अंजली देशपांडे पत्रकार रही हैं, अनेक आंदोलनों और अभियानों से जुड़ी रही हैं. सत्तर और अस्सी के दशक में कई नुक्कड़ नाटक लिखे और उनमें अभिनय भी किया. हिंदी अंग्रेजी, दोनों भाषाओँ में लेखन करती हैं. दो उपन्यास प्रकाशित. भोपाल गैस त्रासदी की पृष्ठभूमि में हिंदी में ‘महाभियोग’ राजकमल प्रकाशन से और अंग्रेजी में ‘इमपीच्मेंट’ हशेट इंडिया से छपे. ‘हत्या’ उपन्यास राजपाल एंड संस से आया. पहला कहानी संग्रह ‘अंसारी की मौत की अजीब दास्तान’ सेतु प्रकाशन से आया. हंस, कथादेश, सहित कई प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में कहानियां प्रकाशित. वेब मैगज़ीन, आउटऑफ़प्रिंट में कहानियां प्रकाशित हो चुकी हैं. वनिका पब्लिकेशन्स के साझा कहानी संग्रह, ‘कितने गुलमोहर’ में कहानी शामिल. अंग्रेजी में ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस और टर्टल प्रकाशन के स्कूली पाठ्यक्रम में भी बच्चों के लिए कहानियाँ शामिल. दूसरों के लिखे की समीक्षा का भी शौक है, लिखी भी हैं, छपी भी हैं. किन्नरों पर ‘दरमियाना’ की समीक्षा उसी शीर्षक से आलोचना की पुस्तक में शामिल. दिल्ली पत्रकार संघ के लिए मुंबई पर आतंकी हमले रिपोर्टिंग पर चर्चित समालोचना की सहलेखिका हैं. राजस्थान में बंधुआ मजदूरी और दिल्ली में घरेलू कामकाज में बाल मजदूरी पर दो शोध रपटें भी प्रकाशित. बहस में उलझना और आलस्य का पोषण दो शौक हैं. कुछ कर दिखाने का जज़्बा दोनों ही का शिकार हो जाता है. जन्म 1954 में. फ़ोन : 9871167515

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