Unnecessary thoughts - 3 by Merikhanii in Hindi Novel Episodes PDF

बेवजहा के ख़याल - 3

by Merikhanii in Hindi Novel Episodes

कुछ भी मेरे मनमुताबिक नही होता ,किसी काम से ये सोच कर बाहर जाता हूँ कि पैदल चलने से फिट रहूँगा भले ही एटीएम से पैसे निकालने हो तो उस दिन उस एटीएम में पैसे नही होंगे यानी घर ...Read More