जो घर फूंके अपना - 50 - ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी वो

by Arunendra Nath Verma Matrubharti Verified in Hindi Humour stories

जो घर फूंके अपना 50 ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी वो --- शाम को ठीक सात बजे मैं वोल्गा रेस्तरां में दाखिल हुआ तो एक नीची टेबुल के सामने सोफे में धंसे हुए अशोक सक्सेना दिखे. पर वे अकेले नहीं ...Read More