चंद्रगुप्त - चतुर्थ - अंक - 41

by Jayshankar Prasad in Hindi Novel Episodes

राक्षस ने पूछा के अब क्या होगा, यह आग जो लग गई है वो बुझी नहीं तो वो कहाँ रहेगा? क्या हम सब ओर से हार गये हैं? सुवासिनी ने आते ही कहा की हम सब ओर से गये ...Read More