Popular Stories on internet, read them free and download

You are at the place of Novels and stories where life is celebrated in words of wisdom. The best authors of the world are writing their fiction and non fiction Novels and stories on Matrubharti, get early access to the best stories free today. novels are the best in category and free to read online.


Languages
Categories
Featured Books

टापुओं पर पिकनिक. By Prabodh Kumar Govil

आर्यन तेरा वर्षांचा झाला. काल त्याचा वाढदिवस होता. तो या वाढदिवसाची कितीतरी दिवसांपासून वाट पाहत होता. तो खूप उत्सुक होता. असणारच ना, कारण हा वाढदिवस त्याच्यासाठी खूप खास होता....

Read Free

इश्क और अश्क By Aradhana

"नहीं! ऐसा मत करो, छोड़ दो please..... जाने दो! नहीं! नहीं!"

"रात्रि उठ! ऐसा कहकर मेघा (रात्रि की मां) ने रात्रि को झकझोर दिया। कितनी बार कहा है इस लड़की को की छोड़...

Read Free

हम फिर से मिले मगर इस तरह By MASHAALLHA KHAN

इंसान की किस्मत मे जो लिखा वो उसे मिलकर ही रहेता है, चाहे मौहब्बत हो या हो अश्क.ये कहानी है अरुण और रूपाली की जो कॉलेज मे मिले फिर अच्छे दोस्त बने , रूपाली जो अरुण से प्यार कर बैठी...

Read Free

यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

उस वक़्त मैं तीन साल का था, मेरा बड़ा भाई सुखेश पांच साल का था औऱ मेरी छोटी बहन भाविका केवल छह महिने की थी. उस वक़्त मेरी मा असाध्य बीमारी का शिकार हो गई थी.

उन्हें कांदिव...

Read Free

कोंदण पर्व एक By Shabdbhramar

एक पाऊल दिसायचं स्वप्नात
अर्ध पाण्यात अर्ध रेतीच्या किनाऱ्यात
गोरी गुलाबी टाच.. अन
नाजूक चंदेरी पैंजण पाण्यावर लहरत असायचं...
पाण्याची लहर यायची पाऊल चढायची,
अन ओसरली कि,
सू...

Read Free

মহাভারতের কাহিনি By Ashoke Ghosh

  মহাভারতের কাহিনি – পর্ব-১    প্রাককথন   সেইসব মানুষের সংখ্যা অত্যন্ত নগণ্য, যাঁরা বিশালাকার মহাগ্রন্থ মহাভারত সম্পূর্ণ পাঠ করেছেন। অধিকাংশ মানুষই মহাভারতের কিছু কিছু গল্প পড়েছেন,...

Read Free

આવો ભજવીએ By SUNIL ANJARIA

માંદગીમાંદગીપાત્રો: તુષાર (એક કિશોર)        1.લલિતભાઈ :  પિતા.        2.કલા બહેન  :   માતા        3.ઝમકુ        :   કામવાળી        4.પ્રવિણા      :   બહેન        5.ડોક્ટર.(પડદો બંધ...

Read Free

तोतया वारसदार By Dilip Bhide

त्या दिवशी सकाळी १० वाजण्याच्या सुमारास सुशीलाने विनायकरावांच्या घराची बेल दाबली. चार वेळा बेल दाबल्यावर सुद्धा आतून काहीच उत्तर आलं नाही, हे बघून तिने घरं भोवती चक्कर मारली. कदाचि...

Read Free

દક્ષિણ ભારત નો પ્રવાસ By Ankursinh Rajput

Day ૧બેંગ્લોરની સફર માટે આમ તો પરફેક્ટલિ રેડી જ હતા પણ એલાર્મ નું નોટ સો મધુર ધૂને મારા કાન ના કોષોની આત્માને થર્ડ ડિગ્રી ટોર્ચર કરી દીધું ને ઊભો થઈને તૈયાર થઈ ગયો, ઉબેર બુક કરીને...

Read Free

બેઇન્તેહા : નફરત અને પ્રેમ By Firdous

આર્ટ એન્ડ આર્કિટેક્ચર કંપનીમાં આજે સવારથી બધા એમ્પ્લોયની ભાગદોડ ચાલુ હતી, કારણ કે જે ક્લાયન્ટ ૧૪ દિવસ બાદ આવવાના હતા, તે અચાનક સોમવારે આવી જવાથી બધા એમ્પ્લોય પોત પોતાના કામ પર લાગી...

Read Free

टापुओं पर पिकनिक. By Prabodh Kumar Govil

आर्यन तेरा वर्षांचा झाला. काल त्याचा वाढदिवस होता. तो या वाढदिवसाची कितीतरी दिवसांपासून वाट पाहत होता. तो खूप उत्सुक होता. असणारच ना, कारण हा वाढदिवस त्याच्यासाठी खूप खास होता....

Read Free

इश्क और अश्क By Aradhana

"नहीं! ऐसा मत करो, छोड़ दो please..... जाने दो! नहीं! नहीं!"

"रात्रि उठ! ऐसा कहकर मेघा (रात्रि की मां) ने रात्रि को झकझोर दिया। कितनी बार कहा है इस लड़की को की छोड़...

Read Free

हम फिर से मिले मगर इस तरह By MASHAALLHA KHAN

इंसान की किस्मत मे जो लिखा वो उसे मिलकर ही रहेता है, चाहे मौहब्बत हो या हो अश्क.ये कहानी है अरुण और रूपाली की जो कॉलेज मे मिले फिर अच्छे दोस्त बने , रूपाली जो अरुण से प्यार कर बैठी...

Read Free

यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

उस वक़्त मैं तीन साल का था, मेरा बड़ा भाई सुखेश पांच साल का था औऱ मेरी छोटी बहन भाविका केवल छह महिने की थी. उस वक़्त मेरी मा असाध्य बीमारी का शिकार हो गई थी.

उन्हें कांदिव...

Read Free

कोंदण पर्व एक By Shabdbhramar

एक पाऊल दिसायचं स्वप्नात
अर्ध पाण्यात अर्ध रेतीच्या किनाऱ्यात
गोरी गुलाबी टाच.. अन
नाजूक चंदेरी पैंजण पाण्यावर लहरत असायचं...
पाण्याची लहर यायची पाऊल चढायची,
अन ओसरली कि,
सू...

Read Free

মহাভারতের কাহিনি By Ashoke Ghosh

  মহাভারতের কাহিনি – পর্ব-১    প্রাককথন   সেইসব মানুষের সংখ্যা অত্যন্ত নগণ্য, যাঁরা বিশালাকার মহাগ্রন্থ মহাভারত সম্পূর্ণ পাঠ করেছেন। অধিকাংশ মানুষই মহাভারতের কিছু কিছু গল্প পড়েছেন,...

Read Free

આવો ભજવીએ By SUNIL ANJARIA

માંદગીમાંદગીપાત્રો: તુષાર (એક કિશોર)        1.લલિતભાઈ :  પિતા.        2.કલા બહેન  :   માતા        3.ઝમકુ        :   કામવાળી        4.પ્રવિણા      :   બહેન        5.ડોક્ટર.(પડદો બંધ...

Read Free

तोतया वारसदार By Dilip Bhide

त्या दिवशी सकाळी १० वाजण्याच्या सुमारास सुशीलाने विनायकरावांच्या घराची बेल दाबली. चार वेळा बेल दाबल्यावर सुद्धा आतून काहीच उत्तर आलं नाही, हे बघून तिने घरं भोवती चक्कर मारली. कदाचि...

Read Free

દક્ષિણ ભારત નો પ્રવાસ By Ankursinh Rajput

Day ૧બેંગ્લોરની સફર માટે આમ તો પરફેક્ટલિ રેડી જ હતા પણ એલાર્મ નું નોટ સો મધુર ધૂને મારા કાન ના કોષોની આત્માને થર્ડ ડિગ્રી ટોર્ચર કરી દીધું ને ઊભો થઈને તૈયાર થઈ ગયો, ઉબેર બુક કરીને...

Read Free

બેઇન્તેહા : નફરત અને પ્રેમ By Firdous

આર્ટ એન્ડ આર્કિટેક્ચર કંપનીમાં આજે સવારથી બધા એમ્પ્લોયની ભાગદોડ ચાલુ હતી, કારણ કે જે ક્લાયન્ટ ૧૪ દિવસ બાદ આવવાના હતા, તે અચાનક સોમવારે આવી જવાથી બધા એમ્પ્લોય પોત પોતાના કામ પર લાગી...

Read Free
-->