काश! आसमान के भी पंख होते ।.

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रात का समय था । चारों तरफ काली घटा पसरी हुई थी । मानो यह सब कुछ अपने अंदर समाने को आतुर हो और कोई इसे ऐसा करने से नहीं रोक सकता । सब जगह बस सन्नाटा ही सन्नाटा था । सभी घरो की बत्तियां बुझी हुई थी । सड़क पर एक लाइट चालू थी पर वो भी झप-झप(बंद- चालू) कर रही थी मानो वह भी काली घटा के आगे बेबस थी । यह पूरे गाँव में एकमात्र लाइट थी जो रात के समय काम करती थी । बाकी सारे गाँव में सड़कों की लाइटें खराब थी ।

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काश! आसमान के भी पंख होते । - 1

एक तारा जो अंतरिक्ष में कहीं दूर खो गया था ।रात का समय था । चारों तरफ काली घटा हुई थी । मानो यह सब कुछ अपने अंदर समाने को आतुर हो और कोई इसे ऐसा करने से नहीं रोक सकता । सब जगह बस सन्नाटा ही सन्नाटा था । सभी घरो की बत्तियां बुझी हुई थी । सड़क पर एक लाइट चालू थी पर वो भी झप-झप(बंद- चालू) कर रही थी मानो वह भी काली घटा के आगे बेबस थी । यह पूरे गाँव में एकमात्र लाइट थी जो रात के समय काम करती थी । ...Read More