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मास्टर जी का चश्मा
by SAMIR GANGULY

1.उस रात खूब जमकर बारिश हुई थी. सुबह होते ही यह खबर सारे मोहल्ले में फैलगयी कि मास्टर अयोध्या प्रसाद गोसाई अब नहीं रहे. जब गोकुल ने यह सुना तोउसे लगा कि कानों ने गलत सुना है. हालांकि गोसाई मास्टर पिछले तीन वर्षों सेदमे के मरीज थे,  उम्र  भी दस का पहाड़ा सा

उनका ऐरावत
by SAMIR GANGULY
  • 126

सारा गांव ही परेशान था. थानेदार जी भी हार गए थे. लेकिन बूढ़े- बूढ़ियों में धैर्यअब भी बाकी था, तभी तो वह जीभ को दांतों के तले दबा कर कहते -ना भई ना, इंद्र देवता को नाराज करना ठीक नहीं.असल में बात यह थी कि बरसों में गांव में गेरूए वस्त्र धारी हट्टे-कट्टे बीस

हम पंछी एक डाल के
by RACHNA ROY
  • (14)
  • 1.7k

                   तन्मय, रमा,  राही और राहुल चारों बचपन के दोस्त हैं। तन्मय और रमा अनाथ बच्चों के आश्रम में रहते हैं। पर ...

सीमा पार के कैदी - 11 - अंत
by राजनारायण बोहरे
  • 156

सीमा पार के कैदी -11 अंत                                 बाल उपन्यास                                राजनारायण बोहरे                              दतिया (म0प्र0)       11         अजय ने ऊंची आवाज में नारा ...

सीमा पार के कैदी - 10
by राजनारायण बोहरे
  • 123

सीमा पार के कैदी-10                                 बाल उपन्यास                                राजनारायण बोहरे                             दतिया (म0प्र0)   10         रात गहरा रही थी।       अजय और अभय चुपचाप   पटेल ...

सीमा पार के कैदी - 9
by राजनारायण बोहरे
  • 180

सीमा पार के कैदी 9                                 बाल उपन्यास                                राजनारायण बोहरे                                दतिया (म0प्र0   9   सुबह जब अजय और अभय दोनों उठे तो उन्होंने पाया ...

सीमा पार के कैदी - 8
by राजनारायण बोहरे
  • 192

सीमा पार के कैदी 8                                 बाल उपन्यास                                राजनारायण बोहरे                                दतिया (म0प्र0 8       उधर अभय दुकान के बाहर तख्त पर लेटा हुआ करबटें बदल ...

वो परवाह करती है तुम्हारी
by Saroj Prajapati
  • 408

रीमा काम करके बैठी ही थी कि उसकी मम्मी का फोन आ गया| फोन पर बात करते हुए वह बोली "मम्मी अभी तो आई थी मैं एक महीने पहले| ...

सीमा पार के कैदी - 7
by राजनारायण बोहरे
  • 213

सीमा पार के कैदी 7                                 बाल उपन्यास                                राजनारायण बोहरे                                दतिया (म0प्र0)   7       जब कार्यालय बंद हुये। लोग निकले।       अजय ने मंजूर ...

सीमा पार के कैदी - 6
by राजनारायण बोहरे
  • 213

सीमा पार के कैदी6                                 बाल उपन्यास                                राजनारायण बोहरे                                दतिया (म0प्र0)   6       रात को आठ बजे ।       अचानक ही इनके रूम का ...

मन बदला
by Abha Yadav
  • 339

       केसर वन में लकड़बग्घे का एक परिवार रहता था, जो खानदानी चोर था.यानि रोजीरोटी जुटाने का कार्य चोरी से किया जाता. यह उनका पुश्तैनी धंधा था.इसे ...

सीमा पार के कैदी - 5
by राजनारायण बोहरे
  • 252

सीमा पार के कैदी5                                 बाल उपन्यास                                                     राजनारायण बोहरे दतिया (म0प्र0) 5           तीनों अपने रास्ते बढ़े।             आधी रात को इन्हें वह ढाणी दिखी।             ...

सीमा पार के कैदी - 4
by राजनारायण बोहरे
  • 225

सीमा पार के कैदी -4                                 बाल उपन्यास                                राजनारायण बोहरे दतिया (म0प्र0)   4                         सीमा पार करके अब वे उसी पहाड़ी के नीचे बसी ...

छूना है आसमान - 11 - अंतिम भाग
by Goodwin Masih
  • 243

छूना है आसमान अध्याय 11 मुख्य अतिथि के मंच पर पहुँचते ही प्रेक्षागार एक बार फिर तालियों की आवाज से गूँज उठता है। तालियों का शोर खत्म हो जाने ...

सीमा पार के कैदी - 3
by राजनारायण बोहरे
  • 204

सीमा पार के कैदी3                                 बाल उपन्यास                                राजनारायण बोहरे दतिया (म0प्र0)     3             इसके बाद उनकी यात्रा आरंभ हुई ।             पहले पैदल ,इसके ...

डयू का सबक
by Abha Yadav
  • 312

     डयू और जैकी हरिमोहन की कोठी में रहते थे.दोनों हरिमोहन के पालतू कुत्ते थे.साथ रहते-रहते दोनों में दोस्ती हो गई थी.लेकिन, दोनों के स्वभाव में जमीन आसमान ...

छूना है आसमान - 10
by Goodwin Masih
  • 318

छूना है आसमान अध्याय 10 ‘‘बुरा मत मानिएगा अंकल, चेतना को इस तरह का फैसला लेने के लिए मजबूर आप लोगों ने ही किया है, क्योंकि आप जानते हैं ...

बैक बेंचर
by Anil jaiswal
  • 348

अनिल जायसवालस्कूल में आज बहुत हलचल थी। आधे छुट्टी के बाद सब सेमिनार हॉल मे इकट्ठे होने लगे। चारों तरह शोर था। सब स्कूल का नाम रोशन करने वाले ...

सीमा पार के कैदी - 2
by राजनारायण बोहरे
  • 279

सीमा पार के कैदी2                                 बाल उपन्यास                                राजनारायण बोहरे दतिया (म0प्र0)   2               बाल जासूसों की एक संस्था बनाई गई थी, अजय और अभय उसके ...

सीमा पार के कैदी - 1
by राजनारायण बोहरे
  • 642

सीमा पार के कैदी  1 बाल उपन्यास     राजनारायण बोहरे दतिया (म0प्र0)   एक       फौजी जासूस केदारसिंह अपने दोनों बेटों के साथ सीमा की एक चौकी पर ...

मैं भी खेलूंगा
by Anil jaiswal
  • 468

अनिल जायसवालमोतीपुर राज्य के पहाड़ी इलाके में एक राक्षस रहता था। उसका एक छोटा बेटा था गुलटू। सुबह होते ही राक्षस और राक्षसी खाने की तलाश में चले जाते। ...

छूना है आसमान - 9
by Goodwin Masih
  • 357

छूना है आसमान अध्याय 9 ‘‘चेतना ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ......चेतना ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ ’’ चेतना की मम्मी ने चेतना को आवाज लगायी, लेकिन से आवाज का ...

पेड़ गायब
by Anil jaiswal
  • 441

अनिल जायसवालरोज का तरह अंशु स्कूल जाने के लिए मुंह अंधेरे उठा। उसके पिता लकड़ी के बड़े व्यापारी थे। बड़ा-सा बंगला था। उसके चारों तरफ हरियाली थी। अंशु की ...

छूना है आसमान - 8
by Goodwin Masih
  • 390

छूना है आसमान अध्याय 8 रोनित के जिद् करके पूछने पर चेतना एकदम भावुक हो उठी, उसकी आँखों में आँसू भर आये, जिन्हें देखकर रोनित बोला, ‘‘देखा, मुझे मालूम ...

छूना है आसमान - 7
by Goodwin Masih
  • 357

छूना है आसमान अध्याय 7 रात के करीब दस बज रहे थे। चेतना ने देखा उसके पापा अकेले बैठे लैम्प की रोषनी में अपने आॅफिस का काम कर रहे ...

छूना है आसमान - 6
by Goodwin Masih
  • 618

छूना है आसमान अध्याय 6 रात के ग्यारह बज रहे थे। चेतना के मम्मी-पापा और उसकी छोटी बहन अलका सब गहरी नींद में सोये हुए थे, लेकिन चेतना को ...

आसमान में डायनासौर - 11 - अतिम
by राज बोहरे
  • 429

आसमान में डायनासौर  11   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे                  प्रो.दयाल ने चालक की ओर अपना हाथ हिलाकर इंजिन के चलाने के तेल के बारे में पूछा तो ...

बस पांच मिनट
by sudha bhargava
  • 621

बालकहानी  सुधा भार्गव बस पांच मिनट/सुधा भार्गव       नादान अनारू समझ  नहीं पा रहा है माँ को क्या हो  गया है। उसके हर  काम  में देरी करती  हैं।वह पहले की ...

छूना है आसमान - 5
by Goodwin Masih
  • 495

छूना है आसमान अध्याय 5 उसी समय भीड़ में से निकलकर एक आदमी ने उससे कहा, ‘‘बेटी, मैं हर साल नये साल पर अपनी कम्पनी की तरफ से लोगों ...

आसमान में डायनासौर - 10
by राज बोहरे
  • 336

आसमान में डायनासौर  10   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे        बाहर आते ही सचमुच तैरने लगे थे।                अब कुछ लाभ हुआ।                उन यानों के भी दरबाजे ...