Best Horror Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Horror Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultu...Read More


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कोहिनूर: रोशनी के पहाड़ की अदृश्य सिसकियाँ और सदियों का प्रतिशोध By sodha iqbal kasam

आंध्र की उस तपती जमीन के नीचे, गोलकुंडा की खदानों में सन्नाटा सिर्फ फावड़ों की आवाज से टूटता था हजारों मजदूर पसीने से तर-बतर, जमीन के सीने को चीरकर कुछ ढूंढने की नाकाम कोशिश कर रहे...

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313 নম্বর রুম (ভয়ঙ্কর ভূতুড়ে গল্প) By Sudip Maity

কলকাতার মাঝামাঝি একটা পুরনো হোটেল—নাম “হোটেল অনির্বাণ”। বাইরে থেকে দেখলে খুব সাধারণ, কিন্তু ভেতরে ঢুকলেই বোঝা যায়, জায়গাটার বয়স অনেক। দেওয়ালের রং উঠে গেছে, করিডোরে হালকা স্যাঁত...

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प्यार की परीभाषा - 4 By Rishav raj

शाम का समय था। घर के बाहर गली में बच्चों की आवाज़ें आ रही थीं, लेकिन रवीना के घर के अंदर माहौल थोड़ा भारी था।रसोई में माँ और कोई औरत बैठी बात कर रही थीं। रवीना अंदर आकर चुपचाप पानी...

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रहस्यमयी घड़ी और अतीत का चमत्कार - 2 By Tejendragodara

जब आर्यन की चेतना वापस लौटी, तो सबसे पहले उसे अपनी पीठ पर कड़कड़ाती धूप और सूखी मिट्टी की सोंधी सी महक का अहसास हुआ। उसने धीरे-धीरे अपनी भारी आँखें खोलीं और उठकर बैठ गया। वह यह देख...

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तुम मेरी आखिरी सांस हो - 9 By kajal jha

एपिसोड 9: अंधेरे की परछाईखंडहर की शांतिहवेली के ढहने के बाद सब कुछ शांत हो गया था। अयान और रोहन को लगा कि अब श्राप खत्म हो चुका है। लेकिन अयान के दिल में एक अजीब सा डर था। उसे डायर...

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Ghost hunters - 15 By Rishav raj

सुबह अभी पूरी तरह उजली नहीं हुई थी। आसमान हल्का धुंधला था, और गाँव के उस हिस्से में एक अजीब सन्नाटा पसरा हुआ था। रात की घटनाओं के बाद किसी ने ठीक से नींद नहीं ली थी।आरव बाहर आँगन म...

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हवेली का मुर्दा दूल्हा:जिन्न की दुल्हन - भाग 1 By chanchal

सयानी की शादी जिस दिन तय हुई, उस दिन से ही हवाओं में एक अजीब सी खामोशी थी। जब उसे उस पुरानी हवेली में दुल्हन बनाकर लाया गया, तो उसे लगा था कि यह सिर्फ एक बड़े परिवार का हिस्सा बनने...

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तेरहवा द्वार - 2 By InkImagination

भाग 2पहली आवाज़“तुम वापस क्यों आए…?”उस आवाज़ ने जैसे आरव के शरीर का खून जमा दिया।वो तुरंत पलटा।लेकिन पीछे कोई नहीं था।सिर्फ टूटी दीवारें… सीलन की बदबू… और अँधेरा।उसकी साँसें बेकाबू...

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শেষ ট্রেনটা থামেনি By Sudip Maity

রাত তখন প্রায় সাড়ে এগারোটা। রতনপুর স্টেশন অদ্ভুতভাবে ফাঁকা। দিনের সেই কোলাহল নেই, নেই লোকজনের ভিড়, শুধু দূরে কোথাও একটা ট্রেনের হুইসেল মাঝেমধ্যে শোনা যাচ্ছে। আমি, অর্ণব, অফিস থে...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। - एपिसोड 8 By kajal jha

अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 8: पहला लेखकमहल काँप रहा था।छत से मिट्टी और पत्थर टूट-टूटकर गिर रहे थे।चारों तरफ चीखें थीं।आग थी।और उस सबके बीच— आँगन में खड़ा छोटा आदित्य अब इ...

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धोबी By Dikshant Nagpure

गंगाराम गाँव का धोबी था।सुबह उठता। कपड़े इकट्ठा करता। नदी किनारे ले जाता। पत्थर पर पटकता। साबुन लगाता। धूप में सुखाता। शाम को इस्तरी करके वापस कर देता।तीस साल से यही कर रहा था।उसके...

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અનોખી સફર - અમાવસ્યાથી પૂર્ણિમા સુધી - પ્રકરણ - 69 By Dakshesh Inamdar

અનોખી સફરપ્રકરણ - 69ભૈરવી આઈ સાથે બેઠી હતી અને આમ ધનુષની બરાબર પાછળની સીટ ઉપર..એને માનસિક ખુબ થાકલાગેલો હતો..એણે હાથ લંબાવી ધનુષની સીટ પર મુકેલો અને પોતાનું માથું એની સીટ પર ઢાળી દ...

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भानगढ़: रात 11:47 By Jeetendra

मैं आज तक नहीं मानता था कि जगहें याद रखती हैं। पत्थर सिर्फ पत्थर होते हैं।20 अक्टूबर 2019 की रात ने वो भरोसा तोड़ दिया। तब से मैं भानगढ़ का नाम सुनते ही कंधे झटक देता हूँ, जैसे कोई...

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वो ठेला वाला जिसकी चाय पीके कोई वापस घर नहीं पहुंचा By Dikshant Nagpure

गाँव के चौराहे पर ठेला लगाता था भैरू। छोटा सा ठेला था। चाय की केतली। पान की दुकान। कुछ बिस्कुट के पैकेट। लोग आते थे। चाय पीते थे। अखबार पढ़ते थे। भैरू की चाय गाँव में मशहूर थी। एक...

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মহাশ্মশানের রক্তচক্র By Sudip Maity

রাত তখন এমন এক গভীরতায় ডুবে গেছে, যেখানে সময়ের অস্তিত্বটাই যেন মুছে যায়। আকাশে কোনো চাঁদ নেই, তারাও নেই—শুধু একটা অদ্ভুত কালো স্তর সবকিছু ঢেকে রেখেছে। মাঝে মাঝে বিদ্যুৎ চমকে উঠছে,...

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अतृप्त आत्म्यांच्या दुनियेतून - 3 By Ashish Devrukhkar

हॉस्टेलची पांढऱ्या साडीची बाई आणि प्लँचेट भाग -२शनिवारी रात्री परेशला ती बाई दिसली होती आणि त्या रात्री कोणाचे दारही वाजले नव्हते आणि कोणाच्या दारालाही कडी नव्हती लागली बाहेरून. कश...

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काल कोठरी - 13 By Neeraj Sharma

13 वा धारावाहिक आपने आप मे एक अंतरमन की पुकार कह लो, ये काल कोठरी किसे के नसीब मे न हो, बस माथे की लकीरो की बेचैनी आदमी को कभी कभी ऐसी खोज पर ले जाती है कि पूछो मत।               ...

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कब्र नंबर 13 By Dikshant Nagpure

मेरे गाँव में सबसे पुरानी चीज़ मंदिर नहीं है। मेरे दादा जी नहीं हैं। ये पीपल का पेड़ नहीं है।सबसे पुरानी चीज़ है - एक कब्र।हाँ, कब्र।गाँव के ठीक उत्तर दिशा में। जहाँ खत्म होते हैं...

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বাঁশবাগানের ডাক By Sudip Maity

আমার নাম সৌরভ। আমি কোনোদিন এসব অলৌকিক ব্যাপারে বিশ্বাস করতাম না। ভূত, প্রেত, ডাইনি—এসব আমার কাছে সবসময়ই গ্রামের কুসংস্কার ছিল। ছোটবেলা থেকেই শুনে এসেছি নানা গল্প, কিন্তু সেগুলোকে আ...

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वो कमरा By Dikshant Nagpure

तीन महीने पहले की बात है।हम लोग नए शहर में आए थे। पापा की नौकरी ट्रांसफर हुई थी। माँ, मैं, छोटी बहन रिया, और पापा। चार लोगों का परिवार।घर ढूंढना आसान नहीं था। पापा तीन दिन तक इधर-उ...

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ಯಮ ದ್ವಾರ By Saandeep Joshi

ಹಿಮಾಲಯದ ಹಿಮಶಿಖರಗಳ ಮಡಿಲಲ್ಲಿ, ಕೈಲಾಸ ಪರ್ವತದ ತಪ್ಪಲಿನಲ್ಲಿ ನಿಂತಿರುವ ಆ ಕಲ್ಲಿನ ದ್ವಾರದ ಹೆಸರು ಯಮ ದ್ವಾರ.  ಲೋಕದ ನಂಬಿಕೆಯ ಪ್ರಕಾರ ಇದು ಕೇವಲ ಮನುಷ್ಯ ನಿರ್ಮಿತ ಕಟ್ಟಡವಲ್ಲ ಇದು ಇಹಲೋಕದ ಸಂಬಂಧಗಳು ಕೊನೆಯಾಗಿ, ಆ...

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প্রণয় অভিশাপ By Nandita Maji

"তোমার শরীর তোমার আত্মা সবকিছুই আমার, সবকিছুই আমার আয়ত্তে থাকবে। এই জন্ম পরের জন্ম প্রত্যেকটা জন্ম তুমি আমার কাছে বন্দী থাকবে। আমি তোমাকে কখনোই মুক্তি দেবো না, নিজেকে দোযকের আগুনে...

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खौफ - 1 By Raj Bhande

नांदेड़ के धनेगाव में राज रहता था। राज एक पार्ट टाइम राइटर था। पहले वो अपने साथ होने वाली घटनाएं लिखा करता था, लेकिन पिछले 5 सालों से उसने लिखना बंद कर दिया था। राज का एक 8 साल का...

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ರಾಕ್ಷಸ ತಾಲ್‌ By Saandeep Joshi

ಹಿಮಾಲಯದ ಮಡಿಲಲ್ಲಿರುವ ರಾಕ್ಷಸ ತಾಲ್ ಕೇವಲ ಒಂದು ಜಲರಾಶಿಯಲ್ಲ ಅದು ಭೂಮಿಯ ಮೇಲಿರುವ ನರಕದ ದ್ವಾರ. ಮಾನಸ ಸರೋವರವು ದೇವತೆಗಳ ಸನ್ನಿಧಿಯಾದರೆ, ಅದರ ಪಕ್ಕದಲ್ಲೇ ಇರುವ ಈ ಕೆರೆ ರಾಕ್ಷಸರ ಮತ್ತು ಶಾಪಗ್ರಸ್ತ ಆತ್ಮಗಳ ಅಡಗುದ...

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શબ્દ નો પડછાયો By Mansi Desai Shastri

"શબ્દનો પડછાયો"  એક મનોવૈજ્ઞાનિક થ્રિલરઅમદાવાદના આશ્રમ રોડ પર આવેલી 'અક્ષર' નામની જૂની ઇમારત. ત્રીજા માળે રહેતો વિવેક મહેતા ગુજરાતનો સૌથી રહસ્યમય ક્રાઇમ લેખક. છેલ્લા બે વર્...

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वो कौन थी? - 8 By sapna

Chapter 8 — रूहों का बसेराजीप का पिछला पहिया खाई की कगार पर हवा में लटका हुआ था। आर्यन की आँखों के सामने मौत का नग्न नाच हो रहा था। बगल में बैठी अनन्या का वह जला हुआ चेहरा अब किसी...

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Honted Jobplace - 7 By Sonam Brijwasi

ऑफिस का मेन गेट। रात के 11:15 बज चुके हैं। बाहर तेज़ हवा चल रही है, बिजली चमक रही है। कृषांत अपनी गाड़ी से उतरता है, मोबाइल कान से लगाए हुए।कृषांत (फोन पर, गुस्से में) बोला - क्या?...

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અવાવરુ વાવનો અતીત - 3 By Ashoksinh jadeja

    રાત આખી આર્યનની આંખોમાં પેલી અવાવરુ વાવ અને તેમાંથી આવતી હૃદયદ્રાવક ચીસોના પડઘા ગુંજતા રહ્યા. પથારીમાં પડખાં ફેરવતા ફેરવતા તે એ અવાજની ભયાનકતા અને તેની પાછળ છુપાયેલા દર્દ વિશે...

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Forest of Demons - 5 By Arya Sharma

वहीं अभी तक हमने पड़े की एक राक्षसी आई ओर उस राक्षस को मृत्युंजय के नाम से बुला रही थी। राक्षसी : मृत्युंजय तुम कब आए । मुझे बताए भी नहीं।आर्या : ओह तो इस राक्षस का नाम मृत्युंजय ह...

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कोहिनूर: रोशनी के पहाड़ की अदृश्य सिसकियाँ और सदियों का प्रतिशोध By sodha iqbal kasam

आंध्र की उस तपती जमीन के नीचे, गोलकुंडा की खदानों में सन्नाटा सिर्फ फावड़ों की आवाज से टूटता था हजारों मजदूर पसीने से तर-बतर, जमीन के सीने को चीरकर कुछ ढूंढने की नाकाम कोशिश कर रहे...

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313 নম্বর রুম (ভয়ঙ্কর ভূতুড়ে গল্প) By Sudip Maity

কলকাতার মাঝামাঝি একটা পুরনো হোটেল—নাম “হোটেল অনির্বাণ”। বাইরে থেকে দেখলে খুব সাধারণ, কিন্তু ভেতরে ঢুকলেই বোঝা যায়, জায়গাটার বয়স অনেক। দেওয়ালের রং উঠে গেছে, করিডোরে হালকা স্যাঁত...

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प्यार की परीभाषा - 4 By Rishav raj

शाम का समय था। घर के बाहर गली में बच्चों की आवाज़ें आ रही थीं, लेकिन रवीना के घर के अंदर माहौल थोड़ा भारी था।रसोई में माँ और कोई औरत बैठी बात कर रही थीं। रवीना अंदर आकर चुपचाप पानी...

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रहस्यमयी घड़ी और अतीत का चमत्कार - 2 By Tejendragodara

जब आर्यन की चेतना वापस लौटी, तो सबसे पहले उसे अपनी पीठ पर कड़कड़ाती धूप और सूखी मिट्टी की सोंधी सी महक का अहसास हुआ। उसने धीरे-धीरे अपनी भारी आँखें खोलीं और उठकर बैठ गया। वह यह देख...

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तुम मेरी आखिरी सांस हो - 9 By kajal jha

एपिसोड 9: अंधेरे की परछाईखंडहर की शांतिहवेली के ढहने के बाद सब कुछ शांत हो गया था। अयान और रोहन को लगा कि अब श्राप खत्म हो चुका है। लेकिन अयान के दिल में एक अजीब सा डर था। उसे डायर...

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Ghost hunters - 15 By Rishav raj

सुबह अभी पूरी तरह उजली नहीं हुई थी। आसमान हल्का धुंधला था, और गाँव के उस हिस्से में एक अजीब सन्नाटा पसरा हुआ था। रात की घटनाओं के बाद किसी ने ठीक से नींद नहीं ली थी।आरव बाहर आँगन म...

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हवेली का मुर्दा दूल्हा:जिन्न की दुल्हन - भाग 1 By chanchal

सयानी की शादी जिस दिन तय हुई, उस दिन से ही हवाओं में एक अजीब सी खामोशी थी। जब उसे उस पुरानी हवेली में दुल्हन बनाकर लाया गया, तो उसे लगा था कि यह सिर्फ एक बड़े परिवार का हिस्सा बनने...

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तेरहवा द्वार - 2 By InkImagination

भाग 2पहली आवाज़“तुम वापस क्यों आए…?”उस आवाज़ ने जैसे आरव के शरीर का खून जमा दिया।वो तुरंत पलटा।लेकिन पीछे कोई नहीं था।सिर्फ टूटी दीवारें… सीलन की बदबू… और अँधेरा।उसकी साँसें बेकाबू...

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শেষ ট্রেনটা থামেনি By Sudip Maity

রাত তখন প্রায় সাড়ে এগারোটা। রতনপুর স্টেশন অদ্ভুতভাবে ফাঁকা। দিনের সেই কোলাহল নেই, নেই লোকজনের ভিড়, শুধু দূরে কোথাও একটা ট্রেনের হুইসেল মাঝেমধ্যে শোনা যাচ্ছে। আমি, অর্ণব, অফিস থে...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। - एपिसोड 8 By kajal jha

अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 8: पहला लेखकमहल काँप रहा था।छत से मिट्टी और पत्थर टूट-टूटकर गिर रहे थे।चारों तरफ चीखें थीं।आग थी।और उस सबके बीच— आँगन में खड़ा छोटा आदित्य अब इ...

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धोबी By Dikshant Nagpure

गंगाराम गाँव का धोबी था।सुबह उठता। कपड़े इकट्ठा करता। नदी किनारे ले जाता। पत्थर पर पटकता। साबुन लगाता। धूप में सुखाता। शाम को इस्तरी करके वापस कर देता।तीस साल से यही कर रहा था।उसके...

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અનોખી સફર - અમાવસ્યાથી પૂર્ણિમા સુધી - પ્રકરણ - 69 By Dakshesh Inamdar

અનોખી સફરપ્રકરણ - 69ભૈરવી આઈ સાથે બેઠી હતી અને આમ ધનુષની બરાબર પાછળની સીટ ઉપર..એને માનસિક ખુબ થાકલાગેલો હતો..એણે હાથ લંબાવી ધનુષની સીટ પર મુકેલો અને પોતાનું માથું એની સીટ પર ઢાળી દ...

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भानगढ़: रात 11:47 By Jeetendra

मैं आज तक नहीं मानता था कि जगहें याद रखती हैं। पत्थर सिर्फ पत्थर होते हैं।20 अक्टूबर 2019 की रात ने वो भरोसा तोड़ दिया। तब से मैं भानगढ़ का नाम सुनते ही कंधे झटक देता हूँ, जैसे कोई...

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वो ठेला वाला जिसकी चाय पीके कोई वापस घर नहीं पहुंचा By Dikshant Nagpure

गाँव के चौराहे पर ठेला लगाता था भैरू। छोटा सा ठेला था। चाय की केतली। पान की दुकान। कुछ बिस्कुट के पैकेट। लोग आते थे। चाय पीते थे। अखबार पढ़ते थे। भैरू की चाय गाँव में मशहूर थी। एक...

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রাত তখন এমন এক গভীরতায় ডুবে গেছে, যেখানে সময়ের অস্তিত্বটাই যেন মুছে যায়। আকাশে কোনো চাঁদ নেই, তারাও নেই—শুধু একটা অদ্ভুত কালো স্তর সবকিছু ঢেকে রেখেছে। মাঝে মাঝে বিদ্যুৎ চমকে উঠছে,...

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हॉस्टेलची पांढऱ्या साडीची बाई आणि प्लँचेट भाग -२शनिवारी रात्री परेशला ती बाई दिसली होती आणि त्या रात्री कोणाचे दारही वाजले नव्हते आणि कोणाच्या दारालाही कडी नव्हती लागली बाहेरून. कश...

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काल कोठरी - 13 By Neeraj Sharma

13 वा धारावाहिक आपने आप मे एक अंतरमन की पुकार कह लो, ये काल कोठरी किसे के नसीब मे न हो, बस माथे की लकीरो की बेचैनी आदमी को कभी कभी ऐसी खोज पर ले जाती है कि पूछो मत।               ...

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मेरे गाँव में सबसे पुरानी चीज़ मंदिर नहीं है। मेरे दादा जी नहीं हैं। ये पीपल का पेड़ नहीं है।सबसे पुरानी चीज़ है - एक कब्र।हाँ, कब्र।गाँव के ठीक उत्तर दिशा में। जहाँ खत्म होते हैं...

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আমার নাম সৌরভ। আমি কোনোদিন এসব অলৌকিক ব্যাপারে বিশ্বাস করতাম না। ভূত, প্রেত, ডাইনি—এসব আমার কাছে সবসময়ই গ্রামের কুসংস্কার ছিল। ছোটবেলা থেকেই শুনে এসেছি নানা গল্প, কিন্তু সেগুলোকে আ...

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वो कमरा By Dikshant Nagpure

तीन महीने पहले की बात है।हम लोग नए शहर में आए थे। पापा की नौकरी ट्रांसफर हुई थी। माँ, मैं, छोटी बहन रिया, और पापा। चार लोगों का परिवार।घर ढूंढना आसान नहीं था। पापा तीन दिन तक इधर-उ...

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ಯಮ ದ್ವಾರ By Saandeep Joshi

ಹಿಮಾಲಯದ ಹಿಮಶಿಖರಗಳ ಮಡಿಲಲ್ಲಿ, ಕೈಲಾಸ ಪರ್ವತದ ತಪ್ಪಲಿನಲ್ಲಿ ನಿಂತಿರುವ ಆ ಕಲ್ಲಿನ ದ್ವಾರದ ಹೆಸರು ಯಮ ದ್ವಾರ.  ಲೋಕದ ನಂಬಿಕೆಯ ಪ್ರಕಾರ ಇದು ಕೇವಲ ಮನುಷ್ಯ ನಿರ್ಮಿತ ಕಟ್ಟಡವಲ್ಲ ಇದು ಇಹಲೋಕದ ಸಂಬಂಧಗಳು ಕೊನೆಯಾಗಿ, ಆ...

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खौफ - 1 By Raj Bhande

नांदेड़ के धनेगाव में राज रहता था। राज एक पार्ट टाइम राइटर था। पहले वो अपने साथ होने वाली घटनाएं लिखा करता था, लेकिन पिछले 5 सालों से उसने लिखना बंद कर दिया था। राज का एक 8 साल का...

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ಹಿಮಾಲಯದ ಮಡಿಲಲ್ಲಿರುವ ರಾಕ್ಷಸ ತಾಲ್ ಕೇವಲ ಒಂದು ಜಲರಾಶಿಯಲ್ಲ ಅದು ಭೂಮಿಯ ಮೇಲಿರುವ ನರಕದ ದ್ವಾರ. ಮಾನಸ ಸರೋವರವು ದೇವತೆಗಳ ಸನ್ನಿಧಿಯಾದರೆ, ಅದರ ಪಕ್ಕದಲ್ಲೇ ಇರುವ ಈ ಕೆರೆ ರಾಕ್ಷಸರ ಮತ್ತು ಶಾಪಗ್ರಸ್ತ ಆತ್ಮಗಳ ಅಡಗುದ...

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શબ્દ નો પડછાયો By Mansi Desai Shastri

"શબ્દનો પડછાયો"  એક મનોવૈજ્ઞાનિક થ્રિલરઅમદાવાદના આશ્રમ રોડ પર આવેલી 'અક્ષર' નામની જૂની ઇમારત. ત્રીજા માળે રહેતો વિવેક મહેતા ગુજરાતનો સૌથી રહસ્યમય ક્રાઇમ લેખક. છેલ્લા બે વર્...

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Chapter 8 — रूहों का बसेराजीप का पिछला पहिया खाई की कगार पर हवा में लटका हुआ था। आर्यन की आँखों के सामने मौत का नग्न नाच हो रहा था। बगल में बैठी अनन्या का वह जला हुआ चेहरा अब किसी...

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અવાવરુ વાવનો અતીત - 3 By Ashoksinh jadeja

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Forest of Demons - 5 By Arya Sharma

वहीं अभी तक हमने पड़े की एक राक्षसी आई ओर उस राक्षस को मृत्युंजय के नाम से बुला रही थी। राक्षसी : मृत्युंजय तुम कब आए । मुझे बताए भी नहीं।आर्या : ओह तो इस राक्षस का नाम मृत्युंजय ह...

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