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मित्रांचे अनाथाश्रम - भाग ७
by Durgesh Borse
  • 225

"काय ?", असे बोलून मी उभाच राहिलो,सर्वजण माझ्याकडेच बघत होते. संजय, "मलाही असच धक्का त्या दिवशी बसला"दरवाजा वाजला, संजय ची आई आणि काकू जेवण घेऊन आल्या होत्या. काकू आम्या जवळ ...

मे और महाराज - ( तीन नियम _२) 8
by Veena
  • 117

" लगता है। वजीर साहब की बीवी राजकुमारी को किसी चीज़ की सजा दे रही है। क्या आप अंदर जाना चाहेंगे मेरे राजकुमार?" हाथ जोड़े रिहान ने राजकुमार सिराज ...

Onto the Stage – Slighted Souls and other stage and radio plays - 4 - last part
by BS Murthy
  • 204

Radio Play 1 A Love on Hold  SCENE - 1 INT – It’s the Rajiv Gandhi International Airport at Shamshabad in Hyderabad, Andhra Pradesh, India. That winter evening, Sekhar ...

एकांकी- दहेज
by ramgopal bhavuk
  • 432

एकांकी-                         दहेज                                                  रामगोपाल भावुक           (शहर के आम चौराहे पर शर्मा रेस्टारेन्ट में दो अधेड़ अबस्था के व्यक्ति चाय की चुस्कियों के साथ बातें कर रहे हैं।) ...

Onto the Stage – Slighted Souls and other stage and radio plays - 3
by BS Murthy
  • 126

Stage Play 3 Castle of Despair Dramatis Personae: Rajiv: Forty year old businessman. Ramya: Rajiv’s thirty-five-year-old wife. Deva: Rajiv’s thirty-five-year old businessman friend Divya: Deva’s thirty year old wife ...

मित्रांचे अनाथाश्रम - भाग ६
by Durgesh Borse
  • 414

संजय ने पुढची गोष्ट सांगायला सुरुवात केली.हो, तो विवेक होता. मी विवेकला घेऊन कॉलेज आलो. विवेक पार्किंगच्या बाहेरूनच थँक्यू म्हणून निघून गेला. मी गाडी लावली आणि नोटीसबोर्ड जवळ आम्याला ...

Onto the Stage – Slighted Souls and other stage and radio plays - 2
by BS Murthy
  • 192

Stage Play 2 Men at work on Women at work  Dramatis Personae, Men at Work: Naveen (40) Materials Manager, Bricks & Bats Ltd. Nayak (55) Manager, HRD, Hares & ...

Onto the Stage – Slighted Souls and other stage and radio plays - 1
by BS Murthy
  • 300

Onto the Stage - Slighted Souls and other stage and radio plays BS Murthy ISBN 81-901911-5-2 Copyright © 2014 BS Murthy   Cover with Mohan’s water color painting Self Imprint  F-9, ...

मित्रांचे अनाथाश्रम - भाग ५
by Durgesh Borse
  • 555

कॉलेज संपल्यावर आम्ही दोघे आश्रमात गेलो त्यानंतर आम्या ने ती पिशवी उघडली. त्यात दोन कॅडबरी आणि एक चिठ्ठी होती. आम्याने ती चिठ्ठी वाचायला सुरुवात केली. "माझ्या गाडीत काहीतरी खराबी होती ...

मे और महाराज - ( तीन नियम - १) 7
by Veena
  • 435

" मुझे नहीं जाना वजीर के घर प्लीज़ मुझे वहा मत भेजो।" उसने राजकुमार का हाथ पकड़ते हुए कहा। " अब ये मासूमियत क्यों? थोड़ी देर पहले तो आप कुछ ...

मित्रांचे अनाथाश्रम - भाग ४
by Durgesh Borse
  • 576

मी आम्याला बोललो, "शांतता घे आम्या, आपल्याला उशीर होतो आहे, कार्यक्रम आहे ना ?"ती मुलगी आजसुध्दा सॉरी नाही म्हणाली, मीच बोललो आणि पुढे गेलो. आश्रमात आम्याने माझी त्याच्या बाबांबरोबर ...

मे और महाराज - 6 - (शक)
by Veena
  • 507

" मुझे बताओ मौली ये दोनो कौन है?" उसका बात करने का लहज़ा और आंखे बता रही थी। जो निचे गिराई गई थी वो राजकुमारी शायरा थी, लेकिन जो ...

मित्रांचे अनाथाश्रम - भाग 3
by Durgesh Borse
  • 594

कुणीतरी धडक मारली, मी मागे वळून बघणार त्याच्या आधीच अम्या धावत आला आणि बोलला, " ये गाडी नाही येत का, फुटले काय तुझे"मी, "गप्प रे अम्या"पण तो एकदा सांगून ...

मित्रांचे अनाथाश्रम - भाग २
by Durgesh Borse
  • 786

मी बेशुद्ध झालो, डोळे उघडले ते सुध्दा दवाखान्यात आणि समोर बाबा, आई, काकू आणि रजनी होते. डॉक्टर बाबांना काहीतरी सांगत होते. डॉक्टर," रक्तपुरवठा करावा लागला, आमच्याकडे त्याचा साठा नव्हता म्हणून ...

मित्रांचे अनाथाश्रम - भाग १
by Durgesh Borse
  • 1.1k

मी समीर, विवेकचा अत्यंत जवळचा मित्र होतो, पण काय ठाऊक कुणास आमच्यातील दरी आता वाढत चालली होती, कारणही काहीसे तसेच होते. एके दिवशी अचानक रात्री नऊच्या सुमारास विवेक चा ...

मे और महाराज - 5 - (भूत से भविष्य मे)
by Veena
  • 591

तभी अंधेरोके सिपाही वो काले कपड़ों वाले लोग वापस आए, "राजकुमार। लगता है आपको हमारी जरूरत है।"   " कौन हो तुम लोग ? चले जाओ इस से पहले ...

मे और महाराज - 4 ( सुहागरात-2)
by Veena
  • 705

" अब शायद आप जान चुके होंगे। प्यार किस के हिस्से मे है और रही हक़ की बात तो वो हम भी नहीं छोड़ने वाले।" राजकुमार सिराज की बात बड़े ...

मे और महाराज - 4 (सुहागरात)
by Veena
  • 903

जगह : आठवें राजकुमार का महल।उसने घूंघट उठाया। " अभी दो महीने ही हुए है मुझे यहां आए हुए, और अब मे शादीशुदा हूं। ये कैसी किस्मत है मेरी। ...

સાચો હિરો...
by Yuvrajsinh jadeja
  • 664

પાત્ર પરિચયવિઠ્ઠલભાઈ = આખી જીંદગી હીરા બજારમાં મહેતાજી તરીકે કામ કરેલું... જે કંઈ થોડી ઘણી મૂળી એકઠી થઈ એય લાંબા ગાળાની માંદગીમાં ખુંવાર થઈ ગયેલી....નર્મદા બેન = પોતાના દિકરાને ...

मे और महाराज
by Veena
  • 1.9k

समर गढ़ का असीम साम्राज्य।उसके वजीर शादाफ सींग की हवेली मे आज सुबह से कुछ ज्यादा ही हड़बड मची हुई थी।उसने धीरे से अपनी आंखे खोली, " हे भगवान ...

संस्कार
by Gourav shekhawat
  • 1.6k

     " हे दुर्गा मां आज प्लीज ये इंटरव्यू पास करा दो।इतने वक्त से ट्राई कर रही हूं। कॉलेज फ़ीस ,घर के खर्चे उफ्फ कैसे करूंगी सब कुछ।" ...

एकांकी-मालती माधवम्
by रामगोपाल तिवारी
  • 1.2k

     एकांकी-मालती माधवम्      भवभूति मंचपर उपस्थित होकर- मैं भवभूति आज अपने नाटकों में स्वयं को खोजने के लिये उत्सुक हूँ ! इनमें मैं कहाँ-कहाँ हूँ ? अरे ...

क्यों
by Shubham Rawat
  • 1.2k

पारस आज बहुत खुश हैं। पिछले एक महीने से कुत्ता पालने की जिद कर रहा था। आज जाकर उसके बोज्यू ने उससे कहा, "ठीक है, पालेंगे।" "ऊपर भुवन की ...

अनचाहा रिश्ता (ये कैसी कश्मकश?) - 12
by Veena
  • 2.2k

"नहीं पापा मेरे बारे में एक बार सोचिए। में क्या करूंगी आपके बिना।" रोते हुई मीरा ने उसके पापा याने मि पटेल के पास जाने की कोशिश की।" नहीं ...

एक गलत कदम
by Shubham Rawat
  • 1.6k

दीपक, 12वीं के बाद मास मीडिया की पढ़ाई करना चाहता था। उसका सपना है कि वह खुद के कार्टूनस बनाए। उसके पापा हमेशा से एक डिसिप्लिन इंसान रहे हैं। ...

मैं ही मैं हूं
by Jitendra Shivhare
  • 1.2k

*मैं ही मैं हूं*   मैं महान हूं मुझे समझना होगा तुम्हें अपने अभिमान को परे रख मेरी हर बात सुनो तुम तुम क्या हो? मेरे आगे तुम्हारी कोई ...

જોકર
by Umesh Charan
  • 1k

સવાર સવારમાં કેવા કેવા પેશન્ટ આવે છે. આખો દિવસ ખરાબ જાય છે. હજી તો જસ્ટ આવીને બેઠો જ છું ને પહેલો જ દરદી આવો ગાંડો.માણસ માં બણ બણતા એને ...

आ घर लौट चलें - 2
by Neelam Saxena
  • (11)
  • 3.3k

                                                          ...

સનમ તારી કસમ - (ભાગ ૯)
by આર્યન
  • 680

      નીલ પોતાના ખિસ્સામાંથી સિગારેટ કાઢી સળગાવે છે અને ફૂંકવાનું ચાલુ કરે છે એટલામાં જ ટીસી ત્યાં આવી પોહનચે છે. ટીકીટ કહા હે આપકી?? ત્રણેની બાજુના ડબ્બામાં ...

21 DAYS - 1
by Priyanka M
  • 1k

Introduction Date – 25th March, 2020 Time- 8:15 pm Location – Somewhere in a 1BHK apartment in Mumbai Suburbs The otherwise quiet living room was filled with the cracking ...