हैरानी - Ateet ki Yaadein

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अस्पताल के उस वीरान कमरे में चारों ओर सफेद दीवारों का सन्नाटा पसरा हुआ था। केवल मशीनों की 'बीप-बीप' की आवाज़ उस सन्नाटे को चीर रही थी। रिया ने बहुत धीरे से अपनी पलकें झपकाई। उसे महसूस हुआ जैसे वह सदियों पुरानी किसी गहरी और बोझिल नींद से जाग रही है। उसकी आँखो में एक अजीब सी भारीपन और थकान थी, जैसे पलकों पर किसी ने पत्थर रख दिए हों।

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हैरानी - Ateet ki Yaadein - 1

Episode -1 (लंबी रात खत्म हुई और एक अनकहा चेहरा) अस्पताल के उस वीरान कमरे में चारों ओर सफेद दीवारों सन्नाटा पसरा हुआ था। केवल मशीनों की 'बीप-बीप' की आवाज़ उस सन्नाटे को चीर रही थी। रिया ने बहुत धीरे से अपनी पलकें झपकाई। उसे महसूस हुआ जैसे वह सदियों पुरानी किसी गहरी और बोझिल नींद से जाग रही है। उसकी आँखो में एक अजीब सी भारीपन और थकान थी, जैसे पलकों पर किसी ने पत्थर रख दिए हों।उसने अपना शरीर हिलाने की कोशिश की, पर हाथ-पैर जैसे बेजान लकड़ी के टुकड़े हो चुके थे। सब कुछ धुंधला था... जैसे ...Read More

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हैरानी - Ateet ki Yaadein - 2

अस्पताल के उस केबिन में अजीब सी घुटन थी। मेज पर रखी रिया की मेडिकल रिपोर्ट हाथ में लिए सिन्हा और नर्स डेजी किसी गहरी चिंता में डूबे थे।बाहर गलियारे में सन्नाटा इतना गहरा था कि घड़ी की टिक-टिक भी किसी हथौड़े की तरह सुनाई दे रही थी।तभी, अचानक उस सन्नाटे को चीरती हुई एक आवाज़ आई— खट... खट... खट...।यह किसी के जूतों की आवाज़ थी। कोई बहुत सधे हुए कदमों से सीधा डॉक्टर सिन्हा के केबिन की ओर बढ़ा चला आ रहा था।डॉक्टर सिन्हा और नर्स डेजी दोनों की साँसें जैसे गले में ही अटक गईं। उनकी नज़रें ...Read More

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हैरानी - Ateet ki Yaadein - 3

अस्पताल की उस ठंडी रोशनी में रिया के हाथ कांप रहे थे। डॉक्टर सिन्हा की पैनी नज़र रिया के में दबी उस छोटी सी तस्वीर पर टिकी थी। उस तस्वीर में एक मासूम बच्ची पतंग की डोर थामे खड़ी थी। बाहर से देखने वाले के लिए यह महज़ एक कागज़ का टुकड़ा था, पर रिया के लिए यह उसकी रूह का एक हिस्सा था।डॉक्टर सिन्हा सोच में डूबे थे कि आखिर इस तस्वीर में ऐसा क्या है, तभी नर्स डेजी ने उनकी चुप्पी तोड़ी। "डॉक्टर साहब, इस तस्वीर में तो ऐसा कुछ भी खास नज़र नहीं आ रहा। फिर ...Read More

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हैरानी - Ateet ki Yaadein - 4

डॉक्टर सिन्हा और नर्स डेजी, दोनों की आँखें फटी की फटी रह गई थीं। अस्पताल के उस केबिन की पर, जो कभी बिल्कुल साफ रहती थी, अब गहरे सुर्ख लाल रंग से एक डरावनी चेतावनी लिखी थी।वह रंग इतना ताज़ा था कि जैसे अभी-अभी किसी के जिस्म से खून निकला हो। लिखावट में एक अजीब सी पागलपन की झलक थी।चेतावनी साफ़-साफ़ चीख रही थी: "उसे जल्दी ठीक करो! जितना समय उसके इलाज में लगाओगे, उतना ही तुम लोग अपनी मौत के करीब होते जाओगे।"सन्नाटा इतना गहरा था कि दोनों को अपनी ही धड़कनें किसी बड़े खतरे के ड्रम की ...Read More

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हैरानी - Ateet ki Yaadein - 5

Episode -5 (खूनी कश्मकश)अस्पताल की सफेद दीवारों के पीछे छिपे राज़ अब धीरे-धीरे दम घोंटने लगे थे।डॉक्टर सिन्हा और डेजी एक बार फिर रिया के कमरे में दाखिल हुए। कमरे में फैली फिनाइल की तीखी गंध और मशीनों की 'बीप-बीप' के बीच रिया शांति से लेटी थी। आज उसकी हालत पहले से कुछ बेहतर लग रही थी, लेकिन उसकी आँखो में अब भी एक अनसुलझी पहेली तैर रही थी।इलाज शुरू करते हुए डॉक्टर सिन्हा ने माहौल को हल्का करने की कोशिश की। उन्होंने रिया की नब्ज़ टटोलते हुए बहुत ही धीमी आवाज़ में पूछा, "क्या मैं तुमसे एक बात ...Read More

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हैरानी - Ateet ki Yaadein - 6

Episode -6 (अतीत का साया और एक अनकहा पछतावा)डॉक्टर सिन्हा और नर्स डेजी जैसे ही आगे बढ़े, गलियारे के इलाके में उनके सामने एक भयावह परछाईं उभरी।दोनों के कदम वहीं के वहीं जम गए। एक-दूसरे की आँखों में झाँकते हुए उनकी साँसें तेज़ होने लगीं; सीने में धड़कता दिल मानो चीख-चीख कर उन्हें अनहोनी का आभास करा रहा था।अस्पताल के बाहर की काली सड़क पर पसरा सन्नाटा और वहाँ की धुंधली रोशनी किसी अनिष्ट का संकेत दे रही थी। सर्द हवाएँ जब उनके शरीर को छूकर गुज़रतीं, तो ऐसा लगता मानो कोई उनके कान में फुसफुसा रहा हो— "वो ...Read More

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हैरानी - Ateet ki Yaadein - 7

Episode - 7 ( कौन रक्षक और कौन भक्षक) रिया अभी भी अपनी पुरानी यादों के भंवर में खोई थी। अतीत की उन गलियों से बाहर निकलने की कोशिश कर ही रही थी कि तभी उसे अपने कमरे में किसी की उपस्थिति का आभास हुआ। उसे महसूस हुआ कि कोई उसे अंधेरे कोने से घूर रहा है।और बहुत धीरे-धीरे, दबे पाँव उसकी ओर बढ़ रहा है। घबराहट में वह झटके से अपने बिस्तर से उठ बैठी।उसने चारों ओर नज़रें दौड़ाईं यह जानने के लिए कि जो उसने महसूस किया, क्या वह सच था? लेकिन कमरे में सन्नाटे के सिवा ...Read More

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हैरानी - Ateet ki Yaadein - 8

Episode -8 (अतीत की अनकही यादें) रिया के मन में द्वंद्व चल रहा था। "क्या सच में रूहें होती मैं तो इन सब पर विश्वास नहीं करती।" वह खुद से ही तर्क-वितर्क कर रही थी, पर एक बात उसे भीतर ही भीतर काट रही थी—आखिर उसे हुआ क्या है? उसे सच जानना था। वह धीरे से बेड से उतरी। पैर की चोट के कारण उसे चलने में असहनीय पीड़ा हो रही थी, पर सच जानने की तड़प उस शारीरिक दर्द से कहीं बड़ी थी। दीवारों का सहारा लेते हुए वह लड़खड़ाते कदमों से कमरे के बाहर आई। ...Read More

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हैरानी - Ateet ki Yaadein - 9

Episode - 8 (एक खबर और सब खत्म)आर्यन की मौत की खबर ने रिया के जीवन से सारे रंग लिए थे। मिस्टर दीक्षित ने उसे समझाने की बहुत कोशिश की, "बेटा, जो आया है उसे एक दिन जाना ही पड़ता है। आर्यन का समय शायद इतना ही था। उसे भूल जाओ और जीवन में आगे बढ़ो मेरी गुड़िया।"पर रिया के लिए आर्यन सिर्फ एक दोस्त नहीं, उसकी रूह का हिस्सा था। वह रातों को आर्यन का नाम लेकर तकिए में मुंह छिपाकर रोती, पर उसका दर्द सुनने वाला कोई न था।महीने बीत गए। मिस्टर दीक्षित एक रिश्ता लेकर आए। ...Read More

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हैरानी - Ateet ki Yaadein - 10

Episode -10 (अचानक से)प्रिया, रिया को वह रहस्यमयी खत देकर कमरे से बाहर निकल चुकी थी। उधर मंडप में था, जिसे पंडित जी की भारी आवाज़ ने तोड़ा।"मुहूर्त का समय निकला जा रहा है, कन्या को शीघ्र बुलाइए!" पंडित जी के माथे पर चिंता की लकीरें थीं। उनकी बात सुनकर रिया के पिता, मिस्टर दीक्षित, थोड़े असहज हो गए। उन्होंने अपनी पत्नी की ओर देखते हुए हड़बड़ी में कहा, "जाओ, जल्दी से रिया को लेकर आओ, शुभ मुहूर्त बीता जा रहा है।"रिया की माँ कमरे की ओर बढ़ीं, जहाँ रास्ते में उन्हें प्रिया खड़ी दिखी। उन्होंने इशारों में प्रिया ...Read More

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हैरानी - Ateet ki Yaadein - 11

Episode - 11 (सच्चाई की कीमत मौत) अस्पताल के उस ठंडे कमरे में सन्नाटा पसरा था, जिसे केवल मशीनों धीमी बीप तोड़ रही थी। डॉक्टर सिन्हा कोने में दुबके हुए मास्कमैन की ओर देख रहे थे, जिनकी रूह कांप रही थी। मास्कमैन की आँखों में इस वक्त कोई क्रोध नहीं, बल्कि रिया के लिए एक असहनीय तड़प थी। वह बहुत आहिस्ते से, दबे पांव रिया के बिस्तर की ओर बढ़ा।जैसे ही वह उसके पास पहुँचा, वह बेबस होकर वहीं बैठ गया। उसने रिया का कोमल हाथ अपने हाथों में लिया और बेहद भावुक स्वर में फुसफुसाया, "मुझे माफ कर ...Read More

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हैरानी - Ateet ki Yaadein - 12

Episode - 12 (दीवार और दरिंदगी का पर्दा) रात का सन्नाटा अस्पताल की उन पुरानी दीवारों के पास और गहरा हो गया था जहाँ मरम्मत का काम चल रहा था। वहाँ केवल एक ही आवाज़ गूँज रही थी—ईंटों के एक-दूसरे पर रखे जाने की खुरदरी आवाज़।उस नकाबपोश शख्स ने डॉक्टर खुराना की ठंडी पड़ती हुई लाश को एक संकरी जगह में धकेल दिया। उसके चेहरे पर कोई पछतावा नहीं था, बस एक क्रूर मुस्कान थी। उसने फुर्ती से ईंटें उठाईं और एक नई दीवार खड़ी कर दी, ताकि डॉक्टर खुराना की लाश और उसकी अपनी दरिंदगी हमेशा के लिए ...Read More

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हैरानी - Ateet ki Yaadein - 13

Episode- 13 (सफेद दीवार का काला सच) रिया जब गहरी नींद से जागी, तो कमरे का सन्नाटा उसे डराने खुद को अकेला पाकर उसने वहाँ से भागने की एक नाकाम कोशिश की, पर कमज़ोरी ने उसे फिर बिस्तर पर पटक दिया।उधर, डॉक्टर खुराना के घर में पसरा सन्नाटा किसी आने वाले तूफान की आहट दे रहा था। उनकी पत्नी नीलिमा बार-बार फोन मिला रही थीं, पर हर बार वही बेजान मशीन जैसी आवाज़ गूंजती— "आपके द्वारा डायल किया गया नंबर अभी बंद है।" उनका 22 साल का बेटा राज ड्राइंग रूम में पागलों की तरह टहल रहा था।"माँ, पापा ...Read More

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हैरानी - Ateet ki Yaadein - 14

Episode -14 (डर दहशत और धोखा)अस्पताल के गलियारों में आज सन्नाटा नहीं, बल्कि जूतों की भारी और डरावनी आवाज़ें रही थीं। पुलिस की 'इन्वेस्टिगेशन टीम' चप्पे-चप्पे को खंगाल रही थी। फोरेंसिक दस्ता दीवारों की दरारों से लेकर फर्श पर पड़े खून के धब्बों तक की बारीकी से जांच कर रहा था। अस्पताल का हर कोना अब एक संदिग्ध अपराध स्थल बन चुका था। हवलदार और सिपाही अस्पताल के एक-एक कर्मचारी—चाहे वो डॉक्टर हो, नर्स हो या वार्ड बॉय—सबको लाइन में खड़ा कर पूछताछ कर रहे थे। हर किसी के चेहरे पर हवाइयाँ उड़ रही थीं, और माहौल में एक ...Read More