Natya purush - Rajendra lahariya - 4 by राज बोहरे in Hindi Social Stories PDF

नाट्यपुरुष - राजेन्द्र लहरिया - 4

by राज बोहरे Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

राजेन्द्र लहरिया-नाट्यपुरुष 4 और नियत दिन ठीक समय पर रणजीत उसके घर आ गया था। बैठते ही उसने बिना लाग-लपेट कहना शुरू कर दिया था, ''सर, आप एक नाटककार हैं, रंगकर्मी हैं... आपका 'अंधेर नगरी’ देखने के बाद ...Read More