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Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Human Science in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultur...Read More


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महिला पुरूषों मे टकराव क्यों ? - 54 - केतकी की हकीकत By Captain Dharnidhar

मुंबई में बद्री काका केतकी के घर केतकी की हकीकत जानने के लिए केतकी की मा संतोष से बात कर रहा है .. संतोष चाय बनाकर ले आई ..एक प्लेट में नमकीन व बिस्कुट रख दिये । बद्री काका चाय पी...

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एक रूह की आत्मकथा - 14 By Ranjana Jaiswal

लीला समर के व्यवहार से बहुत आहत थी।वह समझ नहीं पा रही थी कि समर को सही रास्ते पर कैसे ले आए?समर पहले भी दूसरी औरतों में दिलचस्पी लेता था,पर यह उसका स्थायी भाव नहीं था।वह किसी भी दू...

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प्राचीन भारतीय इतिहास - 9 - वैष्णव पारसी धर्म By Rajveer Kotadiya । रावण ।

वैष्णव धर्म– वैष्णव सम्प्रदाय (वैष्णव धर्म ) में, भगवान विष्णु को ईश्वर और पूरी श्रृष्टि का संचालन कर्ता माना जाता हैं। वैष्णव धर्म के बहुत सारे उप-सम्प्रदाय हैं। वैष्णव का मूलरूप...

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अन्धकार पर प्रकाश की विजय - दिवाली By दिनू

भारत में प्राचीन काल से दीपावली को विक्रम संवत के कार्तिक माह में गर्मी की फसल के बाद के एक त्योहार के रूप में दर्शाया गया। पद्म पुराण और स्कन्द पुराण में दीपावली का उल्लेख मिलता ह...

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પેનની એક જ લકીરે By SUNIL ANJARIA

પેનની એક જ લકીરે ઇલેક્શનનાં રીઝલ્ટ તો આવશે. જે અનુમાનો લગાવાઈ રહ્યાં છે તેમ જ. એ સાથે એક વાતની કોઈ મિત્ર સાથે ચર્ચા થઈ એ ઉડીને આંખે વળગે તેવી વાસ્તવિકતા લાગી.પેનની એક જ લકીર આખી સં...

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विश्वास - कहानी दो दोस्तों की - 13 By सीमा बी.

विश्वास (भाग--13)डॉ. से मिल कर उमा जी को तसल्ली हुई। कमरे में आकर उन्होंने मीनल को फोन करके सब बताया। "हाँ माँ अब उसको घर ही ले आएगें बाकी सब तो घर से ही हम मैनेज कर लेंगे"। मीनल न...

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प्राचीन भारतीय इतिहास की जानकारी के साधन By Rajveer Kotadiya । रावण ।

प्राचीन भारत के इतिहास की जानकारी के साधनों को दो भागों में बाँटा जा सकता है- साहित्यिक साधन और पुरातात्विक साधन, जो देशी और विदेशी दोनों हैं। साहित्यिक साधन दो प्रकार के हैं- धार्...

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बुंदेलखंड के लोक जीवन में समय बोध By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

कृष्ण विहारी लाल पाण्डेय की बुन्देली भाषा विज्ञान सम्बन्धी लेखमाला-बुंदेलखंड के लोक जीवन में समय-बोधके बी एल पाण्डेयमनुष्य ने काल के निरवधि विस्तार को अपने बोध की दृष्टि से खंडों म...

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दतिया की बौद्धिक सम्पदा By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

लेखदतिया की बौद्धिक संपदा के कुछ प्रतिमानडॉ.के बी एल पाण्डेयदतिया में साहित्य और कला की समृद्ध परंपरा के साथ ही कुछ ही दशकों पहले यहां गंभीर और प्रचंड बौद्धिकता का भी असाधारण बना र...

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लोक संस्कृति स्थिर व गतिशील होती है  By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

o लोक संस्कृति स्थिर व गतिशील होती है केबीएल पाण्डेय का इंटरव्यूप्रश्न 1 आपके मतानुसार लोक संस्कृति से क्या आशय है?केबीएल पाण्डेय-काफी समय तक संस्कृति के ऐसे विभाजन हम नहीं देखते ह...

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गांव और लोक संस्कृति By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

गांव और लोक संस्कृतिके बी एल पाण्डेय'लोक' और 'संस्कृति' शब्द कोषतः चाहे.. कितना व्यापक अर्थ रखते हों, किंतु आज परस्पर सन्निधि में सामान्यतः आशय विशेष में रूढ़ है । ल...

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प्रकृति और हम By ROHIT CHATURVEDI

क्या है प्रकृति ? और क्या हैं हम ?प्रकृति अर्थात निर्माता की हर वह संरचना, जिसे हमने नहीं बनाया और हमारे आसपास मौजूद है, वही है प्रकृति । परंतु कौन है वह निर्माता? जिसने हर चीज को...

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महिला पुरूषों मे टकराव क्यों ? - 54 - केतकी की हकीकत By Captain Dharnidhar

मुंबई में बद्री काका केतकी के घर केतकी की हकीकत जानने के लिए केतकी की मा संतोष से बात कर रहा है .. संतोष चाय बनाकर ले आई ..एक प्लेट में नमकीन व बिस्कुट रख दिये । बद्री काका चाय पी...

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एक रूह की आत्मकथा - 14 By Ranjana Jaiswal

लीला समर के व्यवहार से बहुत आहत थी।वह समझ नहीं पा रही थी कि समर को सही रास्ते पर कैसे ले आए?समर पहले भी दूसरी औरतों में दिलचस्पी लेता था,पर यह उसका स्थायी भाव नहीं था।वह किसी भी दू...

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प्राचीन भारतीय इतिहास - 9 - वैष्णव पारसी धर्म By Rajveer Kotadiya । रावण ।

वैष्णव धर्म– वैष्णव सम्प्रदाय (वैष्णव धर्म ) में, भगवान विष्णु को ईश्वर और पूरी श्रृष्टि का संचालन कर्ता माना जाता हैं। वैष्णव धर्म के बहुत सारे उप-सम्प्रदाय हैं। वैष्णव का मूलरूप...

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अन्धकार पर प्रकाश की विजय - दिवाली By दिनू

भारत में प्राचीन काल से दीपावली को विक्रम संवत के कार्तिक माह में गर्मी की फसल के बाद के एक त्योहार के रूप में दर्शाया गया। पद्म पुराण और स्कन्द पुराण में दीपावली का उल्लेख मिलता ह...

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પેનની એક જ લકીરે By SUNIL ANJARIA

પેનની એક જ લકીરે ઇલેક્શનનાં રીઝલ્ટ તો આવશે. જે અનુમાનો લગાવાઈ રહ્યાં છે તેમ જ. એ સાથે એક વાતની કોઈ મિત્ર સાથે ચર્ચા થઈ એ ઉડીને આંખે વળગે તેવી વાસ્તવિકતા લાગી.પેનની એક જ લકીર આખી સં...

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विश्वास - कहानी दो दोस्तों की - 13 By सीमा बी.

विश्वास (भाग--13)डॉ. से मिल कर उमा जी को तसल्ली हुई। कमरे में आकर उन्होंने मीनल को फोन करके सब बताया। "हाँ माँ अब उसको घर ही ले आएगें बाकी सब तो घर से ही हम मैनेज कर लेंगे"। मीनल न...

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प्राचीन भारतीय इतिहास की जानकारी के साधन By Rajveer Kotadiya । रावण ।

प्राचीन भारत के इतिहास की जानकारी के साधनों को दो भागों में बाँटा जा सकता है- साहित्यिक साधन और पुरातात्विक साधन, जो देशी और विदेशी दोनों हैं। साहित्यिक साधन दो प्रकार के हैं- धार्...

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बुंदेलखंड के लोक जीवन में समय बोध By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

कृष्ण विहारी लाल पाण्डेय की बुन्देली भाषा विज्ञान सम्बन्धी लेखमाला-बुंदेलखंड के लोक जीवन में समय-बोधके बी एल पाण्डेयमनुष्य ने काल के निरवधि विस्तार को अपने बोध की दृष्टि से खंडों म...

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दतिया की बौद्धिक सम्पदा By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

लेखदतिया की बौद्धिक संपदा के कुछ प्रतिमानडॉ.के बी एल पाण्डेयदतिया में साहित्य और कला की समृद्ध परंपरा के साथ ही कुछ ही दशकों पहले यहां गंभीर और प्रचंड बौद्धिकता का भी असाधारण बना र...

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लोक संस्कृति स्थिर व गतिशील होती है  By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

o लोक संस्कृति स्थिर व गतिशील होती है केबीएल पाण्डेय का इंटरव्यूप्रश्न 1 आपके मतानुसार लोक संस्कृति से क्या आशय है?केबीएल पाण्डेय-काफी समय तक संस्कृति के ऐसे विभाजन हम नहीं देखते ह...

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गांव और लोक संस्कृति By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

गांव और लोक संस्कृतिके बी एल पाण्डेय'लोक' और 'संस्कृति' शब्द कोषतः चाहे.. कितना व्यापक अर्थ रखते हों, किंतु आज परस्पर सन्निधि में सामान्यतः आशय विशेष में रूढ़ है । ल...

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प्रकृति और हम By ROHIT CHATURVEDI

क्या है प्रकृति ? और क्या हैं हम ?प्रकृति अर्थात निर्माता की हर वह संरचना, जिसे हमने नहीं बनाया और हमारे आसपास मौजूद है, वही है प्रकृति । परंतु कौन है वह निर्माता? जिसने हर चीज को...

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