ईमानदारी का कीड़ा (व्यंग्य)

by Alok Mishra Matrubharti Verified in Hindi Humour stories

ईमानदारी का कीड़ा ( व्यंग्य ) हमारे आस-पास सामान्य लोगों की संख्या बहुत अधिक है । आज के समय में सामान्य वही है जो खुद खाता है औरों को खाने देता है। ले- दे के अपने और ...Read More