कथा के इस अंश में जगार महोत्सव का अंतिम दिन और उसके दौरान नंदिनी और चिराग की गतिविधियों का वर्णन किया गया है। महोत्सव के अंतिम दिन, लोग खरीदारी के लिए उत्साहित थे, और नंदिनी-चिराग को अपेक्षा से अधिक ऑर्डर मिले। विभिन्न अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों से उन्हें कई आर्डर मिले, जिनकी समयसीमा में पूर्ति करनी थी। नंदिनी ने स्टाल में काम करते हुए ग्राहकों को सामान समेटने के लिए निर्देश दिए और उन्होंने सीरियल नंबर के अनुसार सामान को व्यवस्थित किया। अगले दिन, घर में महोत्सव के अनुभवों और ऑर्डर्स की चर्चा हो रही थी। नंदिनी ने काम की योजना बनानी शुरू की, लेकिन उसे इतने बड़े स्तर पर काम करने का अनुभव नहीं था, जिससे वह थोड़ी चिंतित भी थी। कहानी में नंदिनी की आशा और उत्साह को दर्शाया गया है, जो उसे प्रेरित करता है कि कोई समाधान अवश्य निकलेगा। आइना सच नही बोलता - २६ by Neelima Sharma in Hindi Fiction Stories 30k 3.7k Downloads 12k Views Writen by Neelima Sharma Category Fiction Stories Read Full Story Download on Mobile Description कार के साथ चाँद भी सफ़र कर रहा था उस चाँद को एकटक निहारती नंदिनी उसे अपनी बनाई बीरबहूटी सी लाल मखमली साड़ी का घूंघट ओढ़ा कर देख रही थी कि घूंघट में चाँद कैसा लगेगा. सितारों को वह उस साड़ी में टांक रही थी. चांदनी के धागों से आसमान के रेशमी दुपट्टे पर बेल-बूटे उकेर रही थी, शटल के, क्रोशिया के नमूने बुन रही थी. आसमान के काले-नीले पन्ने पर ड्रेस डिजाईन कर रही थी. वो वकील बनना चाहती थी लेकिन बहस करनी उसको नही आती थी अपने हक के लिय लड़ना उसको नही आता जो दुसरो के हक की लडाई लडती . ईश्वर ही नही चाहता था वो वकील बने तो ईश्वर ही शायद यह चाहता था कि वो अपना शौंक पूरा करे ..जो कभी उसका मनपसंद काम था किताबे पढने के बाद लेकिन यह दीपक का उसको धोखे से ब्याहना भी ईश्वर की मर्ज़ी थी ...सोचे थी जो सोचो में से सोच निकाल रही थी ..... कार तेज गति से घर की तरफ से चली जा रही थी और नंदिनी का मन .......................... Novels आइना सच नहीं बोलता “रिश्ते सीमेंट और ईंटों की मज़बूत दीवारों में क़ैद हो कर नहीं पनपते... उन्हें जीने के लिये खुली बाहों का आकाश चाहिये। क्या विवाह हो जाना ही एक स्त्री... More Likes This Oyy Mr. Vampire - 1 by kusum kumari बारह बरश का इंतज़ार - 2 by kusum kumari Second Chance - 1 by wang pang माई डियर प्रोफेसर - भाग 21 by Vartika reena The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 by Sipra Mohanty मेरा बच्चा... लौटा दो... by Wajid Husain प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग by Vartika reena More Interesting Options Hindi Short Stories Hindi Spiritual Stories Hindi Fiction Stories Hindi Motivational Stories Hindi Classic Stories Hindi Children Stories Hindi Comedy stories Hindi Magazine Hindi Poems Hindi Travel stories Hindi Women Focused Hindi Drama Hindi Love Stories Hindi Detective stories Hindi Moral Stories Hindi Adventure Stories Hindi Human Science Hindi Philosophy Hindi Health Hindi Biography Hindi Cooking Recipe Hindi Letter Hindi Horror Stories Hindi Film Reviews Hindi Mythological Stories Hindi Book Reviews Hindi Thriller Hindi Science-Fiction Hindi Business Hindi Sports Hindi Animals Hindi Astrology Hindi Science Hindi Anything Hindi Crime Stories