मेरा जन्म राजस्थान के जिला - झुंझुनू के चनाना ग्राम में हुआ। धुल मिट्टी और तपती रेत पर मेरा बचपन व्यतीत हुआ। बचपन में कविता सुनने का, पढ़ने का बहुत शौक रहा। सुनते पढ़ते ना जाने कब लिखने की रूचि मन में घिरने लगी और धीरे धीरे लिखने की तरफ आकर्षण बढने लगा। बस मन और आस पास जो भी महसूस होता उसे अपने मन और दिल के मुताबिक शब्दों में ढालने की भरपूर कोशिश करता रहा। 2005 में मैंने लिखने का दौर शुरू किया। लेकिन मेरी रचनाएँ सिर्फ पन्नों तक सिमित रह जाती थी। 2009 में जब पहली बार अपनी रचनाएँ अंतर्जाल पे प्रेषित हुई । आभासी दुनिया के मित्रों मिली प्रतिक्रिया लिखने में मनोबल बढाने लगी और धीरे धीरे शब्दों के माध्यम से सबके बीच अपना स्थान बनता गया। दस साल से लगातार लिखने का सिलसिला अब तक जारी है और माँ शारदे के आशीर्वाद से ये निरन्तरता यूँ ही बनी रहे। मेरा नाम "अनुज केडिया" है पर साहित्य के क्षेत्र में "ऋषि अग्रवाल" के नाम से ख्याति प्राप्त हुई। कपड़ो के व्यापार से जुड़े होने के बावजूद भी साहित्य से प्रेम जारी है। कई प्रकार की विभिन्न पत्रिकाओं और अंतर्जाल पे मेरी रचनाएँ प्रकाशन के साथ साथ अब तक मेरी कुल प

    No Novels Available.

    No Novels Available.