Best Children Stories stories in hindi read and download free PDF

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी... (12)
by Anandvardhan Ojha
  • 74

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी (12)'जब देश-निकाला दिया वन-देश से....' मैं मानता हूँ, मैं अच्छा विद्यार्थी कभी नहीं रहा। एकमात्र विषय हिन्दी को छोड़कर किसी भी विषय से ...

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी... (11)
by Anandvardhan Ojha
  • 99

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी (11)'कटहल से कुश्ती...'झारखण्ड का राँची प्रक्षेत्र अपनी वन्य सम्पदा और प्राकृतिक सौन्दर्य के कारण आकर्षण का केंद्र रहा है। आज की स्थिति ...

प्रार्थना (दानी की कहानी )
by Pranava Bharti
  • 132

प्रार्थना (दानी की कहानी ) -----------------------        दानी की एक पक्की दोस्त हुआ करती थी चुन्नी ,जो आज भी अमेरिका के ओहायो से उनसे अक्सर बात करती रहती हैं ...

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी... (10)
by Anandvardhan Ojha
  • 151

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी (10) वह सम्मोहिनी बेबी ऑस्टिन--बी.आर.ए.-85 ...पटना में रहते हुए पिताजी का आवासीय पता रह-रहकर बदल जाता था। वह ज़माना भी ऐसा न था ...

अदृश्य गाँव का रहस्य - 2
by Mukesh nagar
  • 277

(गतांक से आगे..) उस अनोखे से गाँव के यह चार बच्चे।राजू और मुन्ना एक ही कक्षा के छात्र थे। संजू और जीतू उन दोनों से एक-एक कक्षा नीचे...परंतु चारो ...

आप झूठ क्यों बोले ?(दानी की कहानी )
by Pranava Bharti
  • 178

आप झूठ क्यों बोले ?(दानी की कहानी ) ------------------------------------ दानी की एक चचेरी बहन थीं शीलो जीजी (दीदी )जिनकी उम्र दानी की मम्मी के बराबर थी और बच्चे दानी से ...

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी... (9)
by Anandvardhan Ojha
  • 190

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी (9)'कील गुर्रों' उर्फ़ काठ का घोड़ा... मेरे घर के सामने ही उनका घर था--भिन्न-मुखी ! मेरा घर पश्चिमाभिमुखी तो उनका उत्तराभिमुखी ! १२ ...

पापा वो रहे (दानी की कहानी )
by Pranava Bharti
  • 237

पापा वो रहे (दानी की कहानी ) ---------------------------       दानी जब कहानी सुनाने बैठतीं तब या तो अपने ज़माने की या फिर कोई पौराणिक कथा सुनाने लगतीं ,जिससे ...

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी... (8)
by Anandvardhan Ojha
  • 179

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी (8)'जब भालूजी भये हनुमान...' जो लोग बच्चों को नादान समझते हैं, वे सचमुच नादान हैं। चंट बच्चा नादान नहीं होता, वह अपनी उम्र ...

मीठी सुपारी (दानी की कहानी )
by Pranava Bharti
  • 328

मीठी सुपारी  ---------         दानी अक्सर अपनी तीसरी पीढ़ी के बच्चों को अपने ज़माने की कहानियाँ सुनाती हैं | बच्चों को भी बड़ा मज़ा आता है ...

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी... (7)
by Anandvardhan Ojha
  • 225

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी (7) 'तानसेन गवइया की अठन्नी-अदायगी'... लेखक और कवि-मित्रों के बीच, प्रसंगवश, पिताजी अक्सर कहा करते थे--'हमारे देश में लिखनेवालों की कमी नहीं है, बहुत ...

बिखरते सपने - 10 - अंतिम भाग
by Goodwin Masih
  • 214

बिखरते सपने (10) ‘‘बेटा, तुम रोज छत पर खड़ी होकर मुन्ना का खेल देखती हो, तो क्या तुम्हें खेल देखना अच्छा लगता है...?’’ ‘‘जी, जब मुन्ना को बैडमिन्टन खेलते ...

वफादार मोती
by Udita Mishra
  • 302

वफादार मोती बहुत पहले की बात है एक छोटा सा गांव था उसकी सीमा खतम होने पर एक घना जंगल था। जिसमे बहुत से जंगली जानवर रहते थे पर ...

परियों का पेड़ - 23 - अंतिम भाग
by Arvind Kumar Sahu
  • 352

परियों का पेड़ (23) लालच का परिणाम राजू ने एक बार फिर पिताजी से बहुत कड़ा विरोध किया – “पिताजी ! इस पेड़ को मत काटो | ये देखो, ...

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी... (6)
by Anandvardhan Ojha
  • 222

बीत गये बचपन के दिन भी (6)पत्रहीन आम्र-वृक्ष का रुदन...गाँव के किशोरों-युवाओं में एक खेल आज भी बहुत प्रिय है--'डोलापाती' ! ५०-५५ वर्ष पहले यह खेल शहरों में भी ...

बिखरते सपने - 9
by Goodwin Masih
  • 253

बिखरते सपने (9) ‘‘हाँ अंकल, आपको याद होगा, एक दिन आपने खुद ही कहा था कि स्नेहा दीदी मुझसे भी अच्छा बैडमिन्टन खेलती हैं, अगर पापा मान जायें तो ...

मिठ्ठू और शानी
by Udita Mishra
  • 262

मिठ्ठू और शानी शानी अपने माता पिता के साथ रहती थी वह अपने माता पिता की अकेली संतान थी। वह पढ़ाई में शुरू से ही बहुत होशियार थी वह ...

परियों का पेड़ - 22
by Arvind Kumar Sahu
  • 259

परियों का पेड़ (22) अपनी धरती, अपने लोग राजू के कानों में अचानक ही किसी के चीखने – चिल्लाने की तेज आवाज सुनाई दी | कोई उसे बुरी तरह ...

रघुवन की कहानियां सतरंगी दवाई
by Sandeep Shrivastava
  • 251

रघुवन में गुड्डू गैंड़ाहाथी की पहचान भोजन के दुश्मन के नाम से होती थी | वो जिधर भी कुछ भी खाने योग्य देखता तो उसे ख़त्म कर देता| जो ...

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी... (5)
by Anandvardhan Ojha
  • 258

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी (5)सच्ची सम्मति की पीड़ा... भारत-चीन युद्ध के बाद, १९६३-६४ की बात है। दरवाज़े की घंटी बज उठी। गाँधी-गंजी और खादी का हाफ-पैंटनुमा जाँघिया ...

दाई की माला
by Pranava Bharti
  • 294

दाई की माला  ------------            आज नन्ही मीनू सत्तर वर्ष की वृद्धा हो चली है |हँसी आती है न सत्तर वर्ष की उम्रदराज़ स्त्री को ...

परियों का पेड़ - 21
by Arvind Kumar Sahu
  • 267

परियों का पेड़ (21) परी ! तुम ऐसी क्यों हो ? परी रानी आगे भी बताती रही – “ ...तो उस युग में भी परियों की प्रगति और खुशियों ...

बिखरते सपने - 8
by Goodwin Masih
  • 329

बिखरते सपने (8) ‘‘हाँ ये तो है। पर तुम चिन्ता मत करो। स्नेहा का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।’’ ‘‘एक बात है अंकल, जब स्नेहा दीदी को यह खबर ...

भोला भालू
by Udita Mishra
  • 441

भोला भालू एक जंगल था जिसमें बहुत से जानवर परिवार समेत मिल जुल कर रहते थे । उस जंगल का राजा बब्बर शेर था जो बहुत दयालु था और ...

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी... (4)
by Anandvardhan Ojha
  • 284

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी (4)हित-अनहित चीन्हे नहिं कोय...'बिजली' और 'आरती' का ज़माना बीत गया था। १९४८ में पिताजी आकाशवाणी, पटना से 'हिंदी-सलाहकार' के रूप में जुड़ ...

परियों का पेड़ - 20
by Arvind Kumar Sahu
  • 209

परियों का पेड़ (20) यम-यम खाना, सोने जाना आखिरकार, प्रकट में राजू चतुराई से कहने लगा – “परी माँ ! मैं सोच रहा हूँ कि अब इन कैदी बादलों ...

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी... (3)
by Anandvardhan Ojha
  • 357

स्वप्न हो गये बचपन के दिन... (3)माया के मोहक वन की क्या कहूँ कहानी परदेसी...(ख) : कानों सुनी, आँखों देखी...मेरी बड़ी बुआजी (कमला चौबे) पिताजी से दो वर्ष बड़ी ...

बिखरते सपने - 7
by Goodwin Masih
  • 315

बिखरते सपने (7) उन्हें खामोश देखकर डॉक्टर चड्डा ने कहा, ‘‘क्या हुआ मिस्टर गुप्ता, मुन्ना के न खेलने की बात सुनकर आप इतने परेशान क्यों हो गये...?’’ ‘‘....क्योंकि मैं ...

बदमाश शैतान बिल्ला
by Udita Mishra
  • 378

बदमाश शैतान बिल्ला आज सुबह मम्मी ने मुझे याद दिलाया कि मैं अपने दोस्त के लिए एक कटोरा दूध में एक रोटी डाल कर रख दूं किचन में रोटी ...

परियों का पेड़ - 19
by Arvind Kumar Sahu
  • 213

परियों का पेड़ (19) चाँद का झूला जब राजू को यह सवाल ज्यादा परेशान करने लगा तो उसने परी माँ से पूछना ही बेहतर समझा - "उस चाँद वाली ...