छग सरकार ने शहरी क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगरपालिकाओं व नगरपंचायतों को भारत सरकार के ‘‘भारत पशुधन पोर्टल’’ पर इनका अनिवार्यतः पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई भारत सरकार के मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में घूम रहे आवारा मवेशियों और आवारा कुत्तों का डिजिटल डाटाबेस तैयार करना, इनकी निगरानी को प्रभावी बनाना तथा पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम को अधिक व्यवस्थित करना है।
आवारा आतंक - 1
छग सरकार ने शहरी क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए के सभी नगर निगमों, नगरपालिकाओं व नगरपंचायतों को भारत सरकार के ‘‘भारत पशुधन पोर्टल’’ पर इनका अनिवार्यतः पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं।यह कार्रवाई भारत सरकार के मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में घूम रहे आवारा मवेशियों और आवारा कुत्तों का डिजिटल डाटाबेस तैयार करना, इनकी निगरानी को प्रभावी बनाना तथा पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम को अधिक व्यवस्थित करना है।इससे जहां आवारा ...Read More
आवारा आतंक - 2
गत भाग से आगे...वहीं पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स यानी पेटा इंडिया ने कहा है,‘‘कुत्तों को सेल्टर में डालना कभी कारगर नहीं रहा। इससे रेबीज कम नहीं होगा, न ही काटने से बचाव होगा; क्योंकि कुत्ते अंततः अपने इलाके में लौट आते हैं।’’पशुप्रेमी मेनका गांधी ने भी कोर्ट के फैसले पर सवाल खड़ी की थी,‘‘यह गुस्से में दिया गया अजीब फैसला है। दिल्ली में एक भी सेल्टर होम नहीं है। इन्हें बनाने के लिए 15 हजार करोड़ खर्च करने होंगे। 3000 ऐसी जगहें ढूंढ़नी होगी, जहां कोई नहीं रहता। इसी के साथ 1.5 लाख सफाईकर्मी, 500 वैन, ...Read More