शिक्षा-एम.बी.बी.एस.,एम.डी.[मेडिसिन] वर्षों पूर्व प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिकाओं “धर्मयुग” और “सारिका” में कुछ कहानियाँ प्रकाशित I विशेष रूप से “धर्मयुग” के अक्टूबर 1981के दीपावली विशेषांक में प्रकाशित कहानी “नश्तर खामोशियों के” काफी चर्चित रही Iविश्वविद्यालय स्तर पर अनेक नाटकों का लेखन,निर्देशन व् उनमें अभिनय. प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल गोष्ठियों में कई पत्रिकाओं का सम्पादन.शहर में निरंतर सांस्कृतिक एवं मंचीय गतिविधियों का वर्षों से संचालन. इधर कुछ कहानियां “लमही”, “कथाक्रम”, “कथाबिम्ब”, “दैनिक जागरण”, एवं “जानकी पुल ब्लॉग” पर प्रकाशित.