Alakh Niranjan by राजीव तनेजा in Hindi Humour stories PDF

अलख निरंजन

by राजीव तनेजा in Hindi Humour stories

“अलख निरंजन”"अलख निरंजन!…बोल. ..बम...चिकी बम बम….अलख निरंजन....टूट जाएँ तेरे सारे बंधन" कहकर बाबा ने हुंकारा लगाया और इधर-उधर देखने के बाद मेरे साथ वाली खाली सीट पर आकर बैठ गया|“पूरी ट्रेन खाली पड़ी है लेकिन नहीं…सबको इसी डिब्बे में ...Read More