Cholbe Na - 1 by Rajeev Upadhyay in Hindi Humour stories PDF

चोलबे ना - 1

by Rajeev Upadhyay in Hindi Humour stories

चच्चा खीस से एकमुस्त लाल-पीला हो भुनभुनाए जा रहे थे मगर बोल कुछ भी नहीं रहे थे। मतलब एकदम चुप्प! बहुत देर तक उनका भ्रमर गान सुनने के बाद जब मेरे अन्दर का कीड़ा कुलबुलाने लगा। अन्त में वो ...Read More