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અનોખી સફર - અમાવસ્યાથી પૂર્ણિમા સુધી By Dakshesh Inamdar

અંધારું હજી છવાયેલું હતું ઠંડી પણ પુરબહારમાં હતી.. સિડનીની સુમસામ સડકો.. નિઃશબ્દ
સ્ટ્રીટ..હજી સવારના છ વાગ્યા હતાં સિટીમાં જોબ કરવા જનારા તૈયાર થઇ ઘરની બહાર નીકળી રહ્યા હતાં.
સ...

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अधुरा वादा एक साया By kajal jha

सन्नाटे की गूँज
माया की ज़िंदगी एक खाली कमरे की तरह थी—चुपचाप, उदास और अकेली। तीस साल की हो चुकी थी वह, लेकिन शादी का ख्याल उसके मन के किसी कोने में दफन हो चुका था। वह एक छोटे से...

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Princess of Varunaprastha By અવિચલ પંચાલ

The proposal

India has a rich history and culture of thousands of years. Puranas and Upanishads are the main ones in this literature. Apart from this, the stories of the incarna...

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ಕೃಷ್ಣ vs ಕಾಳಿಂಗ By Sandeep Joshi

(ರಾತ್ರಿ ಬೆಂಗಳೂರಿನ ಶ್ರೀಮಂತ ಪ್ರದೇಶವೊಂದು ದೀಪಗಳಿಂದ ಝಗಮಗಿಸುತ್ತಿದೆ. ಆಕರ್ಷಕ ವಿನ್ಯಾಸದ, ಭದ್ರತೆಯಿಂದ ಕೂಡಿದ 'ಸುವರ್ಣ ಮಳಿಗೆ'ಯ ಪ್ರವೇಶ ದ್ವಾರ ತೋರಿಸುತ್ತದೆ. ಮಳಿಗೆಯ ಒಳಗೆ, ಚಿನ್ನಾಭರಣಗಳು, ಬೆಲೆಬಾಳ...

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महाभारत की कहानी By Ashoke Ghosh

महाभारत की कहानी - भाग- १ शिखंडी की कहानी और भीष्म की इच्छामृत्यु   प्रस्तावना संपूर्ण महाभारत पढ़ने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है। अधिकांश लोगों ने महाभारत की कुछ कहानी पढ़ी, सु...

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अदृश्य पीया By Sonam Brijwasi

सुनीति ऑफिस से वापस आती है। उसके चेहरे पर थकान और उदासी साफ झलक रही है।
आज ऑफिस में बॉस ने उसे डाँट दिया था। पहली बार उसे अपने आप पर भरोसा टूटा हुआ लगा।
कमरे में आते ही वो ज़मीन पर...

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एक निरोप असाही... By Ashish Devrukhkar

आपल्या एकुलत्या एक बहिणीच्या लग्नासाठी तो सुट्टी टाकून आला होता. बहिणीच्या साखरपुड्याला त्याला यायला जमले नव्हते म्हणून तो थोडा लवकरच म्हणजे फक्त ३ दिवस आधीच आला होता. कारणही तसेच...

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त्रिशा... By vrinda

यह शब्द सुना तो बहुत था, बचपन में इस पर निबंध भी बहुत लिखे थे पर मेरे लिए यह शब्द तब तक अस्तित्व में नहीं था जब तक की मुझे मेरी सहेली ने इसका असल अर्थ समझाया नहीं था।

मेरे पिताज...

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तेरे मेरे दरमियान By CHIRANJIT TEWARY

शाम का समय था । जानवी अपने पापा अशोक मुखर्जी से अपने पसंद के लड़के से शादी करने की जिद कर रही थी । जिस कारण से अशोक अपनी एकलौती बेटी जानवी को डांटता है । अशोक धनबाद शहर का एक जाना...

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रॉ एजेंट By bhagwat singh naruka

इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है इसका किसी जीवित, जंतु, मानव संसाधन से कोई लेना देना नही है अगर ऐसा होता है तो ये मात्र एक सयोग होगा ,,, जय हिन्द,
इस कहानी को लिखने का उद्देश्य क...

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અનોખી સફર - અમાવસ્યાથી પૂર્ણિમા સુધી By Dakshesh Inamdar

અંધારું હજી છવાયેલું હતું ઠંડી પણ પુરબહારમાં હતી.. સિડનીની સુમસામ સડકો.. નિઃશબ્દ
સ્ટ્રીટ..હજી સવારના છ વાગ્યા હતાં સિટીમાં જોબ કરવા જનારા તૈયાર થઇ ઘરની બહાર નીકળી રહ્યા હતાં.
સ...

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अधुरा वादा एक साया By kajal jha

सन्नाटे की गूँज
माया की ज़िंदगी एक खाली कमरे की तरह थी—चुपचाप, उदास और अकेली। तीस साल की हो चुकी थी वह, लेकिन शादी का ख्याल उसके मन के किसी कोने में दफन हो चुका था। वह एक छोटे से...

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Princess of Varunaprastha By અવિચલ પંચાલ

The proposal

India has a rich history and culture of thousands of years. Puranas and Upanishads are the main ones in this literature. Apart from this, the stories of the incarna...

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ಕೃಷ್ಣ vs ಕಾಳಿಂಗ By Sandeep Joshi

(ರಾತ್ರಿ ಬೆಂಗಳೂರಿನ ಶ್ರೀಮಂತ ಪ್ರದೇಶವೊಂದು ದೀಪಗಳಿಂದ ಝಗಮಗಿಸುತ್ತಿದೆ. ಆಕರ್ಷಕ ವಿನ್ಯಾಸದ, ಭದ್ರತೆಯಿಂದ ಕೂಡಿದ 'ಸುವರ್ಣ ಮಳಿಗೆ'ಯ ಪ್ರವೇಶ ದ್ವಾರ ತೋರಿಸುತ್ತದೆ. ಮಳಿಗೆಯ ಒಳಗೆ, ಚಿನ್ನಾಭರಣಗಳು, ಬೆಲೆಬಾಳ...

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महाभारत की कहानी By Ashoke Ghosh

महाभारत की कहानी - भाग- १ शिखंडी की कहानी और भीष्म की इच्छामृत्यु   प्रस्तावना संपूर्ण महाभारत पढ़ने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है। अधिकांश लोगों ने महाभारत की कुछ कहानी पढ़ी, सु...

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अदृश्य पीया By Sonam Brijwasi

सुनीति ऑफिस से वापस आती है। उसके चेहरे पर थकान और उदासी साफ झलक रही है।
आज ऑफिस में बॉस ने उसे डाँट दिया था। पहली बार उसे अपने आप पर भरोसा टूटा हुआ लगा।
कमरे में आते ही वो ज़मीन पर...

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एक निरोप असाही... By Ashish Devrukhkar

आपल्या एकुलत्या एक बहिणीच्या लग्नासाठी तो सुट्टी टाकून आला होता. बहिणीच्या साखरपुड्याला त्याला यायला जमले नव्हते म्हणून तो थोडा लवकरच म्हणजे फक्त ३ दिवस आधीच आला होता. कारणही तसेच...

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त्रिशा... By vrinda

यह शब्द सुना तो बहुत था, बचपन में इस पर निबंध भी बहुत लिखे थे पर मेरे लिए यह शब्द तब तक अस्तित्व में नहीं था जब तक की मुझे मेरी सहेली ने इसका असल अर्थ समझाया नहीं था।

मेरे पिताज...

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तेरे मेरे दरमियान By CHIRANJIT TEWARY

शाम का समय था । जानवी अपने पापा अशोक मुखर्जी से अपने पसंद के लड़के से शादी करने की जिद कर रही थी । जिस कारण से अशोक अपनी एकलौती बेटी जानवी को डांटता है । अशोक धनबाद शहर का एक जाना...

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रॉ एजेंट By bhagwat singh naruka

इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है इसका किसी जीवित, जंतु, मानव संसाधन से कोई लेना देना नही है अगर ऐसा होता है तो ये मात्र एक सयोग होगा ,,, जय हिन्द,
इस कहानी को लिखने का उद्देश्य क...

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