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विविधा - 44
by Yashvant Kothari

44-नशों से कैसे बचे नशीली दवाओं का नशा:-  मादक चीजों में आजकल नशीली दवाओं का नशा सभी प्रकार के लोगों में बढ़ता चला जा रहा है। नशीली दवाओं की ...

विविधा - 43
by Yashvant Kothari

43-जनतन्त्र-नये आयाम  जनवरी 1925 में महात्मा गांधी ने स्वराज्य की परिभापा करते हुए कहा था ‘सच्चा स्वराज्य थेड़े से लोगों के सत्ता में आ जाने से नहीं, कल्कि सत्ता ...

ज़िद्दी इश्क़ - 10
by Sabreen FA

सोफ़िया ने कुछ सोचते हुए अपनी गर्दन हाँ में हिलायी। रामिश से दूर रहने के बारे में वोह सोच भी नही सकती थी। उसे इस बात की उम्मीद थी ...

विविधा - 42
by Yashvant Kothari

42-पुलिस, प्रेस, पब्लिक और पार्टियों का रिश्ता  पिछले कुछ वर्पों में शांति व्यवस्था और कानून के मामलों को लेकर काफी बहस हुई है। अक्सर कहीं पर घटी घ्टना को ...

विविधा - 41
by Yashvant Kothari

41-आदिवासी असंतोप: कारण-निवारण  आदिवासी-चार अक्षरों का एक छोटा सा नाम, लेकिन सामाजिक व्यवहार के रुप में अनेक समुदाय, जातियां और किस्मों में बंटा संसार। और इस संसार की अपनी ...

ज़िद्दी इश्क़ - 9
by Sabreen FA

रामिश सोफिया को लेने के लिए उसके घर पहुंचा और उसने गाड़ी से निकल कर दरवाजे की बेल बजाई। सोफिया जो भी शावर लेकर निकली थी उसके बाल अभी ...

કવિતાઓ - કવિતા સંગ્રહ
by Jaimini

સુરાહી ને જામ રાખું છુંપણ દિલમાં રાધા ને શ્યામ રાખું છુંહશે અમિરોની મહેફિલમાં મશહૂર તુંહું શહેરના આશિકોમાં મોટુ નામ રાખું છુંછે શરાબ જેવી વાતો મિજાઝમાં મારાકડવી શરૂઆત ને મીઠું ...

विविधा - 40
by Yashvant Kothari

40-पर्यटन एकलिंग जी का मंदिर   झाीलों, फव्वारों और अरावली की श्रृंखलाओं वाले उदयपुर से उत्तर में राप्टीय राजमार्ग 8 पर 22 किलोमीटर दूर एक अत्यन्त रमणीय, सुन्दर और मनमोहक ...

ज़िद्दी इश्क़ - 8
by Sabreen FA

हॉस्पिटल में एक औरत मशीनों में लिपटी हुई होशो हवास की दुनिया से बहुत दूर थी। एक आदमी उसके हाथों को पकड़े हुए उसे ही देख रहा था और ...

विविधा - 39
by Yashvant Kothari

39-कैसा हो बच्चों का साहित्य ?  पिछले कुछ वर्पो में हिन्दी व भारतीय भापाओं में प्रचुर मात्रा में बाल साहित्य का प्रकाशन हुआ है। अंग्रेजी के साहित्य से तुलना ...

પુરુષોત્તમ
by Krishvi

મુક્ત મનની વાતો એક બાળક માટે હોસ્ટેલ શામાટે જરૂરી હોય છે? કદાચ જરૂર હોય છે તો શા માટે જરૂરી હોય છે, શું તેનું બાળપણ છીનવી લેવામાં આવી રહ્યું છે ...

विविधा - 38
by Yashvant Kothari

38-बच्चे और अपराध की दुनिया  यदि आंकड़े प्रमाण है तो पिछले दो तीन दशकों में बाल अपराधियों और युवा बर्ग में हिंसा और अपराध करने की प्रवृत्ति में बहुत ...

ज़िद्दी इश्क़ - 7
by Sabreen FA

"तुम होंगे भुक्खड़.........तुम्ही खाओ कीड़े।" माहेरा ने मुंह बना कर कहा। अब तक सोफ़िया को भी होश आ चुका था वोह मुस्कुराते हुए उनकी बहेस सुन रही थी। "वैसे ...

विविधा - 37
by Yashvant Kothari

37-दस जमा दो के बाद क्या करें ?  सर्व प्रथम मैं आपको बधाई देता हूं कि आपने दस जमा दो की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। अब आप ...

ज़िद्दी इश्क़ - 6
by Sabreen FA

"सिस्सो मैं ने तुम्हारे लिए एक शायरी लिखी है।" ज़ाहिद ने शरारत से मुस्कुराते हुए कहा। "सुनाओ।" सोफ़िया ने जल्दी से कहा। उसकी बात सुनकर माहेरा उसे घूरने लगी ...

विविधा - 36
by Yashvant Kothari

36-चित्रकथाओं ‘कामिक्स’ के शिकंजे में फंसे बच्चे  गर्मियां क्या आती हैं, घरों में बच्चे स्कूल और परीक्षाओं से निपट कर बिल्कुल खाली हो जाते है। खाली बच्चे दिन भर ...

विविधा - 35
by Yashvant Kothari

35-बच्चों की छुट्टियों का सदुपयोग करें  शीघ्र ही बच्चों की गर्मी की छुट्टियां शुरु होने वाली हैं। इन लंबी छुट्टियों में मध्यम वर्गीय परिवार के लोग न तो लम्बे ...

જીતની તરસ
by Mrs. Snehal Rajan Jani

વાર્તા:- જીતની તરસલેખિકા:- શ્રીમતી સ્નેહલ રાજન જાનીવિરાજ - એક અત્યંત મહત્વાકાંક્ષી છોકરો. ભણવામાં, રમતમાં, અન્ય પ્રવૃત્તિમાં હંમેશા આગળ રહેતો. પરંતુએની જ્ઞાન મેળવવાની અને નંબર લાવવાની એની તરસ ક્યારેય છિપાતી ...

ज़िद्दी इश्क़ - 5
by Sabreen FA

माहेरा जब केफे से घर आई तो सोफ़िया उसे कहि नही दिखी, उसे लगा कि वोह मार्किट गयी होगी इसीलिए वोह भी जा कर अपने रूम में लेट गयी ...

સને.1973 નું બનાસનું પૂર
by वात्सल्य

બનાસનો વિનાસ(તોતેરનું પૂર)તા.31/08/1973****** આ કોઈ કથા વાર્તા નથી.જાતે જોયેલો અનુભવજન્ય વિનાસ મને આજે પણ પૂરનો સમય યાદ આવે છે.મારી ઉંમરના કે મારાથી વધુ ઉંમરના લોકોને જ્ઞાત હશે.હું પણ આ ...

विविधा - 34
by Yashvant Kothari

34-बिन बचपन सब सून !  वाल्ट ह्विटमैन की प्रसिद्ध कविता ‘एक था बच्चा’ के निम्न अंश हमारे देश के बच्चों पर बहुत सटीक लगते हैं.....  तुम जो कोई भी ...

ज़िद्दी इश्क़ - 4
by Sabreen FA

माहेरा को जब होश आया तो उसने खुद को एक अनजान जगह पाया। वोह जितनी भी बहादुर थी पर अब उसे इस जगह से डर लग रहा था। कमरे ...

विविधा - 33
by Yashvant Kothari

33 - राम तेरे कितने नाम  राम के चरित्र ने हजारों वर्पों से लेखकों, कवियों, कलाकारों, बुद्धिजीतियों को आकर्पित किया है, शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र हो जिसमें राम ...

विविधा - 32
by Yashvant Kothari

32--पतंगोत्सव की परम्परा  पतंग उड़ाने की परम्परा भारत में तथा विदेशों में काफी प्राचीन है। मानव शुरु से ही आसमान में उड़ते परिन्दों को देख देख स्वयं भी उड़ने ...

ज़िद्दी इश्क़ - 3
by Sabreen FA

माज़ और रामिश इस वक़्त अल्बर्टो के मेंशन में थे। उन लोगो ने एक घण्टे पहले ही उस पर हमला किया था क्योंकि अल्बर्टो का कमरा साउंडप्रूफ था और ...

साहब - मेरे ताऊजी (पार्ट 1)
by किशनलाल शर्मा

"बाऊजी का जवाब नही था।नाम था उनका।रोब था"सुरेश बोलामेरे ताऊजी के एल शर्मा बांदीकुई में रेलवे में मेल ड्राइवर थे।लोग उन्हें के एल शर्मा के नाम से जानते थे।पर ...

विविधा - 31
by Yashvant Kothari

31-भारत के प्राचीन खेल  भारतीय सभ्यता और संस्कृति ने हमेशा से ही व्यायाम, खेलकूद, कसरत आदि को पूरा महत्व दिया है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आयुर्वेद में ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 20
by किशनलाल शर्मा

मेरे बड़े कजिन जगदीश जो गणेश ताऊजी के सबसे बड़े बेटे थे।इन्द्र जो ताऊजी कन्हैया लाल के बड़े बेटे थे और मैं हम तीनों का गुट था और हम ...

ज़िद्दी इश्क़ - 2
by Sabreen FA

"पापा अपने पहेली बार मुझसे कुछ मांगा है मैं ज़रूर जाउंगी।" माहेरा ने अपने पापा को देखते हैए कहा जबकि वोह अपनी माँ और भाईयो की उदास भरी नज़रे ...

विविधा - 30
by Yashvant Kothari

30-राजस्थान की चित्रकला  रंगीले राजस्थान के कई रंग हैं। कहीं मरुस्थली बालू पसरी हंइ्र है तो कहीं अरावली की पर्वत श्रृंखलाएं अपना सिर उचा किये हुए खड़ी हुई हैं। ...

विविधा - 29
by Yashvant Kothari

29-कठपुतलियों का संसार कठपुतलियों को देश और विदेश में लोकप्रियता और प्रसिद्धि दिलाने हेतु स्व. देवीलाल सामर ने बहुत काम किया। उदयपुर का भारतीय लोककला मण्डल परम्परागत और नवीन ...

मोहताज़ गण और तंत्र
by Yashvant Kothari

व्यंग्यमोहताज़ गण और तंत्र यशवन्त कोठारीसर्वत्र तंत्र का राज्य है । गण मोहताज है । हर विकास,योजना पर तंत्र का अधिकार है । गण को कोई नहीं पूछता उसेक्या ...