इस कहानी में हुस्नआरा बेगम एक कठिन परिस्थिति में हैं। वह बड़ी बेगम से बात नहीं कर रही हैं और बहारबेगम से भी दूरी बना ली है। अस्करी, जो एक चालाक व्यक्ति है, ने रूहअफजा को अपने पक्ष में कर लिया है और अन्य लोगों को भी अपनी बातों में फंसाया है। रूहअफजा अचानक हुस्नआरा और सिपहआरा को रोते हुए देखती हैं और उनकी स्थिति पर चिंता करती हैं। सिपहआरा और हुस्नआरा अपनी परेशानियों के बारे में बात करती हैं, जिसमें उनके विवाह का मुद्दा शामिल है। हुस्नआरा स्पष्ट करती हैं कि या तो वे आजाद के साथ विवाह करेंगी या फिर हमेशा के लिए कुंवारी रहेंगी। कहानी में परिवार और रिश्तों की जटिलताएं, प्रेम और संघर्ष का चित्रण किया गया है। अंत में, हुस्नआरा एक अखबार से एक मजमून देखकर चौंक उठती हैं, जो कहानी में एक नए मोड़ का संकेत देता है। आजाद-कथा - खंड 1 - 57 by Munshi Premchand in Hindi Fiction Stories 3k Downloads 7.7k Views Writen by Munshi Premchand Category Fiction Stories Read Full Story Download on Mobile Description हुस्नआरा बेगम की जान अजाब में थी। बड़ी बेगम से बोल-चाल बंद, बहारबेगम से मिलना-जुलना तर्क। अस्करी रोज एक नया गुल खिलाता। वह एक ही काइयाँ था, रूहअफजा को भी बातों में लगा कर अपना तरफदार बना लिया। मामा को पाँच रुपए दिए। वह उसका दम भरने लगी। महरी को जोड़ा बनवा दिया, वह भी उसका कलमा पढ़ने लगी। नवाब साहब उसके दोस्त थे ही। हुसैनबख्श को भी गाँठ लिया। बस, अब सिपहआरा के सिवा हुस्नआरा का कोई हमदर्द न था। एक दिन रूहअफजा चुपके-चुपके उधर आईं, तो देखा, कमरे के सब दरवाजे बंद हैं। शीशे से झाँक कर देखा, हुस्नआरा रो रही हैं और सिपहआरा उदास बैठी हैं। रूहअफजा का दिल भर आया। धीरे से दरवाजा खोला और दोनो बहनों को गले लगा कर कहा - आओ, हवा में बैठें। जरीं, मुँह धो डालो। यह क्या बात है! जब देखो, दोनों बहनें रोती रहती हो? Novels आजाद-कथा - खंड 1 मियाँ आजाद के बारे में, हम इतना ही जानते हैं कि वह आजाद थे। उनके खानदान का पता नहीं, गाँव-घर का पता नहीं खयाल आजाद, रंग-ढंग आजाद, लिबास आजाद दिल आजाद... More Likes This BEYOND THE MISSION Mishaal Vanya - 2 by insha कुत्रिम बुद्धिमता - 1 by Ramesh Desai The Legend Of Divyanshi - 1 by साहिल कैंथला अनकहा सच ( भाग - 1) by Vishakha Pareek कुदरत का कानून..- 2 by shilpi वो रात जब सब बदल गया - 1 by Ishaaa LAST STAGE - 1 by Muhib Khan More Interesting Options Hindi Short Stories Hindi Spiritual Stories Hindi Fiction Stories Hindi Motivational Stories Hindi Classic Stories Hindi Children Stories Hindi Comedy stories Hindi Magazine Hindi Poems Hindi Travel stories Hindi Women Focused Hindi Drama Hindi Love Stories Hindi Detective stories Hindi Moral Stories Hindi Adventure Stories Hindi Human Science Hindi Philosophy Hindi Health Hindi Biography Hindi Cooking Recipe Hindi Letter Hindi Horror Stories Hindi Film Reviews Hindi Mythological Stories Hindi Book Reviews Hindi Thriller Hindi Science-Fiction Hindi Business Hindi Sports Hindi Animals Hindi Astrology Hindi Science Hindi Anything Hindi Crime Stories