rashifal - last part by किशनलाल शर्मा in Hindi Humour stories PDF

राशिफ़ल(अंतिम भाग)

by किशनलाल शर्मा Matrubharti Verified in Hindi Humour stories

हम सोचते सोचते शाहगंज के चौराहे पर आ पहुँचे थे।चौराहे पर आकर लाइन लगाकर खड़े रिक्शो पर हमने नज़र डाली थी।हम आज ऐसे रिक्शे में बैठना चाहते थे।जिसको चलाने वाला बीच की उम्र का हो। यानी न जवान हो,न ...Read More