Best Poems stories in hindi read and download free PDF

वीर शिरोमणिःमहाराणा प्रताप।(भाग-(२)
by Manish Kumar Singh
  • 43

सांगा को मिली पराजय अब, भीतर ही भीतर खाती है।बाबर से बदला लेने को,हर पल ही जलती छाती है।।प्रण उसने कठिन लिया ऐसा, प्रतिशोध नहीं जब तक लूंगा।सिर पर ...

अरसा हो गया गुजरे तेरी गली की अंगड़ाई से।। - Dilwali Kudi की कलम से।।
by Dilwali Kudi
  • 118

*अरसा हो गया गुजरे तेरी गली की अंगड़ाई से।*अब चांद से होती गुफ़्तगू की रिहाई से,पा लेते है राहत चंद लम्हो की कटाई से।क्योंकि,अरसा हो गया गुजरे तेरी गली ...

अवसान
by Ajay Amitabh Suman
  • 131

जिन्हें चाह है इस जीवन में, स्वर्णिम भोर उजाले की,उनके राहों पे स्वागत करते,घटा टोप अन्धियारे भी।इन घटाटोप अंधियारों का, संज्ञान अति आवश्यक है,गर तम से मन में घन ...

कल्पना की उड़ान
by Er Bhargav Joshi બેનામ
  • (43)
  • 362

            ऐ वीरो जागो..घनघोर घटाए छाई हुई है ।दीप कहीं भी नजर ना आए ।।जागो ऐ वीरो जागो तुम फिर।आपदा है बड़ी सीरत में आई।।बलिदान तुम्हारी ...

मे और मेरे अह्सास - 10
by Darshita Babubhai Shah
  • 163

मे और मेरे अह्सास भाग- १० **** बात को भुलाना आसाँ होता lयाद को भुलाना आसाँ होता ll चांदनी मे डूबी हुई महकती lरात को भुलाना आसाँ होता ll ...

कोरोना वोरीयर्स
by #Krishna Solanki
  • 114

‌‌                कहता  है  ? तुम  पुलिस  ,डॉक्टर  या  फौज  वाले  हो !                       ...

माटी का पुतला
by mansvi
  • 430

माटी का एक पुतला आया! माँ का दिल हर्षाया, पिता ने जश्न मनाया गरीब थे, पर पुतले को हर खिलौना दिलवाया|     घर में खाना कुछ काम होता ...

शायरी - 7
by pradeep Kumar Tripathi
  • 169

कुछ इस तरह हो गई है ज़िन्दगी किमीठी तो सुगर थी और तारीफ चाय की होती रहीये कैसा दस्तूर है दुनिया का ये देख कर प्याला भी हैरान हैलोग ...

वीर शिरोमणिः महाराणा प्रताप ‌।(भाग-(१)
by Manish Kumar Singh
  • 243

वीणापाणि नमन है तुमको, मेरे कंठ में कर लो वास।देकर ज्ञान पुंज हे माता, निमिष में संशय कर दो नाश।।हे गौरी-शिव शंकर के सुत, मुझ अज्ञानी का ध्यान करो।कर ...

मेरी भूल का एहसास
by SARWAT FATMI
  • 273

एहसास तेरा एहसास हर पल हैं पर क्यू इस एहसास में भी तूम नहीं हो साथ थे तो दूर दूर थे अब दूर दूर हो तो एहसास में भी नहीं  हो गलती हो तो सुधार ...

एक कप शायरी...
by Gadhavi Prince
  • 236

प्रस्तावना:ये किताब मेरी कुछ रचनाओं का संकलन हे,ओर मुजे आसा हे की आप मेरी रचनाओं को पसंद करेंगे, मेरी प्रस्तावना पढ़ कर ये मत सोचिएगा की मे कोइ पंडित ...

प्रकृति - Dilwali kudi की कलम से।
by Dilwali Kudi
  • 375

*न जाने मानव जात ने क्या करने की ठानी है।*स्वार्थ के इस खेल में हुआ मानव अभिमानी है,इस प्रकृति को मानव पहोचा रहा क्यू हानि है;न जाने मानव जात ...

लोगो का तो काम हैं बोलना
by SARWAT FATMI
  • 313

लोगो का काम हैं बोलना हमारा काम हैं चलना लोगो का क्या आज आप पर बोले कल दूसरे पर ये तो दस्तूर हैं ज़माने का इस बात पर दिल दुखाया मत करो मैं तेरा आज ...

कविता - प्रेरक कविता
by Karan Somani
  • 313

"सपनो की जिंदगी "                                         (क्या मे कर बैठा )ये खूबसूरत ...

कुन्ती...
by Trisha R S
  • 336

 (एक छोटा सा प्रयास हैं किसी ऐसी माँ की व्यथा को वर्णित करने का जिसने अपने परिवार की मान मर्यादा के लिए अपनेी मम्मता को विसर्जित कर दिया। फिर ...

बाजार
by Ajay Amitabh Suman
  • 259

1.बाजार झूठ हीं फैलाना कि,सच हीं में यकीनन,कैसी कैसी बारीकियाँ बाजार के साथ।औकात पे नजर हैं जज्बात बेअसर हैं ,शतरंजी चाल बाजियाँ करार के साथ। दास्ताने क़ुसूर दिखा के ...

मे और मेरे अह्सास - 9
by Darshita Babubhai Shah
  • 446

मे और मेरे अह्सास भाग - ९ बहाना ना बनाना दूर जाने के लिये lचले जाना गर जाना चाहो शोख से ll ******** चले जाना था तो बताकर जाते ...

लाल पलाश
by Yasho Vardhan Ojha
  • 247

(भोजपुरी बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के एक बड़े भूभाग में बोली जाने वाली भाषा है। तीन कविताओं के बाद एक पटनहिया और अंत में भोजपुरी की एक कविता सुधी ...

मेरे लफ़्ज़ मेरी कहानी - 2
by monika kakodia
  • 255

अल्फ़ाज़ जो हर पल अपने से लगते हैं , जज़्बात जो महसूस होते हैं

भारत ना कभी हारा था, ना कभी हारेगा
by जगदीप सिंह मान दीप
  • 1.5k

"भारत ना कभी हारा था ना कभी हारेगा"कोरोना से लड़ने की जब भारत ने ठानी थी,मैंने भी लिखी कविता,  जो याद जुबानी थी।कोरोना तेरा जन्म हुआ चीन में, बना ...

खुशी
by Karan Somani
  • 341

जीवन की भागमभाग होड़ में खुशी का कोई ठिकाना ना रहा इंसान जीवन के संपूर्ण खुशी के लिए उन मुसाफिरों की दौड़ में लग गया जहां इस  संसार की ...

माँ: एक गाथा - भाग - 4
by Ajay Amitabh Suman
  • 304

जब भी बालक निकले घर से,काजल दही टीका कर सर पे,अपनी सारी दुआओं को,चौखट तक छोड़ आती है,धरती पे माँ कहलाती है।फिर ऐसा होता एक क्षण में,दुलारे को सज्ज ...

मेरा इरादा न था ।
by Er Bhargav Joshi બેનામ
  • (50)
  • 853

     नमस्ते दोस्तो,        ये हिंदी में मेरा दूसरा प्रयास है। पहले प्रयास में की गई क्षतिया और गलतियां सुधारने की कोशिश की है । फ़िर ...

कविता संग्रह
by S Sinha
  • 397

     कविता  संग्रह           1 .  कविता -- भारत की नारी    मैं आधुनिक भारत की नारी हूँ    अबला न समझना मुझको    मैं 'तुलसी ...

मेरे लफ्ज़ मेरी कहानी - 1
by monika kakodia
  • 347

कुछ अल्फ़ाज़ जो आपको अपने से लगेंगे ,नज़्म जो आपकी कहानी कहती हुई सी है

मासूम गंगा के सवाल - 7 - अंतिम भाग
by Sheel Kaushik
  • 369

मासूम गंगा के सवाल (लघुकविता-संग्रह) शील कौशिक (7) नाम की डुबकी ***** पाप और पुण्य की अवधारणाओं से दूर गंगा की दिव्य अनुभूति से अभिभूत हो लगा ली एक ...

सिर्फ तुम.. - 2
by Sarita Sharma
  • 509

दिन बीत रहे हैं बोझिल से,मेरे हर दिन के,हर हिस्सों मे तुम सुर्ख़ियों में हो,मैं गुमनाम कहीं खोयी हूं,गुमनामी के अंधेरों में..तुम मशहूर हो रहे हो,मेरी दुनिया के बाज़ारो ...

यहां उनका भी दिल जोड़ दो
by Shivraj Anand
  • 248

जिनके दिल टूटे हैं चलते कदम थमे हैं,वो जीना जानते हैं |ना  जख्मों को सीना जानते हैं ||तुम उन्हें भी अपना लो |प्यारे तुममेरी बात मान विश्व बंधुत्व का ...

कोरोना दूर भगाएँ हम
by Ajay Amitabh Suman
  • 336

अपनी इस प्रस्तुति में मैंने अपनी उन कविताओं को शामिल किया है जो कोरोना महामारी के कारण देश मे  जो  परिस्थितियाँ बनी हैं, उन कारण पैदा हुई हैं। उम्मीद ...

मे और मेरे अह्सास - 8
by Darshita Babubhai Shah
  • (11)
  • 479

मे और मेरे अह्सास (8) जब उसकी आवज सुनता हूं lबेहोशी के आलम से लौट आता हूं llजब उसकी सांसो की महक आती है lउसे महसूस करने दौड़ा जाता ...