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Reading stories is a greatest experience, that introduces you to the world of new thoughts and imagination. It introduces you to the characters that can inspire you in your life. The stories on Matrubharti are published by independent authors having beautiful and creative thoughts with an exceptional capability to tell a story for online readers.
आरव हमेशा से चुपचाप रहने वाला लड़का था। उसकी दुनिया में न दोस्त थे, न महफ़िलें,...
पुस्तक: सफलता के रहस्य भाग 1: सफलता की नींव---भूमिका: सफलता क्या है?हर इंसान जीव...
एपिसोड 1: छोटे कंधों पर बड़े बोझवो उस वक्त सिर्फ 12 साल की थी।एक छोटी सी लड़की,...
अध्याय 1:पहली मुलाक़ात सुबह की ठंडी हवा, कॉलेज कैंपस की हलचल और पेड़ों पर बैठे प...
जगमोहन शर्मा ( अविस्मरणीय)कोई व्यक्ति विशेष किसी व्यक्ति विशेष के लिए अच्छा भी ह...
Ep1 – अनकही शुरुआतशहर के शोर-गुल से दूर, समंदर किनारे बसे छोटे से टाउन में कियार...
Episode 2: पहली हत्या और पहला clueसुबह का सूरज धुंध को धीरे-धीरे चीर रहा था। रात...
1ज़िंदगी सफ़र...अहमदाबाद के थलतेज इलाके में स्थित एक शानदार कॉफी शॉप। 28 मार्च,...
मेरे विचार से दुःख क्या है? दुख एक ऐसा अनुभव है जिससे कोई नहीं बचता, लेकिन हर को...
कभी-कभी ज़िंदगी में कोई ऐसा मोड़ आता है जहाँ सबकुछ पहले जैसा रहते हुए भी अचानक अ...
संस्कृति अब वर्क फ्रॉम होम में नहीं… बल्कि नियमों के बीच काम करने लगी थी। अकेलापन अब सिर्फ़ घर तक सीमित नहीं था। वो उसके साथ ऑफिस तक चला जाता।सुबह-सुबह सास की आवाज़ उसके कानों में...
एक ही शहर, दो दुश्मन और वो पुरानी चोटदरभंगा की तपती दुपहरी में राजवीर राठौर और भानु प्रताप ठाकुर की दोस्ती की मिसाल दी जाती थी। दोनों का रसूख ऐसा कि परिंदा भी पर न मारे। राजवीर सरक...
भाग – 8बस की खिड़की से बाहर भागती सड़कसृष्टि की आँखों के अंदर भी भाग रही थी।नया शहर।नई जगह।और एक ऐसा खालीपनजो हर मोड़ परउसे अंकित की याद दिला रहा था।मौसी का घर छोटा थ...
स्कूल का माहौल हमेशा की तरह हल्का-फुल्का और हँसी-मज़ाक से भरा हुआ था। लेकिन बिकाश और माया के लिए यह साल कुछ खास बन रहा था। उनकी दोस्ती अब सिर्फ़ दोस्ती नहीं रही – छोटे-छोटे पल, हँस...
चतुर कहता है--->" वो तो मेला में है क्योंकि हम दोनो ने उधर एक फास्टफूड का दुकान लगाया है। वो वही पर है। आलोक कहता है --->" तुझे पता नहीं के मेला में क्या चल रहा है। चतुर कहता है---...
अग्निवंश शांत बैठा था. उसके सामने धूनी जल रही थी, पर आग की लपटें नहीं काँप रही थीं — मानो स्वयं अग्नि भी सुनने को तैयार हो.मैं. अश्वत्थामा. सहस्राब्दियों बाद पहली बार किसी को अपनी...
“मैं ये शादी नहीं कर सकती, माँ… प्लीज़ समझने की कोशिश करो!”आराध्या की आवाज़ काँप रही थी। आँखों में आँसू थे, लेकिन उनमें डर से ज़्यादा बेबसी झलक रही थी। सामने खड़ी उसकी माँ, शकुंतला...
तभी कक्ष में स्वामी मुक्तानंद की आवाज गूंजी।जैसे स्वामी मुक्तानंद ने रोहित के मन की बात सुन ली हो और उन्होंने कहा,"अब कुछ ही दिनों में हम उन प्रश्नों के उत्तर ढूंढने का प्रयत्...
एक गलतीलेखक: विजय शर्मा एरीकहते हैं, इंसान की ज़िंदगी में सबसे महँगी चीज़ उसकी एक छोटी-सी गलती होती है। वही गलती, जो पल भर में होती है, लेकिन उसके साए में पूरी उम्र कट जाती है।रमेश...
अध्याय 9 आखरी आदेश हवेली का वह भव्य दरबार अब किसी श्मशान की शांति ओढ़े हुए था। सन्नाटा इतना गहरा था कि अविन को अपनी ही धड़कनें किसी नगाड़े की तरह सुनाई दे रही थीं। उसकी उंगलियाँ उस...
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