कुल चारण, जन्म से गुजराती, तन, मन, धन, कर्म से हिंदू और स्वभावसे राष्ट्रप्रेमी बस इतनिसी हैं पहचान मेरी, मेरा राष्ट्र है बस जान मेरी। जय भवानी, वंदे मातरम्।