Mukhbir - 9 by राज बोहरे in Hindi Social Stories PDF

मुख़बिर - 9

by राज बोहरे in Hindi Social Stories

कृपाराम का इशारा मिला तो हम लोग झटपट चल पड़े । पोजीशन वही थी-आगे कृपाराम और बीच में डरे-सहमे, मन ही मन जान की ख्ैार मनाते हम सब । इसके बाद भी हालत वही कि जिसका ऊंचा-नीचा पांव पड़ा या ...Read More