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Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Human Science in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultur...Read More


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महामारी का प्रकोप By Anand M Mishra

जम्बू द्वीप में कोरोना फैला था। उसी द्वीप में एक शांत गाँव है। इस गाँव में बाहर के गांवों से लोगों का आना-जाना लगा रहता है। तो यह शांत गाँव महामारी के प्रकोप से कैसे बचता? सो इस गा...

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परिवार, सुख का आकार (भाग 2) - बिखराव रिश्तों का By Kamal Bhansali

परिवार, व्यक्तित्व निर्माण में एक अच्छी भूमिका निभा सकता है, इस तथ्य पर वैसे तो कोई शंका का कारण नजर नहीं आता फिर भी निवारण के लिए इतना कहना जरुरी है, कि संसार की महान से महान विभू...

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नौकरानी की बेटी - 26 By RACHNA ROY

एक अच्छी शोध कर्ता की विशेषता जो कि आनंदी में थी वो उसको युनिवर्सिटी से मिला उसका विवरण रीतू ने पढ़ा।75000 बड्स की थीसिस राइटिंग प्रोडक्टिव मैनर से एनालाइजिग प्लानिंग और इनफार्मेशन...

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झूठ, मक्कारी और चोरी, तीन खूंखार शेर By Kamal Bhansali

शीर्षक: झूठ, मक्कारी और चोरी, तीन खूंखार शेरदुनिया एक सच है, परन्तु झूठ के रोग से भयंकर ग्रस्त है। कहीं भी जाये दूर दूर तक झूठ का साम्राज्य फल- फूल रहा है। अब तो नोबत यहां तक आ गई...

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राधारमण वैद्य-आधुनिक भारतीय शिक्षा की चुनौतियाँ - 6 - अंतिम भाग By राजनारायण बोहरे

स्कूली शिक्षा सम्बन्धी बैचेनियां, चिंताएं और उत्सुकताएं शिक्षा सामाजिक विकास की सतत चलने वाली प्रक्रिया है। स्वाधीनता दविस 2004 की पूर्व संध्या पर दिए गए राष्ट्रपति के...

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એલિયન્સનો હુમલો - પૃથ્વીનો વિનાશ - 3 By Arbaz Mogal

હાર્દિકને જાણવાની ઇરછા થાય છે કે આ દુર્ગંધ ક્યાંથી આવી રહી છે. એ જાણવા માટે ઘરની બહાર નીકળે છે. એનું ધ્યાન ધુમાડા ઉપર જાય છે. એ ધુમાડો ઘરના પાછળના ભાગમાંથી આવતો હતો. એ પાછળના ભાગમા...

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उम्र का अंतराल By Kamal Bhansali

शीर्षक : उम्र का अंतराल ( Generation Gap )यह तय है, मानव जीवन, युग की चेतना के अनुसार अपने स्वरुप को बदलता है। किसी एक मानव के लिए यह कतई संभव नहीं कि अपनी आवश्यकता अनुसार युग को ब...

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प्रेम और वासना - भाग 5 - प्रेम के रंग हजार, रिश्तों में By Kamal Bhansali

प्रेम" शब्द काफी मार्मक और भावुकता भरा होता है। नये, नये रुप में प्रयोग होने वाला शब्द इंसानी अहसास को इंद्रधनुषी रंगों से सजाता है,। प्रेम, प्यार, लव, जैसे शब्दों के बिना कोई भी स...

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ધ્યાનવિશ્વમાં વિહાર - 3 (લેખાંક 3 - ધ્યાન - ભ્રામક માન્યતાઓ) By Dr Jitendra Patwari

ધ્યાન - ભ્રામક માન્યતાઓ (3)????????? ? લેખ 2/3માં નીચે દર્શાવેલ ભ્રામક માન્યતાઓ અને તેની સામેની હકીકત જાણી. 1) "ધ્યાન એ કોઈ વિશેષ ધર્મ સાથે જોડાયેલી વાત છે." 2) “ધ્યાન તો સાધુ કરે,...

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संग विज्ञान का - रंग अध्यात्म का - 3 By Dr Jitendra Patwari

नाड़ीतंत्र प्रथम दो लेखांक दौरान ओरा (Aura) और कुँडलिनी के बारे में चर्चा हुईl नाड़ि के बारे में प्राथमिक बात हुई कि जैसे बिजली, रेडियो या लेसर तरंगे अदृश्य होने के बावजूद भी अस्...

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સમગ્ર જીંદગી - ૭ ચક્રોમાં સમાવિષ્ટ યાત્રા - લેખાંક 8 By Dr Jitendra Patwari

મૂલાધારચક્ર સંતુલનના ઉપાયો (ગતાંકથી ચાલુ) મૂલાધારચક્ર સંતુલન માટેના વિવિધ ઉપાયોની ચર્ચા દરમ્યાન લેખાંક ૭માં ક્રોમોથેરાપી (કલર થેરાપી), આહાર, યોગાસન, મુદ્રા, સાઉન્ડ થેરાપી, મંત્ર...

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ढलती उम्र में रहे बेखबर By Kamal Bhansali

Health is wealth" यानी स्वास्थ्य ही धन है। ये कथन जीवन का प्रमुख सत्य है। इस कथन का प्रयोग हम सभी कभी न कभी स्वास्थ्य के सन्दर्भ में जब-तब बात करते है, तो जरुर करते है। परन्तु यह भ...

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अधिकार और कर्तव्य By Kamal Bhansali

अधिकार" और "कर्तव्य" ऐसे शब्द है, जो एक दूसरे के पूरक है, एक के बिना दूसरे का चिंतन करना व्यर्थ है। फिर भी विडम्बना ही कहिये एक सर्व पसन्द है, दूसरा ज्यादातर सिर्फ चिंतन का विषय ही...

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दवा By amit kumar mall

पूर्वी उत्तर प्रदेश के एक पिछड़े क्षेत्र होने के बाद भी , मेरे गांव में बाजार थी - साप्ताहिक नही परमानेंट । सोमवार और शुक्रवार को , साप्ताहिक बाजार लगती है । किन्तु , लगभग 5...

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रामायण, अमृत-तत्व- व्यक्तित्व निर्माण में By Kamal Bhansali

कभी अगर हमसे कोई कहे, इंसानों में "राम" की तलाश है, तो एकाएक ऐसे महापुरुष की काल्पनिक छवि हमारे नयनों में तैरने लगती है, जो अलौकिकता से भरपूर होती है। जब भी हम "राम" शब्द का उच्चार...

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लोक और संस्कृति By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

'लोक' और 'संस्कृति' शब्द कोषतः चाहे.. कितना व्यापक अर्थ रखते हों, किंतु आज परस्पर सन्निधि में सामान्यतः आशय विशेष में रूढ़ है । लोक संस्कृति के स्वरूप को संकुचित परिधि से मुक्त क...

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दहशत में वर्तमान By Kamal Bhansali

विषय : दहशत में वर्तमान ( एक अनुसंधान युक्त विश्लेषण )Truth is forever" सत्य सदा रहता, वक्त बोल कर कह नहीं सकता, पर अहसास तो करा देता। सवाल ये नहीं कौन सहमत और कौन सहमत नही, कौन इस...

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महेश कुमार मिश्र मधुकर - प्राथमिक शिक्षण की बुंदेली-परिपाटी By राज बोहरे

महेश कुमार मिश्र मधुकर -पुस्तक-प्राथमिक शिक्षण की बुंदेली-परिपाटी पुस्तक समीक्षा समीक्षक- राजनारायण बोहरे पुस्तक-प्राथमिक शिक्षण की बुंदेली-परिपाटी लेखक-महेश कुमार मिश्र मधुकर प्...

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दैनिक दिनचर्या-समय का सही सम्मान By Kamal Bhansali

समय" शब्द कितना सीधा सादा, परन्तु कितना महत्वकांक्षी, अपने पल, पल की कीमत मांगता है। कहता ही रहता है, कि मेरा उपयोग करो, नहीं तो मैं वापस नहीं आने वाला। सच भी यही है, इसका सही उपयो...

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क्षमा वीरस्य भूषनम By Kamal Bhansali

क्षमा " एक आंतरिक मानसिक शक्ति उत्थानक शब्द है, इसका उपयोग सहज नहीं किया जा सकता, क्योंकि इसके लिए आत्मा का शक्तिशाली होना जरुरी होता है। वैसे तो संसार का कोई भी देश इस शब्द से अपर...

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આવતને શૂટ કરું By SUNIL ANJARIA

કોઈને જુઓ કે તેને હૃદયમાં કંડારવા સાથે યાદગીરી માટે કેમેરાથી શૂટ કરવાનો વિચાર આવે છે ને! તો એ વિવિધ કેમેરાઓની દુનિયા થી લઈ સારા ફોટા માટેની કેટલીક ટિપ્સ જોઈએ.હમણાં શ્રી. જય વસાવડાન...

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आशीर्वाद - जीवन अमृत By Kamal Bhansali

आशीर्वाद” एक ऐसा अमृतमय शब्द है, जिसकी चाहत हर कोई इंसान अपने जीवन की शुभता के लिए करता है। इस शब्द की सबसे प्रमुख विशेषता है, कि ये किसी भी मानवीय सीमा रेखा से बंधा नहीं रहता। इस...

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संस्कार, बिना आकार By Kamal Bhansali

संस्कार" शब्द की व्याख्या करने से पहले हमें जीवन की उस अनुभूति के बारे में हर दृष्टिकोण से थोड़ा चिंतन करना जरुरी हो सकता है , जिनमे मानवीय संवेदना अपना अस्तित्व तलाश करती है। आज की...

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નિર્ણયશક્તિ જ મહાશક્તિ! – દિવ્યેશ ત્રિવેદી By Smita Trivedi

સિકંદર એના જીવનકાળ દરમિયાન અનેક લડાઈઓ લડયો. લડાઈ લડવી એટલે માત્ર શસ્ત્રો ચલાવવાં અને દુશ્મનના સૈનિકોનો ખાત્મો બોલાવવો એવું નથી. લડાઈ લડવા માટે અનેક બાબતો વિચારવી પડે છે અને...

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सक्षम जीवन By Kamal Bhansali

शास्त्रों के अनूसार, जीवन सब जीवों को अवधि प्रदान ही मिलता है, इस अवधि के सफर में ही हर जीव शरीर, मन और आत्मा से अर्जित अपने कर्मों के फल से दुःख और सुख का अनुभव करता है। इंसान ही...

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મરણિયો બને એ જીવી જાણે! – દિવ્યેશ ત્રિવેદી By Smita Trivedi

સિકંદર એના જીવનકાળમાં ઘણી લડાઈઓ લડયો અને જીત્યો. પોતાના સાથીદારો, પ્રધાનો અને સેનાપતિઓ સાથે પૂરતો વિચારવિમર્શ કરીને એ લડાઈનું નેતૃત્વ સંભાળતો. મોરચા પર જાતે હાજર રહેતો અને જ...

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स्वतन्त्र सक्सेना के विचार - 4 By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

लेख वैज्ञानिक चेतना , भविष्‍य केा जानने की चिन्‍ताएं डॉ स्‍वतंत्र कुमार सक्‍सेना भविष्‍य के प्रति जिज्ञासा व चिन्‍ता...

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સપનાંની સૃષ્ટિ - જાગતી અને ઊંઘતી – દિવ્યેશ ત્રિવેદી By Smita Trivedi

મહાન સિકંદર પણ સામાન્ય માણસની જેમ સપનાં જોતો હતો. એનું ફેવરીટ સપનું વિશ્વવિજેતા બનવાનું હતું. એની જીવનકથાના લેખક પ્લુટાર્ડના કહેવા મુજબ વિજેતા બનવાનું સપનું તો તેણે માત્ર સો...

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महामारी का प्रकोप By Anand M Mishra

जम्बू द्वीप में कोरोना फैला था। उसी द्वीप में एक शांत गाँव है। इस गाँव में बाहर के गांवों से लोगों का आना-जाना लगा रहता है। तो यह शांत गाँव महामारी के प्रकोप से कैसे बचता? सो इस गा...

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परिवार, सुख का आकार (भाग 2) - बिखराव रिश्तों का By Kamal Bhansali

परिवार, व्यक्तित्व निर्माण में एक अच्छी भूमिका निभा सकता है, इस तथ्य पर वैसे तो कोई शंका का कारण नजर नहीं आता फिर भी निवारण के लिए इतना कहना जरुरी है, कि संसार की महान से महान विभू...

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नौकरानी की बेटी - 26 By RACHNA ROY

एक अच्छी शोध कर्ता की विशेषता जो कि आनंदी में थी वो उसको युनिवर्सिटी से मिला उसका विवरण रीतू ने पढ़ा।75000 बड्स की थीसिस राइटिंग प्रोडक्टिव मैनर से एनालाइजिग प्लानिंग और इनफार्मेशन...

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झूठ, मक्कारी और चोरी, तीन खूंखार शेर By Kamal Bhansali

शीर्षक: झूठ, मक्कारी और चोरी, तीन खूंखार शेरदुनिया एक सच है, परन्तु झूठ के रोग से भयंकर ग्रस्त है। कहीं भी जाये दूर दूर तक झूठ का साम्राज्य फल- फूल रहा है। अब तो नोबत यहां तक आ गई...

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राधारमण वैद्य-आधुनिक भारतीय शिक्षा की चुनौतियाँ - 6 - अंतिम भाग By राजनारायण बोहरे

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એલિયન્સનો હુમલો - પૃથ્વીનો વિનાશ - 3 By Arbaz Mogal

હાર્દિકને જાણવાની ઇરછા થાય છે કે આ દુર્ગંધ ક્યાંથી આવી રહી છે. એ જાણવા માટે ઘરની બહાર નીકળે છે. એનું ધ્યાન ધુમાડા ઉપર જાય છે. એ ધુમાડો ઘરના પાછળના ભાગમાંથી આવતો હતો. એ પાછળના ભાગમા...

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उम्र का अंतराल By Kamal Bhansali

शीर्षक : उम्र का अंतराल ( Generation Gap )यह तय है, मानव जीवन, युग की चेतना के अनुसार अपने स्वरुप को बदलता है। किसी एक मानव के लिए यह कतई संभव नहीं कि अपनी आवश्यकता अनुसार युग को ब...

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प्रेम और वासना - भाग 5 - प्रेम के रंग हजार, रिश्तों में By Kamal Bhansali

प्रेम" शब्द काफी मार्मक और भावुकता भरा होता है। नये, नये रुप में प्रयोग होने वाला शब्द इंसानी अहसास को इंद्रधनुषी रंगों से सजाता है,। प्रेम, प्यार, लव, जैसे शब्दों के बिना कोई भी स...

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ધ્યાનવિશ્વમાં વિહાર - 3 (લેખાંક 3 - ધ્યાન - ભ્રામક માન્યતાઓ) By Dr Jitendra Patwari

ધ્યાન - ભ્રામક માન્યતાઓ (3)????????? ? લેખ 2/3માં નીચે દર્શાવેલ ભ્રામક માન્યતાઓ અને તેની સામેની હકીકત જાણી. 1) "ધ્યાન એ કોઈ વિશેષ ધર્મ સાથે જોડાયેલી વાત છે." 2) “ધ્યાન તો સાધુ કરે,...

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नाड़ीतंत्र प्रथम दो लेखांक दौरान ओरा (Aura) और कुँडलिनी के बारे में चर्चा हुईl नाड़ि के बारे में प्राथमिक बात हुई कि जैसे बिजली, रेडियो या लेसर तरंगे अदृश्य होने के बावजूद भी अस्...

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अधिकार और कर्तव्य By Kamal Bhansali

अधिकार" और "कर्तव्य" ऐसे शब्द है, जो एक दूसरे के पूरक है, एक के बिना दूसरे का चिंतन करना व्यर्थ है। फिर भी विडम्बना ही कहिये एक सर्व पसन्द है, दूसरा ज्यादातर सिर्फ चिंतन का विषय ही...

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दवा By amit kumar mall

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रामायण, अमृत-तत्व- व्यक्तित्व निर्माण में By Kamal Bhansali

कभी अगर हमसे कोई कहे, इंसानों में "राम" की तलाश है, तो एकाएक ऐसे महापुरुष की काल्पनिक छवि हमारे नयनों में तैरने लगती है, जो अलौकिकता से भरपूर होती है। जब भी हम "राम" शब्द का उच्चार...

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लोक और संस्कृति By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

'लोक' और 'संस्कृति' शब्द कोषतः चाहे.. कितना व्यापक अर्थ रखते हों, किंतु आज परस्पर सन्निधि में सामान्यतः आशय विशेष में रूढ़ है । लोक संस्कृति के स्वरूप को संकुचित परिधि से मुक्त क...

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आशीर्वाद - जीवन अमृत By Kamal Bhansali

आशीर्वाद” एक ऐसा अमृतमय शब्द है, जिसकी चाहत हर कोई इंसान अपने जीवन की शुभता के लिए करता है। इस शब्द की सबसे प्रमुख विशेषता है, कि ये किसी भी मानवीय सीमा रेखा से बंधा नहीं रहता। इस...

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संस्कार, बिना आकार By Kamal Bhansali

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સિકંદર એના જીવનકાળ દરમિયાન અનેક લડાઈઓ લડયો. લડાઈ લડવી એટલે માત્ર શસ્ત્રો ચલાવવાં અને દુશ્મનના સૈનિકોનો ખાત્મો બોલાવવો એવું નથી. લડાઈ લડવા માટે અનેક બાબતો વિચારવી પડે છે અને...

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