे खेत थे जिसमे शायद वहा के लोगो ने सब्जिया बो रखी थी, और थोड़ी सी ही दूरी पर कई लकड़ी के ही घर बने हुए थे, जिनके आंगन मे लोगो ने भेड़ बकरियां पाल रखी थी, वहा उसे एक चारपाई पर एक बुजुर्ग जोड़ा भी बैठा दिखाई देता है, रुपाली उनको नमस्ते करती है,शाम का समय था पर अरुण को सब दिखाई दे रहा था, मगर एक बात जो अरुण ...Read More
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 16
हम फिर से मिले मगर इस तरहऐपीसोड़ -16इधर अरुण वुडन हाऊस पहुंच जाता है, फिर वह स्क्रिप्ट पर थोड़ा करता है,,, फिर बाकी के काम निपटा सोने की तैय्यारी करने लगता है,,, तब वह आज के दिन के बारे मे सोचता है,,, उसने किस तरह अपना वक्त रूपाली की साथ बिताया जो कितना खुबसुरत और यादगार था, वह सोचता है,, ना चाहते हुए भी वह रुपाली के कितना करीब आ चूका है, और अब तो वह रुपाली को किस भी कर चूका है वो भी दो बार, पता नही रुपाली क्या सोचती होगी उसके बारे मगर उसका दिल जानता ...Read More
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 17
हम फिर से मिले मगर इस तरहऐपीसोड़ - 17वह इन सब बातो से बाहर निकल रूपाली की ओर देखता तो वह उसे अलग ही दिखाई देती है वह ब्लेक कलर की कुर्ती और नीले कलर की जिन्स मे थी और उसके उपर एक लेदर का जैकट डाला था और उसके सर पर केप था जिसमे उसके खुले बाल जो हल्की हवा मे हिल्ते हुए उसके गालो पर आ रहे थे, जिसे देखकर वह कल के किस के बारे मे सोचकर मुस्कुराता है .क्या बात मिस्टर अरुण अभी तो जाने कितनी उलझन के समुद्र मे डूबे पड़े थे अब अचानक ...Read More
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 18
हम फिर से मिले मगर इस तरहऐपीसोड़ - 18बुरे सपने का वबंडर, फलेशबेक का तुफान, और रुपाली के लिए परवान चढ़ती मौहब्बत और इस खुबसूरती से भरे जंगल मे शांति, सुकुन और ताजगी का अहसास लेते हुए अरुण तालाब के सामने इन अन सुलझे सवालो से घिरा खड़ा था, इस उलझन से बाहर निकललेने से पहले उसे एक बार विक्रम से बात करनी थी,विक्रम उसका रुपाली के अलावा एक मात्र दोस्त था, जो शायद उसको इस परेशानी और इस गुत्थी को सुलझाने मे उसकी मदद कर सके, अब उसे बस विक्रम को फोन करना था, जिसके लिए वह वुडन ...Read More
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 19
हम फिर से मिले मगर इस तरहएपीसोड़ - 19अरुण एक कमरे मे मौजूद था उस कमरे की सभी लाईट थी उस कमरे की विन्डो से बस चांद की रोशनी ने ही उस कमरे को थोड़ा रोशन कर रखा था,, अरुण के सामने एक पंचिंग बैग लटका हुआ था,, जिसपर उसने बड़ी कुरुरता से घूसो की बोछार कर रखी थी,, उसका शरीर पसीने से लथपथ, आंखे सूर्ख, दिल मे एक जूनून और दिमाग गुस्से से भरा हुआ था,,वह उस पंचिंग बैग को अपने किसी दुस्मन की तरह धाये जा रहा था, उसमे उसे ना तो कोई सुकुन मिल रहा था ...Read More
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 20
हम फिर से मिले मगर इस तरहऐपीसोड़ - 20विक्रम की बात सुन अरुण वही दरवाजे पर रूक जाता है पीछे मुड़कर एक फिकी सी मुस्कान से उसक कहता है … जीना भी कौन चाहता है दोस्त हम तो कब से इसी इन्तेजार मे है कब वो दिन आयेगा, लगता है कम्बख्त वो दिन भी अपने सपने पूरे करने के चक्कर मे हमे भुल बैठा है ."सबने मुझे ठुकराया है, उम्र के हर पड़ाव ने रुलाया हैदोलत, शोहरत, इज्जत सब कमा लाया मगर जो खो दियाना पाया है, कब रुके सांसे, कब मिले इस दर्द को राहत .किसे मालूम, उस ...Read More
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 21
हम फिर से मिले मगर इस तरहऐेपीसड़ - 21फिर उसके बाद पिहू उस थैले से एक छोटा सा कैक निकालती है और तीनो मिलकर अरुण का वर्थ डे इन्जोये करते है, मुजिक डांस, दारू और तीनो के बीच बहुत सारी बाते होती है, अरुण के लिए ये बर्थ डे सेलीब्रेशन बेस्ट सेलीब्रेशन होता है, वह खूब डांस करता है और गाना भी गुनगुनाता है, हंसता मुस्कुराता है और तीनो दारू के नशे मे धूत नींद के आगोश मे पहुंच जाते है .सुबह जब अरुण की नींद खुली तो उसका सर जोर से चकरा रहा था,,उसका सारा बदन दर्द कर ...Read More
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 22
हम फिर से मिले मगर इस तरहऐपीसोड़ - 22अरुण को अब अपने सवालो के जवाब चाहिए थे, जो जवाब के पास थे वह उससे बहुत कुछ छिपा रही थी,, और वह जो कुछ भी छिपा रही थी वह उसको भी तकलीफ दे रहा था, ये उसकी आंखे और चेहरे पर अरुण कई बार पढ़ चुका था, मगर इश्क की खुमारी मे वह उससे पूछ नही पाया और वह जानता था रूपाली भी उसे अपनी तकलीफ के बारे कुछ नही बतायेगी, मगर कल के इंसीडन्ट के बाद ना सिर्फ उसके सब्र ने जवाब दे दिया बल्कि रूपाली पर उसे शक ...Read More
हम फिर से मिले मगर इस तरह - 23
हम फिर से मिले मगर इस तरहऐपीसोड़ - 23अरुण के सवालो ने रूपाली को घेर लिया था,,, उसकी तड़प,, बेचनी,, उसकी तकलीफे,, उसके बिगड़ते हालात,, उसे भी परेशान करने वाले थे,, हालाकि उसके पास उसके कुछ सावालो के जवाब तो थे,,मगर कुछ सवालो की तलाश मे वह खुद भी भटक रही थी,, जो वह भी अभी तक नहीं जान पाई थी,,, जिसकी वजह से वह अरुण को अभी सच नही बताना चाहती थी इसलिए वह इस इन सवालो के जवाब से बचने की कोशिश मे लग जाती है .रुपाली… अरुण ये क्या बकवास किये जा रहे हो तुम ?यहा ...Read More