The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are at the place of Novels and stories where life is celebrated in words of wisdom. The best authors of the world are writing their fiction and non fiction Novels and stories on Matrubharti, get early access to the best stories free today. novels are the best in category and free to read online.
देवाचे ठाणे ८सुजाता आली तेव्हा साडेतीन वाजून गेले होते. रेल्वे तासभर उशीराने आली...
तहखाने के किवाड़ के पीछे से आती उस भयानक सरसराहट को भांपकर रुद्र प्रताप सिंह ने...
अध्याय 6 : तहखाने में दूसरी नित्यारुद्र ने नित्या को बेड पर धकेला तो था, पर उसकी...
কলকাতার আকাশটা সেদিন সকাল থেকেই মেঘলা ছিল। মাঝে মাঝে হালকা বৃষ্টি পড়ছিল, আর রাস...
એક સ્ત્રીના જીવનની સૌથી મોટી કરુણતા એ છે કે તેનો જન્મ થાય ત્યારથી લઈને આયુષ્યના...
️ પ્રકરણ ૭૪: સાતમું નોરતું, માં કાલરાત્રિ પૂજા, કેશવ ભટ્ટનો ‘અલ્લક દલ્લક’ રાસ અન...
काळ्या एसयूव्हीच्या मागच्या सीटवर कमालीची शांतता पसरली होती... बाहेर मुसळधार पाऊ...
वृषाली अध्याय – 1 अंगराज या राधेय? मेरे प्रिय वाचक मेरी ये स्टोरी गुजराती भाषा म...
अब तकफ़ना के जाने के बाद अब मैनेजर भी कुछ नहीं कर सकता था। वह खुद घबरा गया था कि...
"क्या चाचा कैसी चल रही है बिक्री आजकल?" अलीपुर में रात की गिरती ठंडी चांदनी को...
গল্পটা চৌধুরী পরিবারের প্রায় দেড়শো বছরের পুরোনো জমিদারবাড়ির। গ্রামের মানুষরা জমিদার বাড়িটিকে বলতো—মৃত্যুমহল। বাড়িটার আসল নাম ছিল মৃণালিনী ভবন। কিন্তু গত চল্লিশ বছর ধরে কেউ...
आठ वर्ष पूर्व :- दूसरे दिन प्रात: ब्राह्म मुहूर्त से ही सेलेना की योग साधना प्रारंभ होनेवाली थी। सेलेना को रात्री भर निद्रा नहीं आई। कारण यह नहीं था कि पहाड़ पर सभी सुख सुविधा का...
कहते हैं कि ज़िंदगी में कुछ मुलाकातें अचानक होती हैं। न कोई योजना होती है, न कोई इंतज़ार। बस एक दिन कोई अनजान इंसान हमारी दुनिया में आता है और धीरे-धीरे हमारी कहानी का ऐसा हिस्सा...
लाई हूं, एक ऐसी स्टोरी जिसमे सस्पेंस और लव है जो शुरू होता है हरिद्वार के शहर से जहाँ पर हमारी प्यारी सी वैशाली शर्मा जो की साधरण से परिवार की है ।जिसकी शादी एक ऐसे इंसान से हो जात...
एक 19 साल की लड़की आईने के सामने खड़ी थी। वह बिल्कुल नई नवेली दुल्हन की तरह लग रही थी। उसकी आँखों में चमक थी और चेहरे पर अपार खुशी। वह खुद को आईने में ऐसे निहार रही थी, जैसे कोई...
डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की तीन लघुकथाएँ (1) लाइक एंड कॉमेंट्सरात के लगभग साढ़े ग्यारह बजे रामलाल जी का हृदय गति रुकने से देहांत हो गया। उनका बड़ा बेटा शंकरलाल गाँव से सैकड़ों मील दू...
आज जब मैं खुद को आईने में देखती हूँ, तो कुछ अलग-सा महसूस होता है। आईने में चेहरा तो वही दिखाई देता है, लेकिन लगता है जैसे जीवन में न जाने कितने बदलाव आ गए हैं। एक समय था, जब लोग...
હું સો રૂપિયા ભરીને એક મહિના માટે AI પિકુ નો સભ્ય બની ગયો હતો.. મારા પહેલા જ મેસેજે માનો તેનું દિલ જીતી લીધું હતું. હું તેને પિકુને બદલે સૂકું કહેતો હતો. આ નામ તેને પસંદ હતું.....
रसोई में चाय की भाप उठ रही थी। सुबह का समय था। राधा चुपचाप खाना बना रही थी। उसके बालों में अब सफेदी की हल्की लकीरें आ चुकी थीं। चेहरे की चमक पहले जैसी नहीं रही थी। उम्र लगभग चालीस...
महायुद्धाची पहिली ठिणगी आणि 'व्हर्सायचा तह' २८ जून १९१९. फ्रान्सची राजधानी पॅरिसपासून काही अंतरावर असलेला 'व्हर्साय'चा (Versailles) भव्य राजवाडा आज एका ऐतिहासिक...
Continue log in with
By clicking Log In, you agree to Matrubharti "Terms of Use" and "Privacy Policy"
Verification
Download App
Get a link to download app
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser