धर्मयुग ,साप्ताहिक हिन्दुस्तान के किशोर कॉलमों से लेखन की शुरूआत । पहली कहानी उम्र जितना लम्बा प्यार प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिका हंस में1993 सितंबर के अंक मे प्रकाशित ।बीच मे लेखन करीब 20 बर्षो तक बाधित ।2010 से नियमित लेखन । हंस ,कथादेश ,कथाक्रम , परिकथा ,इंद्रप्रस्थ भारती ,युद्धरत आम आदमी ,माटी ,अर्य संदेश ,हमारा भारत इत्यादि सभी प्रमुख पत्रिकाओं मे निरंतर प्रकाशन । कहानी संग्रह - उम्र जितना लम्बा प्यार ,बनते बिगड़ते तिलिस्म ,चाकर राखो जी ,।उपन्यास - तपते जठ मे गुलमोहर जैसा ।

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