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    रात का समय था…रेगिस्तान अपनी गहरी खामोशी में डूबा हुआ था, लेकिन उस खामोशी के भीत...

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  • उसकी साया !! - 1

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  • Obsession - 1

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  • प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग

    -------------- "प्रेम यदि पुर्ण हो तो भुला दिया जाता है। उसकु अधूरे स्वरूप क...

  • सजा.....बिना कसूर की - 1

    प्रिया पाठको,,यह एक  सामाजिक कहानी है ।जिसे मैंने अपने शब्दों के मोती में पिरोकर...

  • इश्क़ तेरा मेरा - 1

    *इश्क़ तेरा मेरा*अभि और प्रज्ञा की लव मैरिज हुई है। उनका प्यार बहुत ही मीठा और न...

  • Hero - 1

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  • अहंकार का पोस्टमार्टम - भाग 1

    समर्पणउन सभी 'खोजी' मन को, जो भीड़ का हिस्सा बनने से इनकार करते हैं।और उन...

  • अंधेर रात - भाग 1

    Part 1 — शुरुआतदिल्ली के बाहरी इलाके में बनी नई हाईराइज़ सोसायटी ब्लैकवुड रेजीडे...

महाभारत की कहानी - भाग 238 By Ashoke Ghosh

महाभारत की कहानी - भाग-२४२ शाम्ब का मूसल प्रसव और द्वारका में दुर्लक्षण   प्रस्तावना कृष्णद्वैपायन वेदव्यास ने महाकाव्य महाभारत रचना किया। इस पुस्तक में उन्होंने कुरु वंश के प्रसार...

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काली धरती का देवदूत By prem chand hembram

धनबाद उस समय सिर्फ एक शहर नहीं था—वह कोयले, धुएँ, पसीने और बीमारी से बना एक जीवित नरक था।धरती के नीचे साँस लेते मजदूर,ऊपर भूख से लड़ते परिवार,और चारों ओर टीबी का भय।अविभाजित बिहार...

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अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 28 By Irfan ayan Khan

रात का सन्नाटा इतना गहरा था कि बस्ती के कुत्तों की रोने की आवाज़ भी साफ़ सुनाई दे रही थी। अयान की आँख खुली तो सबसे पहले उसके कानों में वही जानी-पहचानी आवाज़ आई—'चररर... चूँ...&#39...

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बीते हुए कल की कहानी By Kishan Kishor

कॉलेज का वो साल आज भी उसे साफ याद था। सुबह की हल्की धूप, कैंपस की भागती भीड़, दोस्तों की आवाज़ें और उन सबके बीच एक चेहरा जो उसकी पूरी दुनिया बन चुका था।​कहते हैं ज़िंदगी कभी अपनी ल...

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रहस्यमयी घड़ी और अतीत का चमत्कार - 3 By Tejendragodara

अगली सुबह सूरज की पहली किरण निकलते ही आर्यन ने माधव और गाँव के कुछ हिम्मत वाले युवाओं को एक पेड़ के नीचे इकट्ठा किया। गाँव वाले आर्यन के अजीब कपड़ों और बैग को देखकर अब भी कानाफूसी...

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बारिश की वो पहली मुलाक़ात - पार्ट 2 By July Writes

बारिश और एक मुहब्बत की शुरुआत :पहली बारिश के उस दिन के बाद से जैसे मौसम ही बदल गया था। हर तरफ फुल खिलने लगी थी और हवाएं गुन गुना रही थी। अब बारिश को देखने का नजरिया भी बदल गया था।अ...

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यमराज और Architect नेता By Dhairya vats

आज से काफी दशक पहले यमलोक में भ्रमण करते हुए यमराज को यमलोक कि कार्यशैली में कुछ दिक्कतें दिखाई पड़ी , कि कैसे पृथ्वी लोक से आने वाली आत्माओं के आधे-अधूरे कागज़ हैं, पिता के नाम की...

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हम फिर से मिले मगर इस तरह - 25 By MASHAALLHA KHAN

हम फिर से मिले मगर इस तरहऐपीसोड़ - 25रूपाली को इस तरह देखकर अरूण एक घहरे सदमे मे पहुंच गया था,,, एक पल मे उसकी दुनिया उजड़ गई थी,, वह ख्वाब जो उस को रूपाली के साथ देखने थे वह ख्वाब...

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प्यार था… बस कहा नहीं - 1 By Payal Author

Part 1 — पहली बार उसका नाम सुना कॉलेज का पहला हफ्ता हमेशा थोड़ा अजीब होता है।नए चेहरे, नई क्लास, नए लोग… और खुद को उस भीड़ में फिट करने की कोशिश।रूही के लिए भी सब कुछ नया था।वो पहल...

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सच्ची मित्रता By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति--(१५) की व्याख्या तवेद्धि सख्यम् स्तृतम्।   १/१५/५भावार्थ -प्रभो ! आपकी ही मैत्री सच्ची है। पद-विश्लेषण--तव = तेरा / आपकाएव इद्धि (एव इद्धि/एव हि) = निश्चय ही...

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