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    बड़ी दीदी - 3
    by Sarat Chandra Chattopadhyay Verified icon
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    लगभग चार वर्ष हुए, ब्रजराज बाबु की पत्नी का स्वर्गवास हो गया था। बुंढ़ापे के पत्नी वियोग का दुःख बूढ़े ही समझ सकते है, लेकिन इस बात को जाने ...

    सुख – दुःख
    by Upasna Siag
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    हर्तिषा धीरे -धीरे चलती हुई अपने सुख -दुःख करने की जगह आ बैठी। उसका मानना है कि घर में एक जगह ऐसी भी होनी चाहिए जहाँ इंसान अपना सुख ...

    गंगा
    by Raje.
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               गंगा। जब कभी यह शब्द, हमारी या किसी की भी जुबान पर आता है। हमारे मनोमस्तिस्क मे एक ही भाव उत्पन्न होता है।गंगा यानी- पवीत्र, ...

    संताप
    by Pritpal Kaur Verified icon
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    “आज उम्र के जिस पड़ाव पर बैठा हूँ, यहाँ आराम से बैठकर पीछे देखना सुविधाजनक लगने लगा है. पिछले कई साल से अनुभव करने लगा हूँ, देह की, मन ...

    फिर भी शेष - 19
    by Raj Kamal Verified icon
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    अकेलेपन की उदासी रितु को हमेशा नहीं घेरती। प्रसिद्धि और पैसे का नशा उस पर हावी रहने लगा है। जब कभी उसकी खुमारी टूटती है, तब जीवन बियाबान लगने ...

    ऐ हवा सुन जरा..
    by pradeep Tripathi
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    1. ऐ हवा सुन जरा....ऐ हवा सुन जरा आ इधर से चलें।रास्ते में खड़ा एक शक्स है जरा आ इधर से चलें।।ऐ हवा सुन जरा....हांथ में है लिये वो ...

    आखर चौरासी - 22
    by Kamal
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    हरनाम सिंह के घर से निकल कर, नेताजी अपने दल-बल सहित घर लौट कर फिर से अपना मजमा सजा कर बैठ गए। रेडियो पर उन दिनों सर्वाधिक विश्वसनीयता का ...

    बाल रूप
    by Sohail Saifi
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    बाल रूप बड़ा ही चंचल और अस्थिर होता हैं भावनाओं की इस पड़ाव पर कोई एक दिशा नहीं होती क्षण भर मे माँ से रूठ जाता हैं और अगले ...

    आसपास से गुजरते हुए - 21
    by Jayanti Ranganathan Verified icon
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    उफ, यह क्या हो गया है मेरे साथ। शेखर ने कहा था, मर्दों पर विश्वास करना सीखो। मैं कब कर पाऊंगी उन पर विश्वास। क्या होता जा रहा है ...

    अब लौट चले - 9
    by Deepak Bundela Moulik
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    अब लौट चले -9किसी ज़माने में इस घर में मेरी मर्ज़ी चला करती थी और मनु चुपचाप मेरी ज़िद के आगे झुक जाया करता था. ठीक उसी तरह आज ...

    भाभी
    by Roopanjali singh parmar
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    आप मेरी शादी कराना चाहती हैं ना, ठीक है तो सुनो.. मैं भाभी से शादी करना चाहता हूँ.. चटाक.. (थप्पड़ की आवाज़ से कमरा गूंज गया) क्या बक रहा ...

    खूनी डायन - 1
    by Mr.Rasik1425
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    शोभा और समर के फ़्रेंड्स ने समर वेकेशन्स पर शोभा के मामा के गाँव चन्दनपुर जाने का प्लान बनाया। चंदन पुर के घने जंगल, ऊंचे ऊंचे पर्वत और कल-कल की ...

    एक जिंदगी - दो चाहतें - 1
    by Dr Vinita Rahurikar
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    बचपन से ही भारतीय सेना के जवानों के लिए मेरे मन में बहुत आदर था। मेरे परिवार में कोई भी सेना में नहीं है। मैंने सिर्फ सिनेमा में सैनिकों ...

    बड़ी दीदी - 2
    by Sarat Chandra Chattopadhyay Verified icon
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    कलकत्ता की भीड़ और कोलाहल भरी सड़कों पर पहुंचकर सुरेन्द्र नाथ धबरा गया। वहां न तो कोई डांटने-फटकारने वाला था और न कोई रात-दिन शासन करने वाला। मुंह सुख ...

    डॉमनिक की वापसी - 22
    by Vivek Mishra Verified icon
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    विश्वमोहन दीपांश को उसकी गुस्ताखी पर डांटना चाहते थे. पर उससे मिलने के लिए भीड़ उमड़ी पड़ रही थी. दर्शकों ने उसे घेर लिया था. वे उससे मिलने के लिए ...

    कौन है ये लोग ?
    by Akshay Mulchandani
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    भारत को जीतने के लिए इस ओवर में चाहिए केवल ७ रन ..!और ये पहली गेंद, और इस गेंद पर महेंद्र सिंह धोनी का लाजवाब छक्का और बस एक ...

    गुमशुदा की तलाश - 28
    by Ashish Kumar Trivedi Verified icon
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                    गुमशुदा की तलाश                          (28)रंजन का पेट तो नहीं भरा पर ...

    सैलाब - 19
    by Lata Tejeswar renuka Verified icon
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    उस दिन शाम को सेजल बिंदु से मिलने गई। जब वह बिंदु के घर पहुँची तब विनिता सूखे कपड़े धूप से निकाल रही थी। हाय आंटी। कैसी हैं आप? ...

    पल जो यूँ गुज़रे - 23
    by Lajpat Rai Garg Verified icon
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    यूपीएससी द्वारा अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवाओं के लिये चयनित उम्मीदवारों को पुलिस वेरीफिकेशन के पश्चात्‌ डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनॅल एण्ड एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्मस द्वारा नियुक्ति के ऑफर लेटर जारी किये जाते ...

    तेरे नाम ज़िन्दगी की थी
    by Archana Yaduvanshi
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    मैंने की थी मोहब्बत तूने दिल्लगी की थी तूने खेल खेला था मेरे साथ औ मैंने तेरे नाम ज़िन्दगी की थी।। लोग प्यार करते है औ एक दूजे के ...

    सिर्फ जिस्म नहीं मैं - 2
    by Divya Sharma
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    फोन को डिसकनेक्ट कर वह आरती के बगल में बैठ जाता है।माथे पर पसीने की बूंद उभर आती है।टेंशन में आरती के हाथ पर दबाव डालने लगता है।दर्द से ...

    काला जादू - सच्ची घटना
    by Atal Painuly
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    यह घटना वास्तविक है जो 2014 की  है, जब मेरे विद्यालय के एक अध्यापक हो  निरीकक्षण  कार्य के लिए जौनसार बाबर में जाना पड़ा । जैसा कि अधिकतर विद्यालयों ...

    नानी तुमने कभी प्यार किया था? भाग-३
    by महेश रौतेला
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    नानी तुमने कभी प्यार किया था?भाग-३मैं हमेशा उसको सुनना चाहती थी। मेरा सम्बोधन धीरे-धीरे आदरसूचक होने लगा था ।मुझे बहुत से क्षण याद हैं जब उसको देखते ही मेरे कदम ...

    सास भी कभी बहू थी
    by Dr. Vandana Gupta
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           आज सरू जितनी खुश है उतनी ही उदास भी... जितनी उत्साहित है उतनी ही हताश भी... जितनी अतीत में गोते लगा रही है उतनी ही भविष्य ...

    ऐसी वाणी बोलिए…
    by Saroj Prajapati
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    राजेंद्र जी एक साधारण किसान परिवार से थे। बहुत कम उम्र में उनके पिता का निधन हो गया तो बड़ा बेटा होने के कारण सारी जिम्मेदारी उनके कंधों पर ...

    लाइफ़ @ ट्विस्ट एन्ड टर्न. कॉम - 20 - Last Part
    by Neelam Kulshreshtha
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    मीशा आज अब तक कमरे से क्यों नहीं निकल रही है ? दामिनी ने जाकर उसके कमरे को नॉक किया मीशा फ़ोन पर बात कर रही ...

    अनजाने लक्ष्य की यात्रा पे - 8
    by Mirza Hafiz Baig
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    पिछले भाग से-"लगता है, वे हमारी बलि चढ़ाने ले जारहे हैं।" गेरिक ने कहा।"तुम सही कह रहे हो मित्र," मैंने कहा, "लगता है, हमारे विदाई की बेला आ चुकी ...

    डोर – रिश्तों का बंधन - 10
    by Ankita Bhargava Verified icon
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    अगले दिन नयना और चिंटू सुबह सुबह ही पूर्वी की मोसी के घर जनकपुरी पहुंच गए। बस चाय के साथ बिस्कुट ही लिए थे दोनों ने, शनिवार को लीलाधर ...

    मुक्ति.
    by Pritpal Kaur Verified icon
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    “तुम जिंदा क्यों हो? मर क्यों नहीं जाते? मर जाओ...” उसकी तरफ से यह सलाह अनायास नहीं आयी थी. कई दिनों से देख रहा था, वह मुझसे ऊब चली थी. ...