एक अनजान मुलाकातशहर की भीड़ हमेशा की तरह अपने काम में व्यस्त थी।सड़कों पर गाड़ियों का शोर था। लोग जल्दी-जल्दी अपने ऑफिस जा रहे थे। कोई फोन पर बात कर रहा था, तो कोई अपने काम के लिए भाग रहा था।लेकिन उसी भीड़ के बीच सड़क के किनारे एक आदमी चुपचाप बैठा था।उसके कपड़े पुराने और गंदे थे। बाल बिखरे हुए थे और चेहरे पर इतनी घनी दाढ़ी और मूंछ थी कि उसकी असली शक्ल पहचानना मुश्किल था।उसका नाम राहुल था।लेकिन राहुल को खुद अपने बारे में ज्यादा कुछ याद नहीं था।
Full Novel
एकतरफा प्यार है ये - भाग 1
एक अनजान मुलाकातशहर की भीड़ हमेशा की तरह अपने काम में व्यस्त थी।सड़कों पर गाड़ियों का शोर था। लोग अपने ऑफिस जा रहे थे। कोई फोन पर बात कर रहा था, तो कोई अपने काम के लिए भाग रहा था।लेकिन उसी भीड़ के बीच सड़क के किनारे एक आदमी चुपचाप बैठा था।उसके कपड़े पुराने और गंदे थे। बाल बिखरे हुए थे और चेहरे पर इतनी घनी दाढ़ी और मूंछ थी कि उसकी असली शक्ल पहचानना मुश्किल था।उसका नाम राहुल था।लेकिन राहुल को खुद अपने बारे में ज्यादा कुछ याद नहीं था।उसे बस इतना पता था कि वह कई सालों ...Read More
एकतरफा प्यार है ये - भाग 2
अंजलि की कार शहर की सडकों पर तेजी से आगे बढ रही थी.सडक पर गाडियों की भीड थी, लेकिन का ध्यान सिर्फ पीछे बैठे राहुल पर था.राहुल चुपचाप खिडकी से बाहर देख रहा था. उसके चेहरे पर चोट के निशान थे. कपडे पुराने थे और घनी दाढी- मूंछ के कारण उसका चेहरा पूरी तरह बदल चुका था.अंजलि बार- बार कार के शीशे में उसका चेहरा देख रही थी.उसका दिल कह रहा था कि इस आदमी से उसका कोई गहरा रिश्ता है.लेकिन दिमाग कुछ समझ नहीं पा रहा था.कुछ देर बाद अंजलि ने धीरे से पूछा,आपको अपना घर याद है?राहुल ...Read More
एकतरफा प्यार है ये - भाग 3
सुबह की हल्की धूप खिडकी से कमरे के अंदर आ रही थी.अंजलि रातभर ठीक से सो नहीं पाई थी.उसके में सिर्फ राहुल था.कल तक उसके लिए राहुल सिर्फ एक पुरानी याद था.एक ऐसा इंसान जिसे वह अपनी जिंदगी से खो चुकी थी.लेकिन कल अचानक एक आदमी उसकी जिंदगी में आया था.उसने उसका नाम बताया था—राहुल.और सबसे अजीब बात यह थी कि उस आदमी को देखकर अंजलि के दिल में एक अजीब- सा अपनापन महसूस हो रहा था.वह खुद नहीं समझ पा रही थी कि ऐसा क्यों हो रहा है.अंजलि अपने कमरे से बाहर आई.उसकी नजर राहुल पर पडी.राहुल आंगन ...Read More
एकतरफा प्यार है ये - भाग 4
सुबह के करीब दस बज रहे थे.अंजलि अपने कमरे में बैठी थी, लेकिन उसका ध्यान किसी काम में नहीं रहा था.कल रात से उसके मन में सिर्फ एक ही बात चल रही थी.राहुल.वह आदमी जो अचानक उसकी जिंदगी में वापस आया था.वह राहुल को देखती थी तो उसके दिल को अजीब- सा सुकून मिलता था.उसकी आवाज जानी- पहचानी लगती थी.उसकी मुस्कान जानी- पहचानी लगती थी.उसका बात करने का तरीका भी उसे अपना लगता था.लेकिन चेहरे पर घनी दाढी और मूंछ होने की वजह से अंजलि उसे ठीक से पहचान नहीं पा रही थी.वह कई बार राहुल को ध्यान से ...Read More
एकतरफा प्यार है ये - भाग 5
सैलून से वापस आते समय अंजलि पूरे रास्ते चुप रही.उसकी आंखों के सामने बार- बार वही चेहरा आ रहा का चेहरा.आज पहली बार उसने राहुल को बिना दाढी और मूंछ के देखा था.और उस चेहरे ने उसकी सारी पुरानी यादें फिर से जिंदा कर दी थीं.वह चेहरा जिसे अंजलि ने कभी अपने दिल में बसाया था.वही आंखें.वही मुस्कान.वही आवाज.वही चेहरा.जिसे उसने कभी अपनी जिंदगी का सबसे खूबसूरत हिस्सा माना था.अंजलि की आंखों से आंसू निकल आए.राहुल पीछे बैठा था.उसने शीशे में अंजलि को देखा.मैडम. आप फिर रो रही हैं?अंजलि ने तुरंत अपने आंसू पोंछ लिए.नहीं।लेकिन मैंने देखा।बस आंखों में ...Read More
एकतरफा प्यार है ये - भाग 6
अंजलि के कमरे में उस वक्त ऐसी खामोशी थी, जैसे हवा भी किसी जवाब का इंतजार कर रही हो.उसके बैठा राहुल लगातार जमीन की तरफ देख रहा था.कुछ घंटे पहले तक अंजलि को उम्मीद थी कि शायद दाढी हटने के बाद सब कुछ बदल जाएगा.शायद राहुल उसे देखते ही पहचान लेगा.शायद उसकी आंखों में वही पुराना प्यार लौट आएगा.शायद वह मुस्कुराकर कहेगा—अंजलि. तुम?लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ.राहुल उसे देख रहा था.मगर पहचान नहीं रहा था.अंजलि ने कांपती आवाज में पूछा—राहुल. तुम्हें मेरा नाम याद नहीं?राहुल ने धीरे से सिर हिलाया.नहीं।अंजलि की आंखों में आंसू भर आए.और. हमारा घर?नहीं।कॉलेज?नहीं।वो जगह ...Read More
एकतरफा प्यार है ये - भाग 7
सुबह के करीब पाँच बज रहे थे.पूरी हवेली नींद में डूबी हुई थी.लेकिन अंजलि की आंखों में नींद का तक नहीं था.वह बालकनी में अकेली बैठी थी.उसके हाथ में एक पुरानी तस्वीर थी.तस्वीर में दो लोग मुस्कुरा रहे थे.एक राहुल.और दूसरी अंजलि.छह साल पहले की तस्वीर.अंजलि ने तस्वीर को सीने से लगा लिया.उसकी आंखों के सामने अचानक वही पुराना समय घूमने लगा.छह साल पहले.Collage का आखिरी साल था.अंजलि हमेशा की तरह Collage के गेट से अंदर आई थी.तभी पीछे से आवाज आई—मैडम, इतनी जल्दी?अंजलि ने पलटकर देखा.राहुल हाथ में दो कप चाय लिए खडा था.मैं तुम्हारी मैडम कब से ...Read More
एकतरफा प्यार है ये - भाग 8
अंजलि की मुट्ठी में वह पुरानी चाबी अब भी बंद थी.छह साल पहले राहुल ने उसे वह चाबी दी आज वही चाबी राहुल के पास वापस आई थी.लेकिन राहुल को कुछ याद नहीं था.अंजलि ने चाबी को अपनी हथेली में छिपा लिया.अंजलि!नीचे से उसके पिता की आवाज फिर आई.आ रही हूं पापा!अंजलि ने राहुल की तरफ देखा.तुम अभी यहीं रहो।क्यों?बस. कुछ देर।राहुल ने सिर हिला दिया.अंजलि कमरे से बाहर निकल गई.सीढियों से नीचे आते ही उसके पिता सामने खडे थे.उनकी नजर सीधे अंजलि पर थी.वो आदमी कहाँ है?ऊपर।उसे आज ही घर से बाहर भेज दो।अंजलि कुछ पल चुप रही.फिर ...Read More
एकतरफा प्यार है ये - भाग 9
राहुल!अंजलि की आवाज पूरे कमरे में गूंज गई.खिडकी खुली थी.परदा हवा में उड रहा था.कमरा खाली था.अंजलि का दिल जोर से धडक रहा था.कुछ सेकंड तक वह वहीं खडी रही.फिर उसकी नजर कमरे के नीचे की तरफ गई.खिडकी के पास जमीन पर एक छोटा- सा कागज पडा था.अंजलि ने तुरंत उसे उठाया.उस पर सिर्फ एक लाइन लिखी थी—मैं तुम्हारे लिए खतरा नहीं बनना चाहता।अंजलि की आंखों में आंसू आ गए.तुम फिर मुझे छोडकर नहीं जा सकते, राहुल.वह भागती हुई नीचे आई.मुख्य दरवाजा बंद था.गार्ड ने बताया कि कोई बाहर नहीं गया.अंजलि ने पूरे घर में राहुल को ढूंढना शुरू ...Read More
एकतरफा प्यार है ये - भाग 10
शाम के करीब सात बज चुके थे.ऑफिस का काम खत्म होने के बाद अंजलि अपनी कार की तरफ बढ थी. उसके साथ राहुल भी था.आज राहुल का ऑफिस में पहला दिन था.सुबह से उसने एक भी शिकायत नहीं की थी.जिस काम को दूसरे कर्मचारी मुश्किल समझ रहे थे, राहुल ने उसे कुछ ही घंटों में समझ लिया था.अंजलि को उसकी यह बात देखकर हैरानी भी हुई और गर्व भी.आज का दिन कैसा लगा? अंजलि ने कार स्टार्ट करते हुए पूछा.राहुल ने हल्की मुस्कान के साथ कहा—अच्छा था।किसी ने परेशान तो नहीं किया?थोडा।किसने?आपके ऑफिस के कुछ लोगों ने।अंजलि ने तुरंत ...Read More
एकतरफा प्यार है ये - भाग 11
सुबह की हल्की धूप कमरे की खिडकी से अंदर आ रही थी. पर्दों के बीच से आती रोशनी राहुल चेहरे पर पड रही थी. उसने धीरे- धीरे आँखें खोलीं और कुछ देर तक चुपचाप छत को देखता रहा.कुछ ही दिन पहले तक उसकी जिंदगी में कुछ भी तय नहीं था.न कोई घर था, न कोई अपना ठिकाना और न ही भविष्य को लेकर कोई उम्मीद.लेकिन आज उसके पास रहने के लिए एक कमरा था. खाने के लिए खाना था और सबसे बडी बात—अंजलि उसके साथ खडी थी.राहुल के चेहरे पर हल्की मुस्कान आई, लेकिन अगले ही पल वह मुस्कान ...Read More