manthan - 10 by रामगोपाल तिवारी (भावुक) in Hindi Novel Episodes PDF

मंथन 10

by रामगोपाल तिवारी (भावुक) Matrubharti Verified in Hindi Novel Episodes

मंथन 10 सोचते-सोचते पांच दिन व्यतीत हो गये, पर मुर्तियाँ नहीं मिलीं। रश्मि, रवि और बशीर मियां की बैठक शुरू हुई। गाँव के भी कुछ लोगों को बुलवा लिया गया। रवि पटेल रंगाराम से बोला-‘पटेल, मेरे ...Read More