गुलाबी शहर की धूप और टोक्यो की यादें दृश्य 1: जापान (टोक्यो) – निहाल का पेंटहाउस – सुबह का समय टोक्यो की सुबह हमेशा की तरह मशीनी और तेज़ थी। खिड़की के बाहर चमकती मेट्रो ट्रेनें और ऊँची इमारतें एक अंतहीन दौड़ का हिस्सा लग रही थीं। निहाल चौहान, जो टोक्यो की एक टॉप टेक-कंसल्टेंसी में सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर है, अपने सफेद शर्ट के बटन बंद करते हुए आईने में खुद को देख रहा था। उसका व्यक्तित्व बिल्कुल जापानी वर्क-कल्चर जैसा था—सटीक, शांत और वक्त का पाबंद।
कोन्निचिवा: माय देसी लव - 1
एपिसोड 1: गुलाबी शहर की धूप और टोक्यो की यादेंदृश्य 1: जापान (टोक्यो) – निहाल का पेंटहाउस – सुबह समयटोक्यो की सुबह हमेशा की तरह मशीनी और तेज़ थी। खिड़की के बाहर चमकती मेट्रो ट्रेनें और ऊँची इमारतें एक अंतहीन दौड़ का हिस्सा लग रही थीं। निहाल चौहान, जो टोक्यो की एक टॉप टेक-कंसल्टेंसी में सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर है, अपने सफेद शर्ट के बटन बंद करते हुए आईने में खुद को देख रहा था। उसका व्यक्तित्व बिल्कुल जापानी वर्क-कल्चर जैसा था—सटीक, शांत और वक्त का पाबंद।तभी उसकी नज़र अपनी माँ, हेमा चौहान पर पड़ी, जो लिविंग रूम की बड़ी ...Read More
कोन्निचिवा: माय देसी लव - 2
परिदृश्य: जयपुर की हलचल भरी सड़कें और शिवानी का संघर्ष।जयपुर की दोपहर अपनी पूरी रंगत में थी। हवा में के किलों की खुशबू और बाज़ारों का शोर घुला हुआ था। शिवानी आज 'सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया' से अपने सपनों के कुछ नमूने (Samples) लेकर वापस लौट रही थी। उसके कंधे पर एक बड़ा सा फैब्रिक बैग था, जिसमें उसके हाथ से बनाए गए डिज़ाइन्स और कुछ खास राजस्थानी 'गोटा-पत्ती' का काम किया हुआ कपड़ा था।शिवानी के कदम थके हुए थे, पर आँखों में जीत की चमक थी। उसने अभी-अभी एक बड़े एक्सपोर्ट हाउस को अपना पोर्टफोलियो दिखाया था। हालाँकि, उन्होंने ...Read More