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एक अनजाना सा इश्क By trisha

लखनऊ, नवाबों का शहर। शाम के सात बज रहे थे। हजरतगंज की रौशनी, चौक की चाट की खुशबू और गोमती नगर की ठंडी हवा, सब कुछ रोज की तरह ही था। पर आयशा के लिए आज कुछ भी रोज जैसा नहीं था।

आय...

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झपाटलेला वाडा. By kalyan mhaslekar

आर्यन जेव्हा आरशात बघायचा तेव्हा त्याला लेखक नाही, एक भिकारी दिसायचा.

तीन पुस्तकं. तीनही आपटली होती. शेवटच्या प्रकाशकाने पुस्तक तोंडावर फेकलं नव्हतं, त्याने एक वाक्य फेकलं होतं...

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तोतया वारसदार By Dilip Bhide

त्या दिवशी सकाळी १० वाजण्याच्या सुमारास सुशीलाने विनायकरावांच्या घराची बेल दाबली. चार वेळा बेल दाबल्यावर सुद्धा आतून काहीच उत्तर आलं नाही, हे बघून तिने घरं भोवती चक्कर मारली. कदाचि...

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Possessed by her ( An untold story ) By Sonam Brijwasi

शैलजा सिंह की एंट्री – नया कमरा, नई शुरुआत… या कुछ और?शाम का धुंधलका धीरे-धीरे शहर पर उतर रहा था। आसमान में हल्की बैंगनी छटा थी और हवा में अजीब सी ठंडक घुली हुई थी।शैलजा सिंह ऑटो स...

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શૂન્યની બહાર. By Anghad

કેટલીક યાદો ભૂલાતી નથી—એ માત્ર છુપાઈ જાય છે.

આરવના જીવનમાં પાંચ વર્ષ પહેલાં બનેલી એક રહસ્યમય આગ પછી ઘણી યાદો ધૂંધળી થઈ ગઈ હતી. પરંતુ એક અજાણ્યો ફોટોગ્રાફ તેની આખી દુનિયા બદલી નાખે...

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BLAST By Muhib Khan

काहिरा के रेगिस्तानी इलाके में रात का गहरा सन्नाटा था। बंद पड़ी सीमेंट फैक्ट्री के अंदर पीली बत्तियों की रोशनी में दर्जनों लोग अत्याधुनिक हथियार और हेरोइन के पैकेट बड़े-बड़े कंटेनर...

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बांसुरी की धुन By prem chand hembram

भारत को आज़ाद हुए अभी कुछ ही वर्ष हुए थे।
देश स्वतंत्र हो चुका था, लेकिन गाँवों की गरीबी अभी भी वैसी ही थी, जैसे आज़ादी की किरण पहाड़ों के उस पार कहीं रुक गई हो। पेट की आग, कर्ज क...

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अँधेरे वाला स्टेशन By Shahroz khan

रात के ठीक ग्यारह बज चुके थे। यूपी से बिहार जाने वाली इस एक्सप्रेस ट्रेन का थर्ड एसी कोच लगभग पूरी तरह से शांत हो चुका था। ट्रेन के पहियों की पटरियों से टकराने वाली छुक-छुक की लयबद...

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The Art of Living Again By Ritvik Arya

It was seven o'clock in the morning. The city streets were slowly waking up, but Nisha Kumari's night had not ended yet. There was no sleep in her eyes, only exhaustion and...

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యంత్రం వెనుక మనసు By swathi

పీఠిక :టెక్నాలజీ మనిషి జీవితంలో ఒక భాగమైపోయింది. మనం తినే ఆహారం నుండి, పడుకునే పడక వరకు అంతా యంత్రమయం. కానీ, మనిషికి మాత్రమే ఉండే 'మనసు', ఆ యంత్రానికి కూడా ఉంటే? ప్రోగ్రామి...

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