चंद्रगुप्त - चतुर्थ - अंक - 39

by Jayshankar Prasad in Hindi Novel Episodes

कार्नेलियाने पूछा, एलिस! यहाँ आने पर जैसे मन उदास हो गया है, इस संध्या के द्रश्यने मेरी तन्मयता में एक स्मृति की सूचना दी है सरल संध्या, पक्षियों के नाद से शान्ति को बुलाने लगी है देखते ...Read More