जो क र - विवेक मिश्र फिर मेट्रो आई रुकी और चली गई. समय ...
' घड़ा 'विशाल उठकर बिस्तर पर बैठ गए। उनके माथे पर पसीने की बूँदें चमक रही थीं। विशाल तेज़ी ...
अगस्त का आख़िरी हफ़्ता था। बारिश बहुत कम हुई थी। बादल आसमान पर ठहरे थे। बरसने के लिए उन्हें ...