giddha bhoj by padma sharma in Hindi Humour stories PDF

गिद्ध भोज

by padma sharma in Hindi Humour stories

गिद्ध भोज गोविंद ने अपने पास लगी कनात के बाहर झांका तो उसे मेले की तरह टूट पड़ती खूब भीड़ दिखी। सजे धजे शामियाने, रंगबिरंगी झिलमिलाती रोशनी और चहल-पहल देखकर ऐसा जान पड़ता था कि-कोई मेला लगा है। विवाह ...Read More