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    सखी होली आ रही है
    by Sneh Goswami

    सखी होली आने वाली हैबसंत पंचमी आ चुकी है . बसंत यानि उमंग .बसंत यानि तरंग . एक विभोर, एक हिलौर ,एक हलक, एक हुलस का पर्व . मन  ...

    ततइया - 1
    by Nasira Sharma

    ततइया (1) शन्नो बारिन कमर के नीचे चाँदी की चौड़ी करधनी कसे अलता लगे पैरों में पड़ी पायल की मधुर लय के संग जब बाल्टी उठाए गुजरिया बनी म्यूनिस्पैलिटी ...

    टारनेडो - kahani ek mamuli kutte se lekar super hero banane tak kee
    by Mohd Siknandar

      लंदन शहर के बस स्टॉप पर खड़े लोगो के बीच एक सुनहरे रंग का छोटा सा कुत्ते का बच्चा बार-बार सड़क पार करने की कोशिश कर रहा था ...

    चाबी
    by PANKAJ SUBEER

    चाबी (कहानी : पंकज सुबीर) ‘सीमा जी नहीं हैं क्या ?’ रश्मि ने जैसे ही दरवाज़ा खोला तो सामने हाथ में ब्रीफकेस थामे लगभग चालीस पैंतालीस साल का एक ...

    मकसद
    by Raj Gopal S Verma

      “क्या बताऊं, कैसे समझाऊं तुमको. कुछ सुनती ही नहीं तो समझोगी कैसे अनन्या”, भुनभुनाता हुआ प्रसनजीत अपना मोबाइल उसके हाथ से लेकर बाहर निकल आया. गुस्से में प्रसनजीत ...

    कशिश - 5
    by Seema Saxena Verified icon

    कशिश सीमा असीम (5) आज पापा ने ऑफिस से घर आकर उसकी शादी कि बात छेंड दी, सुनो मेरे ऑफिस में ही एक लड़का है आज ही ट्रांसफर होकर ...

    विवेक और 41 मिनिट - 8
    by S Bhagyam Sharma

    विवेक और 41 मिनिट.......... तमिल लेखक राजेश कुमार हिन्दी अनुवादक एस. भाग्यम शर्मा संपादक रितु वर्मा अध्याय 8 केल्मपाकम के अंदर एक कि.मी. दूर पेडों के बीच में जगज्योति ...

    योगिनी - 6
    by Mahesh Dewedy

    योगिनी 6 चीड़ के वृक्षों से आच्छादित उूंची पहाडी़ के ढलान पर बसे मानिला गांव में मानिला (मां अनिला) के दोनों मंदिर - मानिला मल्ला और मानिला तल्ला- न ...

    कौन दिलों की जाने! - 20
    by Lajpat Rai Garg Verified icon

    कौन दिलों की जाने! बीस चार जुलाई को सायं छः बजे के लगभग आलोक ने रानी को कॉल की और पूछा — ‘हैलो मॉय डियर, कल का प्रोग्राम उसी ...

    पांच अफ़साने
    by Anil Makariya

    अलग-अलग कथ्य, बिम्ब व प्रतीक गढ़ती बेहतरीन पांच लघुकथाएं l

    देस बिराना - 22
    by Suraj Prakash Verified icon

    देस बिराना किस्त बाइस लगभग छः महीने हो गये हैं सिरदर्द को झेलते हुए। इस बीच ज्यादातर अरसा आराम ही करता रहा या तरह तरह के टैस्ट ही कराता ...

    दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें - 26
    by Pranava Bharti

    दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें (लघु कथा-संग्रह ) 26-लिखती क्यों हूँ ? ऋचा के भाई -भाभी के बीच बहुत सी समस्याएँ चल रही थीं | पिता के जाते ही उसकी माँ का ...

    शौर्य गाथाएँ - 17 - अंतिम भाग
    by Shashi Padha
    • 10

    शौर्य गाथाएँ शशि पाधा (17) एक नदी-एक पुल सैनिक अधिकारी की पत्नी होने के नाते मैंने अपने जीवन के लगभग ३५ वर्ष वीरता, साहस एवं सौहार्द से परिपूर्ण वातावरण ...

    निर्णय
    by bharat Thakur
    • 49

    "जिंदगी से अक्सर मैं रूठा रूठा सा था, फिर तुम मिली, जैसे जिंदगी के साज एक साथ मिल गए।" अनीश ने रुखसाना कि ओर प्यार भरी नजरों से कहा। ...

    निश्छल आत्मा की प्रेम-पिपासा... - 13
    by Anandvardhan Ojha
    • 70

    काश, समुद्र का जल पीने लायक़ होता...ईश्वर सामान्य-जन से भिन्न होते हैं। भिन्न होते हैं, तभी तो ईश्वर होते हैं। मेरे मित्र ईश्वर भी उस कच्ची उम्र से ही ...

    स्टॉकर - 28
    by Ashish Kumar Trivedi Verified icon
    • 182

                           स्टॉकर                         (28)सब इंस्पेक्टर गीता को अंकित की ...

    चिंटु - 30
    by V Dhruva Verified icon
    • 123

    इवान मोहन से रास्ते में पूछता है- मुझे क्यों बुलाया तुम्हारे सरदार ने? मोहन कोई जवाब नहीं देता। वह उसे सरदार के पास छोड़कर चिंटु और सुमति पर नज़र ...

    आघात - 1
    by Dr kavita Tyagi Verified icon
    • 113

    आघात डॉ. कविता त्यागी यह उपन्यास आघात उपन्यास पुरुष प्रधन मध्यवर्गीय समाज में स्त्री की स्थिति का यथार्थ चित्रा प्रस्तुत करने का एक प्रयास है, जहाँ प्रत्येक स्तर पर ...

    बहीखाता - 5
    by Subhash Neerav Verified icon
    • 71

    बहीखाता आत्मकथा : देविन्दर कौर अनुवाद : सुभाष नीरव 5 मिडल स्कूल यह सन् 1960 की बात है जब मैं प्राइमरी की पढ़ाई पूरी करके मिडल स्कूल में पहुँच ...

    ज़बाने यार मन तुर्की - 1
    by Prabodh Kumar Govil
    • 237

    - आप बाहर बैठिए, बच्ची को क्लास में भेज दीजिए। चिंता मत कीजिए, इतनी छोटी भी नहीं है। हैड मिस्ट्रेस ने कहा। बच्ची ने हाथ हिला कर मां को ...

    डिटेक्टिव विक्रम - बिगिनिंग
    by VIKAS BHANTI Verified icon
    • 131

    "हेलो, क्या म्हारि बात विक्रम गोस्वामी से हो री से? फ़ोन के उस पार बैठे शख्स ने हरयाणवी टोन में बोला । " जी, बोल रहा हूँ, कहिये ।" ...

    हैवनली हैल - 2
    by Neelam Kulshreshtha Verified icon
    • 120

    हैवनली हैल नीलम कुलश्रेष्ठ (2) उसे लगा था कि यदि वह रुककर विश्वास दिलाना भी चाहे कि उसे ज़िंदगी ने कभी इतनी मोहलत नहीं दी कि वह किसी पुरुष ...

    दो बाल्टी पानी - 5
    by Sarvesh Saxena Verified icon
    • 70

    कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा की गुप्ताइन गुप्ता जी को सुबह सुबह पानी खत्म करने के कारण खूब सुना देती हैं और पिंकी बाहर पानी लेने चली ...

    बस की एक यात्रा
    by Jeet Saa
    • 64

    बस की एक यात्रा(संस्मरण व व्यंग्य) कुछ दिन पूर्व एक शादी में पास ही के गांव जाना हुआ। वापसी के दौरान बस स्टॉप पर बस का इंतजार कर रहा ...

    अक्लमंदी
    by Ajay Kumar Awasthi
    • 73

         इन दिनों राधा को देसी उपचार के प्रचार प्रसार का भूत सवार है । वो बात बात पर देसी तरीके से होने वाले ईलाज की खूब तरफदारी ...

    नारीयोत्तम नैना - 13
    by Jitendra Shivhare Verified icon
    • 67

    नारीयोत्तम नैना भाग-13 पड़ती। जिससे की डकाच्या की वासना को संतृप्त किया जा सके। ऐसा न करने पर मद के नशे में चूर होकर पागल हाथी के समान व्यवहार ...

    हूक - 1
    by Divya Shukla
    • 90

    हूक (1) आज मेरी सुबह कुछ जल्दी हो गई कुछ देर बाहर लान में टहलती रही फिर चाय की तलब लग आई अख़बार अभी आया नहीं था, सोचा चाय ...

    फिर सुनना मुझे
    by Dr Narendra Shukl
    • 75

    अमन बिक रहे हैं अमन बिक रहे हैं , चमन बिक रहे हैं । लाशों से लेकर कपन बिक रहे हैं ।। म्ंत्रियों को देखा है खुले आम बिकते ...

    एक जिंदगी - दो चाहतें - 41
    by Dr Vinita Rahurikar Verified icon
    • 164

    एक जिंदगी - दो चाहतें विनीता राहुरीकर अध्याय-41 शाम को भरत भाई तनु से मिलने आये। पिता को देखकर तनु शरमा गयी। भरत भाई ने तनु को सीने से ...

    माघ की काली रात - 7 - अंतिम भाग
    by Bhupendra Dongriyal
    • 132

                                (7) चैतराम की बात सुनकर वहाँ उपस्थित सभी मजदूरों एवं दानसिंह के मन में चैतराम ...