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Reading stories is a greatest experience, that introduces you to the world of new thoughts and imagination. It introduces you to the characters that can inspire you in your life. The stories on Matrubharti are published by independent authors having beautiful and creative thoughts with an exceptional capability to tell a story for online readers.


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  • ਮੈ.....

    ਭਾਗ - 1: ਇੱਕ ਨਵੀਂ ਸ਼ੁਰੂਆਤ​ਦੁਨੀਆ ਵਿੱਚ ਲੱਖਾਂ ਲੋਕ ਆਉਂਦੇ ਨੇ ਤੇ ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਨੇ। ਸਭ ਦੀ ਇ...

  • पत्रसुमने..तुझ्या सवयी भाग १

    प्रिय सोनातुझ्या सवयी बद्दल बोलायचे तर तुला सगळ्या चांगल्या आणि आदर्श सवयी होत्य...

  • कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1

    क्या आपके अपने माता-पिता को कुछ अपशब्द कहने के बाद पछतावा हुआ ?हम अक्सर कई बार अ...

  • પહેલો પ્રેમ એહસાસ - 1

                    ભાગ - ૧. પહેલી નજરે જોઈને મુખ્ય પાત્રો:-આનિયા - ૧૭ વર્ષની, મજાકિ...

  • हवस - भाग 1

    बेजान इंसान जिसमे जान तो है, पर असल मे बेजान ही है..बस दर्द अब होता नहीं.इंतज़ार...

  • નસીબના ખેલ: એક સાચી કહાની - ભાગ 1

    એ ખુશહાલ દિવસો અને અણધાર્યો વળાંક"એક એવો સમય હતો, જ્યારે મારી જિંદગી ખૂબ જ સુંદર...

  • अजनबी - 1

    रात के ठीक 12 बजे…सड़क सुनसान थी… हवा में अजीब सी ठंडक घुली हुई थी… रिद्धि सिंह...

  • પેડ્ડી

    પેડ્ડી-રાકેશ ઠક્કર         દક્ષિણ ભારતની ફિલ્મોનો એક જમાનો હતો જ્યારે તેમના કન્ટ...

  • कुदरत का आईना

    कुदरत का अकाट्य नियम: हम जो देते हैं, वही लौटकर आता हैयह धरती किसी एक प्रजाति की...

  • The Temple That Was a Home

    Chanda knew struggle before she knew comfort. At her parents’ home in Ahmedabad,...

લવ @ ગિરનાર By Rupen Patel

જૂનાગઢના ગિરનાર પર્વત પર સવારનો કુણો તડકો અને હવામાં એક અનોખી ઠંડક હતી. લીલી પરિક્રમાના આ માહોલમાં ગિરનારનો પહાડ જાણે કોઈ રહસ્ય છુપાવીને બેઠો હોય તેમ ભવ્ય લાગતો હતો. જ્યારે આખી કોલ...

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Muhabbat Ek Sabaq - 8 By Afariya Faruqui

अदील की मंगनी की तैयारियां ज़ोरो शोरो पर थीं कौसर बेगम कभी देवरानी तो कभी नन्द के साथ शॉपिंग में बिज़ी थीं। उनका एक पैर घर में होता तो अगला बाज़ार में।घर का पहला फंकशन था इसलिये यं...

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इश्क और इस्तीफा - 10 By Deepti Gurjar

हाथ में थमी वह पुरानी, पीली पड़ चुकी चाबी काव्या को बेहद भारी महसूस हो रही थी। यह सिर्फ एक लोहे का टुकड़ा नहीं था, बल्कि विराज के उस अतीत का द्वार था जिसे उसने पिछले तीन सालों से द...

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माफिया कि दुल्हनिया - भाग 3 By Mamta Sahani

अपने कमरे में खिड़की के पास खड़ी थी।बाहर हल्की बारिश हो रही थी… लेकिन उसके अंदर जैसे तूफान चल रहा था।“रिश्ता…”उसके कानों में बस यही शब्द गूंज रहा था।पापा नीचे बैठकर बड़े उत्साह से...

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विलक्षण - 3 By Balkrishna Rane

विलक्षण ३सकाळी मी थोडा लवकर उठलो.पूजा आटोपून मीपुजारींना जिथे कागद सापडले होते तिथे गेलो.मी ठरवलं होतं की त्या शेजारच्या गुराखी काकांना घेऊन तिथे थोडं खोदकाम करावे पण माझ्या लक्षात...

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মন_তোকে_দিলাম - 3 By Lamisa Anjum Sk

শনিবার,,,,,,,,,,,,,, 22/04/2019,,,,,, অন্ধকার রুমে একটা ধাড়ে বসে আছে একটা লোক। হাতে ফোন, ফোনের আলোয় মুখটা খুব ভালো ভাবে দেখা যাচ্ছে নাহ। সেই থেকে কয় একটা ছবি দেখেই যাচ্ছে। নেভি-...

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Mafia's Obsessed Love - 14 By Priyanka Saini

उन होठों पर खेलती उस मुस्कुराहट को देख अनायास ही वेदांश को अपना गला सूखता हुआ महसूस हुआ मगर उसके चेहरे का रंग तो तब उड़ा जब कुछ जुल्फे उन होठों को छूती है... न...  जाने.... कैसी आग...

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ਮੈ..... By Mohammad Usman

ਭਾਗ - 1: ਇੱਕ ਨਵੀਂ ਸ਼ੁਰੂਆਤ​ਦੁਨੀਆ ਵਿੱਚ ਲੱਖਾਂ ਲੋਕ ਆਉਂਦੇ ਨੇ ਤੇ ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਨੇ। ਸਭ ਦੀ ਇੱਕੋ ਕਹਾਣੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ—ਜੰਮਣਾ, ਪੜ੍ਹਨਾ, ਕਮਾਉਣਾ ਤੇ ਭੀੜ ਦਾ ਹਿੱਸਾ ਬਣ ਕੇ ਰਹਿ ਜਾਣਾ। ਪਰ ਮੇਰੀ ਸੋਚ ਥੋੜ੍ਹੀ ਅਲੱਗ ਸੀ।...

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शैतानी घाटी का सफर - 5 By RAAHULL SHARMA

और ड्राइविंग सीट पर वही कालू ड्राइवर बैठा था, जिसका चेहरा अब आधा जला हुआ और खौफनाक था।राम: "सौरभ! देखो वो बस!"पर सौरभ जैसे पागल हो गया था। वो गाड़ी से बचने के बजाय, सीधा उस जलती हु...

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श्रापित एक प्रेम कहानी - 88 By CHIRANJIT TEWARY

ये पहली बार था जब एकांश का हाथ वर्शाली के किसी अंग को छु रहा था। दोनो ही एक दुसरे मे खोया हुआ था । तभी एकांश अपने आपको संभालते हूए धिरे से वर्शाली के हुक को लगा देता है। वर्शाली अब...

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લવ @ ગિરનાર By Rupen Patel

જૂનાગઢના ગિરનાર પર્વત પર સવારનો કુણો તડકો અને હવામાં એક અનોખી ઠંડક હતી. લીલી પરિક્રમાના આ માહોલમાં ગિરનારનો પહાડ જાણે કોઈ રહસ્ય છુપાવીને બેઠો હોય તેમ ભવ્ય લાગતો હતો. જ્યારે આખી કોલ...

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Muhabbat Ek Sabaq - 8 By Afariya Faruqui

अदील की मंगनी की तैयारियां ज़ोरो शोरो पर थीं कौसर बेगम कभी देवरानी तो कभी नन्द के साथ शॉपिंग में बिज़ी थीं। उनका एक पैर घर में होता तो अगला बाज़ार में।घर का पहला फंकशन था इसलिये यं...

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इश्क और इस्तीफा - 10 By Deepti Gurjar

हाथ में थमी वह पुरानी, पीली पड़ चुकी चाबी काव्या को बेहद भारी महसूस हो रही थी। यह सिर्फ एक लोहे का टुकड़ा नहीं था, बल्कि विराज के उस अतीत का द्वार था जिसे उसने पिछले तीन सालों से द...

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माफिया कि दुल्हनिया - भाग 3 By Mamta Sahani

अपने कमरे में खिड़की के पास खड़ी थी।बाहर हल्की बारिश हो रही थी… लेकिन उसके अंदर जैसे तूफान चल रहा था।“रिश्ता…”उसके कानों में बस यही शब्द गूंज रहा था।पापा नीचे बैठकर बड़े उत्साह से...

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विलक्षण - 3 By Balkrishna Rane

विलक्षण ३सकाळी मी थोडा लवकर उठलो.पूजा आटोपून मीपुजारींना जिथे कागद सापडले होते तिथे गेलो.मी ठरवलं होतं की त्या शेजारच्या गुराखी काकांना घेऊन तिथे थोडं खोदकाम करावे पण माझ्या लक्षात...

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মন_তোকে_দিলাম - 3 By Lamisa Anjum Sk

শনিবার,,,,,,,,,,,,,, 22/04/2019,,,,,, অন্ধকার রুমে একটা ধাড়ে বসে আছে একটা লোক। হাতে ফোন, ফোনের আলোয় মুখটা খুব ভালো ভাবে দেখা যাচ্ছে নাহ। সেই থেকে কয় একটা ছবি দেখেই যাচ্ছে। নেভি-...

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Mafia's Obsessed Love - 14 By Priyanka Saini

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ਮੈ..... By Mohammad Usman

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शैतानी घाटी का सफर - 5 By RAAHULL SHARMA

और ड्राइविंग सीट पर वही कालू ड्राइवर बैठा था, जिसका चेहरा अब आधा जला हुआ और खौफनाक था।राम: "सौरभ! देखो वो बस!"पर सौरभ जैसे पागल हो गया था। वो गाड़ी से बचने के बजाय, सीधा उस जलती हु...

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श्रापित एक प्रेम कहानी - 88 By CHIRANJIT TEWARY

ये पहली बार था जब एकांश का हाथ वर्शाली के किसी अंग को छु रहा था। दोनो ही एक दुसरे मे खोया हुआ था । तभी एकांश अपने आपको संभालते हूए धिरे से वर्शाली के हुक को लगा देता है। वर्शाली अब...

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