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मंजिले - भाग 8 By Neeraj Sharma

            ------- (सच बोल रहे हो ) ----                आयो कुछ याद करा दू, हमने जो ज़ख्म खाये है, वो और नहीं हमारे लोग है। कितना सच बोल  सकते हो, बोलो। प्रयास करो, खुल कर बोलो,, ब...

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मनस्वी - भाग 6 By Dr. Suryapal Singh

अनुच्छेद-छह                       तुम खुश रहो माँबच्चों के उस आपात् कक्ष में कई बच्चे लेटे हैं। उनके माँ बाप इधर उधर भागते हुए दिखते हैं। हर एक के माता-पिता यही आशा लगाए हुए हैं कि...

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പുരാണങ്ങളിൽ ഇല്ലാത്ത കഥകൾ (2) By BAIJU KOLLARA

️ വളരെ പ്രസിദ്ധമായ കലിംഗ ദേശത്തെ രാജാവായിരുന്നു മേഘവർണ്ണൻ ഇദ്ദേഹത്തിന്റെ ഭരണകാലം കലിംഗ ദേശത്തിന് സുവർണ്ണകാലം തന്നെയായിരുന്നു...മേഘവർണ്ണ മഹാരാജാവ് നീണാൾ വാഴട്ടെ !... ഓരോ പ്രജകളും കൊ...

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ऐलान ए जंग By ABHAY SINGH

क्या यह ऐलान ए जंग है?खरगे साहब ने कहा कि वे बैलट पेपर से चुनाव चाहते हैं। ऐसी बयानी बातें पहले भी आई, पर कोई ठोस रणनीतिक कदम नही । क्योकि ये करना आसान भी नही।  ●●कांग्रेस इस मांग...

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Festivals Of Gujarat By Aarti Garval

Traditions of Gujarati FestivalsGujarat, known for its rich cultural heritage, celebrates festivals that are not just moments of joy and celebration but also a way to bring renewed...

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जिंदगी के रंग हजार - 15 By Kishanlal Sharma

बिछुड़े बारी बारीकाफी पुराना गाना है।आपने जरूर सुना होगा।हो सकता है बहुत से कहे नही सुना"जिंदगी है एक सफर सुहानाकिशोर का यह गाना तो जरूर सुना होगा।आज भी खूब बजता रहता है।दोनों गाने...

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संवाद By Kishanlal Sharma

(नैतिकता अनैतिकता के प्रश्नों को रेखांकित करती पौराणिक प्रसंग पर आधारित काल्पनिक कथा)मैं सुहागसेज पर घूँघट निकालकर बैठी पति के आने का इन तजार कर रही थी।प्रथम मिलन की रात्रि मन मे उ...

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जो पकड़ा जाए वो चोर. बाकी चरित्रवान By R Mendiratta

जो पकड़ा जाए वो चोर, बाकी देश भक्तये कैसा न्याय है, ये कैसा विध्वंस हैजो बोले सच वो देशद्रोही, जो छुपाए झूठ वो देशहितैषीये कैसा लोजिक है, ये कैसा तर्क हैजो पकड़ा जाए वो चोर, बाकी द...

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सरकारी समाचार जलेबी जेसे By R Mendiratta

सरकारी समाचार खुशी देते हैं ( जलेबी जैसे टेढ़े मेढे समाचार,मीठे भी)आज पूरे देश मे सूर्य खिला हुआ है,बारिश के आसार नही हैं ,पर विपक्ष इस पर अफवाहे फेला रहा हैहर तरफ मस्ती छाई हैपक्ष...

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આજ કાલ આવા કિસ્સા ખૂબ વધી ગયા છે By E₹.H_₹

આજ કાલ આવા કિસ્સા ખૂબ વધી ગયા છે ... આજકાલ ત્રીસ પત્રીશ વર્ષ સુધી ની જવાન છોકરીઓ ના લગન નથી થતાં કેમ?... એક ચોવીસ વર્ષ ની એક છોકરી નો બાપ પાસે તેના નજીક નો સગો માંગુ લઇ ને આવ્યો એમ...

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स्वच्छ भ्रष्टाचार पर कुछ घटिया रचनाएँ By R Mendiratta

य़ह  व्यंग्यात्मक कविता है जो भ्रष्टाचार पर आधारित है:भ्रष्टाचार का खेलनेता और अफसर का, समझौता है निराला,भ्रष्टाचार की गंगा में, सबने हाथ डाला।जनता की सेवा का, करते हैं ये दावा,पर...

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बिक गए हैं जो वो सवाल. नहीं पूछते By R Mendiratta

(लॉजिक सो रही हैं हमारी आपकी  और मीडिया की)हम लोगों में एक कमी है जो आजकल अधिक दिख रही है,मीडिया जैसे नशे में है,कोई भी पृष्ण नहीं!आंकड़े अलग थलग करके देख के खुश होते हैं या दुखी भ...

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टूटी फूटी कहानियों का संग्रह - भाग 6 By Sonu Kasana

तीन भाइयों का जीवन का ज्ञानप्राचीन समय की बात है। एक गाँव में तीन भाई—विजय, विक्रम और वासुदेव—अपने माता-पिता के साथ रहते थे। तीनों भाई अपने पिता से विद्या प्राप्त करना चाहते थे और...

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આકર્ષક પણ શાપિત By Anwar Diwan

આમ તો વિશ્વમાં કેટલીક એવી વસ્તુઓનું આકર્ષણ હંમેશથી જોવા મળે છે ખાસ તો હીરા અને ઝવેરાતનાં શોખીનો જુની વસ્તુઓ માટે ગમે તે દામ આપવા તૈયાર હોય છે પણ આ જુની વસ્તુઓ કયારેક તેના ખરીદનાર મ...

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रेत के घरौंदे सा By DINESH KUMAR KEER

1.शादी का शौक नही है साहब... बुरा लगता है :- मेरी वजह से किसी का बेटा अभी तक कुवारा बैठा है...! 2.कब आपकी आँखों में हमें मिलेगी पनाह,चाहे इसे समझो दिल्लगी या समझो गुनाह,अब भले ही ह...

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દેખાવની ‘ખામીઓ’ને ‘વિશિષ્ટતા’માં ફેરવી નાંખો By Anwar Diwan

મધુબાલા, મીના કુમારી, વહીદા રહેમાન, વૈજયતિમાલા,શ્રીદેવી, માધુરી દીક્ષિત, પ્રિયંકા ચોપરા, બિપાશા બસુનું નામ સાંભળીએ એટલે આપણી નજર સમક્ષ સૌંદર્યનો જાણે કે દરિયો લહેરાતો હોય તેવું લાગ...

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फिजा में हरियाली तुमसे है By DINESH KUMAR KEER

1.कोई पूछे तो भी तेरे किस्से बयाँ नहीं करते, हम अपने दिल की बातें यहाँ वहाँ नहीं करते...!2.सुनो... बहुत सारी बातें जमा हो गयी है करने को तुमसे, मेरे लिए तुम... एक दिन इतवार हो जाओ...

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मराठी शुद्धलेखन ह्रस्व - दीर्घ चे सोपे नियम. By Abhay Bapat

शुद्ध लेखनआपल्या शालेय जीवनात आपल्याला शुद्धलेखनाची पहिली ओळख होते. त्यात सगळ्यात प्रथम आणि आपल्याला लक्षात न राहणारा आणि न समजणारा असा विषय म्हणजे ह्रस्व- दीर्घ चे नियम.प्रत्येकाल...

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आपकी नजरों ने समझा By DINESH KUMAR KEER

1.साथ रहते यूँ ही वक़्त गुजर जायेगा,दूर होने के बाद कौन किसे याद आयेगा,जी लो ये पल जब हम साथ हैं दोस्तों,कल क्या पता वक़्त कहाँ ले के जायेगा...2.मेरे दिल का दर्द किसने देखा है, मुझे...

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यूंही अच्छे लगते हो By DINESH KUMAR KEER

1."पाने की तलब है ही कहां""हम तो बस तुझे खोने से डरते हैं"2.बहुत खूबसूरत है, तेरे इन्तजार का आलम... बेकरार सी आँखों में इश्क बेहिसाब लिए बैठे हैं...!3.कितनो को पसंद थी तुम पर,मेरी...

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सांसों में बसे हो तुम By DINESH KUMAR KEER

1.दूरी ने कर दिया है तुझे और भी करीबतेरा ख्याल' आ कर न जाये तो क्या करें2.मोहब्बत का हसीन पैगाम लिख दू क्या,गजब की शाम है तुम्हारे नाम लिख दू क्या...3.हम भी अब मोहब्बत के गीत ग...

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रिश्ता अनोखा सरलता का By DINESH KUMAR KEER

1.ऐसा ना हो कि,तुम्हें जब मेरी आदत होने लगे,अपने आस पास,मुझे ढूंढने की,कवायद होने लगे...2.इन सुलगते रास्तों पर मैं अब्र बिखरा रही हूं,अपने हिस्से का सारा सब्र बिखरा रही हूं,बिखरा र...

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देखो फूल रूठ गए By DINESH KUMAR KEER

1.जिस राह पर अब हम हैं,घर तुम्हारा पीछे छूट गया,शीशे का महल था,शब्द कंकरों से,छन से टूट गया...2.बाज़ार का हुस्न भी कुछ कम नहीं,रंगो और साजो सामान से भरा है,अपनी ही कहानी कहता है,और...

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किस्मत ने बांधा (एक डोर से) By DINESH KUMAR KEER

1.आज रास्ते में देखा उसे,सब बदला बदला सा लगा,वो जो सबकुछ हुआ करता था कभी,दुनियां की तरह अजनबी सा लगा,रात दिन जिसकी आस रहती थी कभी,वो अब मुझे मेरी तिश्नगी नहीं लगा...2.एक सहारा तुम्...

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चलो मुस्कुरा दो अब By DINESH KUMAR KEER

1.अपनी अच्छाई पे तुम भरोसा रखना,बंद मत करना खुद को,किसी कमरे में,बंद कमरे में भी अपने लिए,खुला एक झरोखा रखना,बहुत रोकेंगे लोग तुम्हें,हंसने मुस्कुराने से,तुम रुकना नहीं किसी भी हाल...

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किस्मत की डोरी से बंधे दिल By DINESH KUMAR KEER

1.किसी के रंग में रंगने से अच्छा है, अपनी पसंद के रंगों का ख्याल रखो, बेरंग ना हो जाओ बस यूँ ही किसी की ख़ातिर, तुम अपनी पसंद ना पसंद से प्यार रखो...2.वो शख्स बड़ा ही दिलदार था,दिल...

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तू है मेरी जिन्दगी By DINESH KUMAR KEER

1.इश्क की गहराइयों में खोकर,दिल की हर धड़कन उसे याद करती है।प्यार की बातों में गुम हो जाना,वही सच्चा इश्क है, जो दिल को बेखुद बना देता है।2.ख्वाबों की दुनिया में खोकर,तेरी बाहों मे...

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कांटे भी नहीं चुभते By DINESH KUMAR KEER

1.किस हद तक इंतजार करें कोई, गुलाब कब तक ताज़ा रहेगा... आखिर ?2.वो हमसें जुदा होकर ग़ैरों पे फिदा हो गएक्या वाक़ई मोहब्बत के ऐसे ख़ुदा होते हैं,3.गुजर रही है ये जिन्दगी बड़े ही नाजुक...

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तन मेरा महका है By DINESH KUMAR KEER

1.तन मेरा महका है जब - जब ख़्याल तुम्हारा महका है, इत्र से भला क्या काम मुझे अब तुम्हारा जिक्र ऐसा है...!!2.निहार रहे हैं तुम्हें बिना पलक झपकाये,क्या पता तुमसे कब नजर मिल जाये...!...

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तुमको पाने की तमन्ना By DINESH KUMAR KEER

1.हे सुनो,ऐसा करते है,तुम पे मरते हैहमने वैसे भी तो,मर ही जाना है... 2.सुबह तेरी बातों मेंदोपहर तेरे ख्यालों मेंशाम तेरे इंतज़ार मेंरात तेरी यादों में गुज़रती हैभला कौन कहता है ये इश...

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આંતરરાષ્ટ્રીય ગરીબી નાબૂદી દિવસ By Jagruti Vakil

      આંતરરાષ્ટ્રીય ગરીબી નાબૂદી દિવસ    તા. 17 ઓક્ટોબર, 1987ના રોજ પેરિસના ટ્રોકાડેરો ખાતે અત્યંત ગરીબી, હિંસા અને ભૂખમરાનો ભોગ બનેલા એક લાખથી વધુ લોકો એકઠા થયા હતા. તેઓએ ગરીબીને...

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निगाहें लाख चुरा लो तुम By DINESH KUMAR KEER

1.मैं "हिंदी" का "आलिंगन" हूँ, वो "उर्दू" में "आग़ोश"उसको मेरे "बाजुओं" में सुकूँन है, मैं उसकी "बाहों" में मदहोश...!!2.बड़ी तबियत से पूछाउसनेकि कौन हूँ मैं... एक मुस्कान के साथहमने...

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शब्दों का संसार By DINESH KUMAR KEER

1.यह 'शब्दों का संसार' तुम न समझोगे,इससे मेरा प्यार भी तुम न समझोगे, तुम नहीं जानते मन से भाव चुरा लाना, किसी के उद्दगार को मान दिला पाना,प्यार के अनगिने रंगो की बारीकियां,...

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पुस्तक समीक्षा काव्य संग्रह - बातें जो कही नहीं गईं By Sudhir Srivastava

पुस्तक समीक्षाकाव्य संग्रह - "बातें जो कही नहीं गईं"                            समीक्षक = सुधीर श्रीवास्तव गोण्डा (उ.प्र.)     सरल सहज मृदुभाषी कवयित्री मीनाक्षी सिंह की "बातें...

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निर्मला By DINESH KUMAR KEER

1.दोस्तकिशोरी लाल एक किसान थे। उनके दो बेटे थे- जीवा और मोती। जीवा अपने पिता के काम में हाथ बँटाता था, पर मोती सिर्फ गाँव के दोस्तों के साथ घूमता और मौज मस्ती करता था।गेहूँ की फसल...

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भारत का ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने का सफर - भाग 3 By Sonu Kasana

भारत को ओलंपिक में दूसरा स्वर्ण पदक 2008 के बीजिंग ओलंपिक में मिला। यह पदक अभिनव बिंद्रा ने 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग में जीता था। इस जीत के साथ, अभिनव बिंद्रा भारत के पहले व्यक्ति...

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मुझे बड़ी अच्छी लगी By DINESH KUMAR KEER

1.बैठा है क्यों उदास वो दिलबर की याद मेंमुझसे तो कह रहा था मोहब्बत फ़िज़ूल है2.जताती कभी... छुपाती कभी... चूमती कभी,मुस्कुराहटें तुम्हारी हैं बदमाश बहुत…3.मुझे बड़ी अच्छी लगी उसकी...

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लागी तुमसे मन की लगन By DINESH KUMAR KEER

1.हम तुझसे किस हवस की फलक जुस्तुजू करेंदिल ही नहीं रहा है जो कुछ आरजू करेंतर-दामनी पे शेख हमारी ना जाईयोदामन निचोड़ दें तो फ़रिश्ते वजू* करेंसर ता क़दम ज़ुबां हैं जूं शम’अ गो की हम...

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खत लिखने की ख्वाहिश By DINESH KUMAR KEER

1.खत लिखने की ख्वाहिश थी मेरी ।ना कलम ने साथ दिया ना शब्दों ने शमां बांधा ।2.कभी फुरसत में अपनी कमियों पर गौर करनादूसरों का आईना बनने की ख्वाहिश मिट जाएगी3.फ़ैसला लिखा हुआ रखा है प...

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बहती आँखों का दरिया By DINESH KUMAR KEER

1.कुछ खूबसूरत रास्तों के नसीब में... मुसाफिर नहीं होते,कुछ होते हैं अपने...मगर साथ नहीं होते! 2.कभी भी लोगो कोहराने की कोशिश मत करोबस उनका दिल जीतो 3.आज के समय रिश्ते बनाए बहुत सोच...

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तुमने आवाज दी By DINESH KUMAR KEER

1.नेकियाँ खरीदी हैं हमने अपनी शोहरतें गिरवी रखकर... कभी फुर्सत में मिलना ऐ ज़िन्दगी तेरा भी हिसाब कर देंगे...!!2.अपने क़िरदार पर इतना तो यक़ीन है हमें...धोख़ा देने वाले भी रोते होंग...

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अनमोल मोती By DINESH KUMAR KEER

1.ज़िंदगी आसान नही होती, आसान बनाना पड़ता है।कुछ अन्दाज़ से तो कुछ नज़र - अन्दाज़ से।2.कब्र में दफनाते ही सारे रिश्ते टूट जाते... चंद दिनों में अपने अपनों को भूल जाते हैं... कोई नह...

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History of Kashmir.... - 5 By puja

चक राजवंश को खत्म कर अकबर ने कश्मीर को अपने साम्राज्य में शामिल कर लिया। वहां एक सूबेदार नियुक्त कर प्रशासन चलाने लगा। अकबर अपने जीवन में 3 बार कश्मीर की यात्रा पर गया। 1589 की पहल...

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मंजिले - भाग 8 By Neeraj Sharma

            ------- (सच बोल रहे हो ) ----                आयो कुछ याद करा दू, हमने जो ज़ख्म खाये है, वो और नहीं हमारे लोग है। कितना सच बोल  सकते हो, बोलो। प्रयास करो, खुल कर बोलो,, ब...

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मनस्वी - भाग 6 By Dr. Suryapal Singh

अनुच्छेद-छह                       तुम खुश रहो माँबच्चों के उस आपात् कक्ष में कई बच्चे लेटे हैं। उनके माँ बाप इधर उधर भागते हुए दिखते हैं। हर एक के माता-पिता यही आशा लगाए हुए हैं कि...

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പുരാണങ്ങളിൽ ഇല്ലാത്ത കഥകൾ (2) By BAIJU KOLLARA

️ വളരെ പ്രസിദ്ധമായ കലിംഗ ദേശത്തെ രാജാവായിരുന്നു മേഘവർണ്ണൻ ഇദ്ദേഹത്തിന്റെ ഭരണകാലം കലിംഗ ദേശത്തിന് സുവർണ്ണകാലം തന്നെയായിരുന്നു...മേഘവർണ്ണ മഹാരാജാവ് നീണാൾ വാഴട്ടെ !... ഓരോ പ്രജകളും കൊ...

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ऐलान ए जंग By ABHAY SINGH

क्या यह ऐलान ए जंग है?खरगे साहब ने कहा कि वे बैलट पेपर से चुनाव चाहते हैं। ऐसी बयानी बातें पहले भी आई, पर कोई ठोस रणनीतिक कदम नही । क्योकि ये करना आसान भी नही।  ●●कांग्रेस इस मांग...

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Festivals Of Gujarat By Aarti Garval

Traditions of Gujarati FestivalsGujarat, known for its rich cultural heritage, celebrates festivals that are not just moments of joy and celebration but also a way to bring renewed...

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जिंदगी के रंग हजार - 15 By Kishanlal Sharma

बिछुड़े बारी बारीकाफी पुराना गाना है।आपने जरूर सुना होगा।हो सकता है बहुत से कहे नही सुना"जिंदगी है एक सफर सुहानाकिशोर का यह गाना तो जरूर सुना होगा।आज भी खूब बजता रहता है।दोनों गाने...

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संवाद By Kishanlal Sharma

(नैतिकता अनैतिकता के प्रश्नों को रेखांकित करती पौराणिक प्रसंग पर आधारित काल्पनिक कथा)मैं सुहागसेज पर घूँघट निकालकर बैठी पति के आने का इन तजार कर रही थी।प्रथम मिलन की रात्रि मन मे उ...

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जो पकड़ा जाए वो चोर. बाकी चरित्रवान By R Mendiratta

जो पकड़ा जाए वो चोर, बाकी देश भक्तये कैसा न्याय है, ये कैसा विध्वंस हैजो बोले सच वो देशद्रोही, जो छुपाए झूठ वो देशहितैषीये कैसा लोजिक है, ये कैसा तर्क हैजो पकड़ा जाए वो चोर, बाकी द...

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सरकारी समाचार जलेबी जेसे By R Mendiratta

सरकारी समाचार खुशी देते हैं ( जलेबी जैसे टेढ़े मेढे समाचार,मीठे भी)आज पूरे देश मे सूर्य खिला हुआ है,बारिश के आसार नही हैं ,पर विपक्ष इस पर अफवाहे फेला रहा हैहर तरफ मस्ती छाई हैपक्ष...

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આજ કાલ આવા કિસ્સા ખૂબ વધી ગયા છે By E₹.H_₹

આજ કાલ આવા કિસ્સા ખૂબ વધી ગયા છે ... આજકાલ ત્રીસ પત્રીશ વર્ષ સુધી ની જવાન છોકરીઓ ના લગન નથી થતાં કેમ?... એક ચોવીસ વર્ષ ની એક છોકરી નો બાપ પાસે તેના નજીક નો સગો માંગુ લઇ ને આવ્યો એમ...

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स्वच्छ भ्रष्टाचार पर कुछ घटिया रचनाएँ By R Mendiratta

य़ह  व्यंग्यात्मक कविता है जो भ्रष्टाचार पर आधारित है:भ्रष्टाचार का खेलनेता और अफसर का, समझौता है निराला,भ्रष्टाचार की गंगा में, सबने हाथ डाला।जनता की सेवा का, करते हैं ये दावा,पर...

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बिक गए हैं जो वो सवाल. नहीं पूछते By R Mendiratta

(लॉजिक सो रही हैं हमारी आपकी  और मीडिया की)हम लोगों में एक कमी है जो आजकल अधिक दिख रही है,मीडिया जैसे नशे में है,कोई भी पृष्ण नहीं!आंकड़े अलग थलग करके देख के खुश होते हैं या दुखी भ...

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टूटी फूटी कहानियों का संग्रह - भाग 6 By Sonu Kasana

तीन भाइयों का जीवन का ज्ञानप्राचीन समय की बात है। एक गाँव में तीन भाई—विजय, विक्रम और वासुदेव—अपने माता-पिता के साथ रहते थे। तीनों भाई अपने पिता से विद्या प्राप्त करना चाहते थे और...

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આકર્ષક પણ શાપિત By Anwar Diwan

આમ તો વિશ્વમાં કેટલીક એવી વસ્તુઓનું આકર્ષણ હંમેશથી જોવા મળે છે ખાસ તો હીરા અને ઝવેરાતનાં શોખીનો જુની વસ્તુઓ માટે ગમે તે દામ આપવા તૈયાર હોય છે પણ આ જુની વસ્તુઓ કયારેક તેના ખરીદનાર મ...

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रेत के घरौंदे सा By DINESH KUMAR KEER

1.शादी का शौक नही है साहब... बुरा लगता है :- मेरी वजह से किसी का बेटा अभी तक कुवारा बैठा है...! 2.कब आपकी आँखों में हमें मिलेगी पनाह,चाहे इसे समझो दिल्लगी या समझो गुनाह,अब भले ही ह...

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દેખાવની ‘ખામીઓ’ને ‘વિશિષ્ટતા’માં ફેરવી નાંખો By Anwar Diwan

મધુબાલા, મીના કુમારી, વહીદા રહેમાન, વૈજયતિમાલા,શ્રીદેવી, માધુરી દીક્ષિત, પ્રિયંકા ચોપરા, બિપાશા બસુનું નામ સાંભળીએ એટલે આપણી નજર સમક્ષ સૌંદર્યનો જાણે કે દરિયો લહેરાતો હોય તેવું લાગ...

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फिजा में हरियाली तुमसे है By DINESH KUMAR KEER

1.कोई पूछे तो भी तेरे किस्से बयाँ नहीं करते, हम अपने दिल की बातें यहाँ वहाँ नहीं करते...!2.सुनो... बहुत सारी बातें जमा हो गयी है करने को तुमसे, मेरे लिए तुम... एक दिन इतवार हो जाओ...

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मराठी शुद्धलेखन ह्रस्व - दीर्घ चे सोपे नियम. By Abhay Bapat

शुद्ध लेखनआपल्या शालेय जीवनात आपल्याला शुद्धलेखनाची पहिली ओळख होते. त्यात सगळ्यात प्रथम आणि आपल्याला लक्षात न राहणारा आणि न समजणारा असा विषय म्हणजे ह्रस्व- दीर्घ चे नियम.प्रत्येकाल...

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आपकी नजरों ने समझा By DINESH KUMAR KEER

1.साथ रहते यूँ ही वक़्त गुजर जायेगा,दूर होने के बाद कौन किसे याद आयेगा,जी लो ये पल जब हम साथ हैं दोस्तों,कल क्या पता वक़्त कहाँ ले के जायेगा...2.मेरे दिल का दर्द किसने देखा है, मुझे...

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यूंही अच्छे लगते हो By DINESH KUMAR KEER

1."पाने की तलब है ही कहां""हम तो बस तुझे खोने से डरते हैं"2.बहुत खूबसूरत है, तेरे इन्तजार का आलम... बेकरार सी आँखों में इश्क बेहिसाब लिए बैठे हैं...!3.कितनो को पसंद थी तुम पर,मेरी...

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सांसों में बसे हो तुम By DINESH KUMAR KEER

1.दूरी ने कर दिया है तुझे और भी करीबतेरा ख्याल' आ कर न जाये तो क्या करें2.मोहब्बत का हसीन पैगाम लिख दू क्या,गजब की शाम है तुम्हारे नाम लिख दू क्या...3.हम भी अब मोहब्बत के गीत ग...

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रिश्ता अनोखा सरलता का By DINESH KUMAR KEER

1.ऐसा ना हो कि,तुम्हें जब मेरी आदत होने लगे,अपने आस पास,मुझे ढूंढने की,कवायद होने लगे...2.इन सुलगते रास्तों पर मैं अब्र बिखरा रही हूं,अपने हिस्से का सारा सब्र बिखरा रही हूं,बिखरा र...

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देखो फूल रूठ गए By DINESH KUMAR KEER

1.जिस राह पर अब हम हैं,घर तुम्हारा पीछे छूट गया,शीशे का महल था,शब्द कंकरों से,छन से टूट गया...2.बाज़ार का हुस्न भी कुछ कम नहीं,रंगो और साजो सामान से भरा है,अपनी ही कहानी कहता है,और...

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किस्मत ने बांधा (एक डोर से) By DINESH KUMAR KEER

1.आज रास्ते में देखा उसे,सब बदला बदला सा लगा,वो जो सबकुछ हुआ करता था कभी,दुनियां की तरह अजनबी सा लगा,रात दिन जिसकी आस रहती थी कभी,वो अब मुझे मेरी तिश्नगी नहीं लगा...2.एक सहारा तुम्...

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चलो मुस्कुरा दो अब By DINESH KUMAR KEER

1.अपनी अच्छाई पे तुम भरोसा रखना,बंद मत करना खुद को,किसी कमरे में,बंद कमरे में भी अपने लिए,खुला एक झरोखा रखना,बहुत रोकेंगे लोग तुम्हें,हंसने मुस्कुराने से,तुम रुकना नहीं किसी भी हाल...

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किस्मत की डोरी से बंधे दिल By DINESH KUMAR KEER

1.किसी के रंग में रंगने से अच्छा है, अपनी पसंद के रंगों का ख्याल रखो, बेरंग ना हो जाओ बस यूँ ही किसी की ख़ातिर, तुम अपनी पसंद ना पसंद से प्यार रखो...2.वो शख्स बड़ा ही दिलदार था,दिल...

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तू है मेरी जिन्दगी By DINESH KUMAR KEER

1.इश्क की गहराइयों में खोकर,दिल की हर धड़कन उसे याद करती है।प्यार की बातों में गुम हो जाना,वही सच्चा इश्क है, जो दिल को बेखुद बना देता है।2.ख्वाबों की दुनिया में खोकर,तेरी बाहों मे...

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कांटे भी नहीं चुभते By DINESH KUMAR KEER

1.किस हद तक इंतजार करें कोई, गुलाब कब तक ताज़ा रहेगा... आखिर ?2.वो हमसें जुदा होकर ग़ैरों पे फिदा हो गएक्या वाक़ई मोहब्बत के ऐसे ख़ुदा होते हैं,3.गुजर रही है ये जिन्दगी बड़े ही नाजुक...

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तन मेरा महका है By DINESH KUMAR KEER

1.तन मेरा महका है जब - जब ख़्याल तुम्हारा महका है, इत्र से भला क्या काम मुझे अब तुम्हारा जिक्र ऐसा है...!!2.निहार रहे हैं तुम्हें बिना पलक झपकाये,क्या पता तुमसे कब नजर मिल जाये...!...

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तुमको पाने की तमन्ना By DINESH KUMAR KEER

1.हे सुनो,ऐसा करते है,तुम पे मरते हैहमने वैसे भी तो,मर ही जाना है... 2.सुबह तेरी बातों मेंदोपहर तेरे ख्यालों मेंशाम तेरे इंतज़ार मेंरात तेरी यादों में गुज़रती हैभला कौन कहता है ये इश...

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આંતરરાષ્ટ્રીય ગરીબી નાબૂદી દિવસ By Jagruti Vakil

      આંતરરાષ્ટ્રીય ગરીબી નાબૂદી દિવસ    તા. 17 ઓક્ટોબર, 1987ના રોજ પેરિસના ટ્રોકાડેરો ખાતે અત્યંત ગરીબી, હિંસા અને ભૂખમરાનો ભોગ બનેલા એક લાખથી વધુ લોકો એકઠા થયા હતા. તેઓએ ગરીબીને...

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निगाहें लाख चुरा लो तुम By DINESH KUMAR KEER

1.मैं "हिंदी" का "आलिंगन" हूँ, वो "उर्दू" में "आग़ोश"उसको मेरे "बाजुओं" में सुकूँन है, मैं उसकी "बाहों" में मदहोश...!!2.बड़ी तबियत से पूछाउसनेकि कौन हूँ मैं... एक मुस्कान के साथहमने...

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शब्दों का संसार By DINESH KUMAR KEER

1.यह 'शब्दों का संसार' तुम न समझोगे,इससे मेरा प्यार भी तुम न समझोगे, तुम नहीं जानते मन से भाव चुरा लाना, किसी के उद्दगार को मान दिला पाना,प्यार के अनगिने रंगो की बारीकियां,...

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पुस्तक समीक्षा काव्य संग्रह - बातें जो कही नहीं गईं By Sudhir Srivastava

पुस्तक समीक्षाकाव्य संग्रह - "बातें जो कही नहीं गईं"                            समीक्षक = सुधीर श्रीवास्तव गोण्डा (उ.प्र.)     सरल सहज मृदुभाषी कवयित्री मीनाक्षी सिंह की "बातें...

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निर्मला By DINESH KUMAR KEER

1.दोस्तकिशोरी लाल एक किसान थे। उनके दो बेटे थे- जीवा और मोती। जीवा अपने पिता के काम में हाथ बँटाता था, पर मोती सिर्फ गाँव के दोस्तों के साथ घूमता और मौज मस्ती करता था।गेहूँ की फसल...

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भारत का ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने का सफर - भाग 3 By Sonu Kasana

भारत को ओलंपिक में दूसरा स्वर्ण पदक 2008 के बीजिंग ओलंपिक में मिला। यह पदक अभिनव बिंद्रा ने 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग में जीता था। इस जीत के साथ, अभिनव बिंद्रा भारत के पहले व्यक्ति...

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मुझे बड़ी अच्छी लगी By DINESH KUMAR KEER

1.बैठा है क्यों उदास वो दिलबर की याद मेंमुझसे तो कह रहा था मोहब्बत फ़िज़ूल है2.जताती कभी... छुपाती कभी... चूमती कभी,मुस्कुराहटें तुम्हारी हैं बदमाश बहुत…3.मुझे बड़ी अच्छी लगी उसकी...

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लागी तुमसे मन की लगन By DINESH KUMAR KEER

1.हम तुझसे किस हवस की फलक जुस्तुजू करेंदिल ही नहीं रहा है जो कुछ आरजू करेंतर-दामनी पे शेख हमारी ना जाईयोदामन निचोड़ दें तो फ़रिश्ते वजू* करेंसर ता क़दम ज़ुबां हैं जूं शम’अ गो की हम...

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खत लिखने की ख्वाहिश By DINESH KUMAR KEER

1.खत लिखने की ख्वाहिश थी मेरी ।ना कलम ने साथ दिया ना शब्दों ने शमां बांधा ।2.कभी फुरसत में अपनी कमियों पर गौर करनादूसरों का आईना बनने की ख्वाहिश मिट जाएगी3.फ़ैसला लिखा हुआ रखा है प...

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बहती आँखों का दरिया By DINESH KUMAR KEER

1.कुछ खूबसूरत रास्तों के नसीब में... मुसाफिर नहीं होते,कुछ होते हैं अपने...मगर साथ नहीं होते! 2.कभी भी लोगो कोहराने की कोशिश मत करोबस उनका दिल जीतो 3.आज के समय रिश्ते बनाए बहुत सोच...

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तुमने आवाज दी By DINESH KUMAR KEER

1.नेकियाँ खरीदी हैं हमने अपनी शोहरतें गिरवी रखकर... कभी फुर्सत में मिलना ऐ ज़िन्दगी तेरा भी हिसाब कर देंगे...!!2.अपने क़िरदार पर इतना तो यक़ीन है हमें...धोख़ा देने वाले भी रोते होंग...

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अनमोल मोती By DINESH KUMAR KEER

1.ज़िंदगी आसान नही होती, आसान बनाना पड़ता है।कुछ अन्दाज़ से तो कुछ नज़र - अन्दाज़ से।2.कब्र में दफनाते ही सारे रिश्ते टूट जाते... चंद दिनों में अपने अपनों को भूल जाते हैं... कोई नह...

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History of Kashmir.... - 5 By puja

चक राजवंश को खत्म कर अकबर ने कश्मीर को अपने साम्राज्य में शामिल कर लिया। वहां एक सूबेदार नियुक्त कर प्रशासन चलाने लगा। अकबर अपने जीवन में 3 बार कश्मीर की यात्रा पर गया। 1589 की पहल...

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