Samarpan - 7 by अनु... in Marathi Novel Episodes PDF

समर्पण - ७

by अनु... in Marathi Novel Episodes

समर्पण-७ तेरा ही नशा तेरी ही खुमारी, हर वक्त मुझपे छाये रहती है। तू ही तू मुझमे साँस लेने लगा है, धडकने मेरी कहने लगी है । असच काहीस होत होतं मला आज काल. मला आनंद, दुःख, उत्साह, काहीही ...Read More