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इस घर में प्यार मना है By Sonam Brijwasi

इस घर में प्यार मना है…
क्योंकि यहाँ प्यार ने कभी किसी को पूरा नहीं छोड़ा।
या शायद…
क्योंकि इस घर का मालिक प्यार से नफरत करता है।

अध्याय 1— एक अनचाही शादी

“संस्कृति… तैयार...

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मेरे दूल्हे को मरना होगा By Varun

घर भरा हुआ था।

आँगन में रिश्तेदारों की आवाज़ें थीं—हँसी, गाने, बर्तनों की खनक।

शादी की तारीख़ पास थी, और हर कोना तैयारियों से भरा हुआ।

सौम्या गुनगुनाती हुई कमरे में आई।...

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अंश, कार्तिक, आर्यन By Renu Chaurasiya

पुलिस स्टेशन के सामने, धूप में झुलसता हुआ एक बूढ़ा आदमी घुटनों के बल पड़ा था।

उसकी आँखों के आंसू कब के सूख चुके थे, पर चेहरा अब भी रो रहा था।

उसकी कांपती उंगलियाँ जमीन पर ऐसे...

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मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। By kajal jha

"रात 3:12 बजे की दस्तक"
— इस सीरीज के हर एपिसोड में आपको मिलेगी एक
बिल्कुल नई और रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी।

एपिसोड 1: रात 3:12 बजे की दस्तक
रात का सन्नाटा इतना गह...

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అఖిరా – ఒక ఉనికి కథ By Sangeetha Pushpa

ఉదయం 8 గంటలకు ఫోన్ మోగింది. అఖిరా నిద్ర మత్తులో ఉండగా, ఫోన్ రిసీవ్ చేసి, “హలో” అని ఆవలిస్తూ అన్నది.

అటు వైపు నుండి సత్య ఉత్సాహంగా, “హలో అఖిరా! రెడీ అయ్యావా?” అని అడిగింది.

అఖ...

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वेलेंटाइन- डे, एक अधूरी शुरुआत By vikram kori

सुहानी को भीड़ पसंद नहीं थी, लेकिन अकेलापन उससे भी ज़्यादा डराता था।
‎शहर की यह शाम भी कुछ वैसी ही थी—आधी भागदौड़ में डूबी हुई, आधी थकी हुई।

‎वह कैफ़े के कोने वाली कुर्सी पर ब...

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रुधिरारंभ By Dr Phynicks

सह्याद्रीच्या कड्यांवरून वाहणारा वारा नुसता थंड नव्हता; तो मूक साक्षीदारासारखा होता. नुकताच पाऊस पडून गेल्यामुळे हवेत गारवा होता. जंगलातील उंच झाडांच्या फांद्यांवरून तो थंड वारा जा...

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अविस्मरणीय यात्रा - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

त्यावेळी मी तीन वर्षांचा होतो, माझा मोठा भाऊ सुखेश पाच वर्षांचा होता आणि माझी धाकटी बहीण भाविका फक्त सहा महिन्यांची होती. माझ्या आईला एका गंभीर आजाराने ग्रासले होते.

तिला...

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લાગણીનો દોર By ચિરાગ રાણપરીયા

સંજય કોલેજનાં પહેલાં વર્ષમાં હતો. ઘર સુખી અને સંપન હતું. તે ભણવામાં હોશિયાર હતો. તે સુંદર અને સંસ્કારી હતો. તેના મા-બાપને એક નો એક જ દિકરો હતો અટલે લાડ કોડથી એનો ઉછેર થયો હતો.શહેરન...

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નિલક્રિષ્ના By કૃષ્ણપ્રિયા

'જય શ્રી કૃષ્ણ' વાંચક મિત્રો! આજ એક ન્યુ ધારાવાહિક નિલક્રિષ્નામાં પ્રવેશ કરવા જઇ રહી છું. વાંચક મિત્રો તમારો સાથ, સહકાર હંમેશા મળતો‌ રહ્યો છે, અને આગળ પણ મળતો રહે! એવી અપેક...

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इस घर में प्यार मना है By Sonam Brijwasi

इस घर में प्यार मना है…
क्योंकि यहाँ प्यार ने कभी किसी को पूरा नहीं छोड़ा।
या शायद…
क्योंकि इस घर का मालिक प्यार से नफरत करता है।

अध्याय 1— एक अनचाही शादी

“संस्कृति… तैयार...

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मेरे दूल्हे को मरना होगा By Varun

घर भरा हुआ था।

आँगन में रिश्तेदारों की आवाज़ें थीं—हँसी, गाने, बर्तनों की खनक।

शादी की तारीख़ पास थी, और हर कोना तैयारियों से भरा हुआ।

सौम्या गुनगुनाती हुई कमरे में आई।...

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पुलिस स्टेशन के सामने, धूप में झुलसता हुआ एक बूढ़ा आदमी घुटनों के बल पड़ा था।

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उसकी कांपती उंगलियाँ जमीन पर ऐसे...

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मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। By kajal jha

"रात 3:12 बजे की दस्तक"
— इस सीरीज के हर एपिसोड में आपको मिलेगी एक
बिल्कुल नई और रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी।

एपिसोड 1: रात 3:12 बजे की दस्तक
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అటు వైపు నుండి సత్య ఉత్సాహంగా, “హలో అఖిరా! రెడీ అయ్యావా?” అని అడిగింది.

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वेलेंटाइन- डे, एक अधूरी शुरुआत By vikram kori

सुहानी को भीड़ पसंद नहीं थी, लेकिन अकेलापन उससे भी ज़्यादा डराता था।
‎शहर की यह शाम भी कुछ वैसी ही थी—आधी भागदौड़ में डूबी हुई, आधी थकी हुई।

‎वह कैफ़े के कोने वाली कुर्सी पर ब...

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रुधिरारंभ By Dr Phynicks

सह्याद्रीच्या कड्यांवरून वाहणारा वारा नुसता थंड नव्हता; तो मूक साक्षीदारासारखा होता. नुकताच पाऊस पडून गेल्यामुळे हवेत गारवा होता. जंगलातील उंच झाडांच्या फांद्यांवरून तो थंड वारा जा...

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अविस्मरणीय यात्रा - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

त्यावेळी मी तीन वर्षांचा होतो, माझा मोठा भाऊ सुखेश पाच वर्षांचा होता आणि माझी धाकटी बहीण भाविका फक्त सहा महिन्यांची होती. माझ्या आईला एका गंभीर आजाराने ग्रासले होते.

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લાગણીનો દોર By ચિરાગ રાણપરીયા

સંજય કોલેજનાં પહેલાં વર્ષમાં હતો. ઘર સુખી અને સંપન હતું. તે ભણવામાં હોશિયાર હતો. તે સુંદર અને સંસ્કારી હતો. તેના મા-બાપને એક નો એક જ દિકરો હતો અટલે લાડ કોડથી એનો ઉછેર થયો હતો.શહેરન...

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નિલક્રિષ્ના By કૃષ્ણપ્રિયા

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