जो घर फूंके अपना - 47 - गरजत बरसत सावन आयो री !

by Arunendra Nath Verma Matrubharti Verified in Hindi Humour stories

जो घर फूंके अपना 47 गरजत बरसत सावन आयो री ! घड़ी की सेकेण्ड वाली सुई ने घूमकर इधर ठीक आठ बजाए और समय की अतीव पाबंदी के साथ, जिसके लिए हमारी वी आई पी स्क्वाड्रन विख्यात थी, विमान ...Read More