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Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Poems in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. They...Read More


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शैलेन्द्र बुधौलिया की कवितायेँ - 7 By शैलेंद्र् बुधौलिया

    दोहा   होरी के हुड़दंग में सब यैसे हुरयात ऊँच नीच छोटे बड़े आपस में मिलजात   एक दूजे को परस्पर जब हम रंग लगात मूठा देत गुलाल कौ भेदभाव मिट जात   भुला ईर...

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गुलदस्ता - 2 By Madhavi Marathe

                           8 तुफानों के लपेट में आकर बिखरते बिखराते दौडते जाए सपन सलोनी परी देश में बादल संग उडते जाए मिठी गुलाबी पंखुडियों जैसी आसमान की सैर रंगीन नजर आती है कही द...

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ગઝલ - એ - ઇશ્ક - 11 By Nency R. Solanki

(૧) દિવાસળીડગલી માંડી જ્યારે એ લાડકી એ,પગલી સમજી મારી એને લાકડીએ!કુતુહલ એને અવનવું જાણે કંઈક,સમાજને ક્યા મંજૂર આંખલડી એ!મરે કુખમાં અને મરે જીવતી જાગતી,દયાને તો જાણે છોડી પાલવડી એ !...

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عزیز By Dr Darshita Babubhai Shah

زندگی پیدائش اور موت کا کھیل ہے۔ سنو انسان خدا کی عبادت کرتا ہے۔   جاتے وقت ہتھیلیاں خالی ہوتی ہیں۔ ہو سکے تو زندگی میں سادگی رکھیں   بہت کچھ پیچھے رہ جاتا ہے ہر لمحہ تاز...

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मी आणि माझे अहसास - 70 By Dr Darshita Babubhai Shah

जीवन हा जन्म मृत्यूचा खेळ आहे ऐका मनुष्य देवाची पूजा करतो   निघताना तळवे रिकामे आहेत शक्य असल्यास जीवनात साधेपणा ठेवा   बरेच काही मागे राहते प्रत्येक क्षण ताजेपणाने भरा &...

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HAPPINESS - 74 By Dr Darshita Babubhai Shah

life is a game of birth and death listen man worship god   the palms are empty while leaving If possible keep simplicity in life   a lot gets left behind Fill every momen...

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હું અને મારા અહસાસ - 77 By Dr Darshita Babubhai Shah

જીવન એ જન્મ અને મૃત્યુનો ખેલ છે સાંભળો માણસ ભગવાનની પૂજા કરે છે   બહાર નીકળતી વખતે હથેળીઓ ખાલી છે બની શકે તો જીવનમાં સાદગી રાખો   ઘણું પાછળ રહી જાય છે દરેક ક્ષણને તાજગીથી...

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में और मेरे अहसास - 84 By Dr Darshita Babubhai Shah

जन्म मरण का खेल है जिंदगीसुन बन्दे ख़ुदा की करले बंदगी हथेलियाँ खाली होती है जाते वक्तजीवन में हो सके तो रख सादगी बहुत कुछ पीछे छूट रह जाता हैहर पल हर लम्हे में भरले ताजगी सुबह शाम...

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हम तो सोच रहे थे भैया अब अच्छे दिन आएंगे By शैलेंद्र् बुधौलिया

हमको यह मालूम नहीं था एक  दिन हम पछताएंगे ! हम तो सोच रहे थे भैया अब अच्छे दिन आएंगे !!   मुझको यह मालूम नहीं था, ऐसे भी दिन आएंगे ! सच्चाई पर चलते चलते, एक दिन हम पछताएंगे !!   वह...

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गज़ल By Pandit Pradeep Kumar Tripathi

हमारी ग़जल है हमारी ग़जल है तो हमें सुनाईएगाउनसे तो कह दो की बस आईएगा हमारा है जिक्र और हमारा रहेगाआप का जो आए तो मुकर जाईएगा हमारी ग़जल है तो हमें सुनाईएगाउनसे तो कह दो की बस आईएग...

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घूंघट काये उघारें, ठाड़ीं भुन्सारे सें द्वारें By शैलेंद्र् बुधौलिया

बुन्देली कविता    घूंघट काये  उघारें ! ठाड़ीं भुन्सारे सें द्वारें!  रूखे बार कजर बिन अखियां भीतर सें मन मारें!  ठाड़ीं भुन्सारे सें द्वारें!  कैसीं हो अनमनी तुम्हाई सूरत पै हैरानी ,...

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शब्द नहीं एहसास है - 2 By Shruti Sharma

----- आज भी इन्तेज़ार है -----जो सबको मिल जाता है अक्सर बचपन में उस दोस्त का मुझे आज भी इन्तेज़ार है। स्कूल में जो तुम्हारे साथ बैठेसाथ आए और साथ घर जाएजो जी भर तुमसे बातें करें और...

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शैलेन्द्र बुधौलिया के दोहे By शैलेंद्र् बुधौलिया

भारत से लाहौर भई बस सेवा प्रारंभ ! ख़ुद खों ऊंचों जान के भओ  नवाज़ को दंभ !! 18 उत लाहौरी लाल सें  मिलो अटल को हाथ ! इतें कारगिल में करी घुसपैठिन ने घात !!    19 पुंज बटालिक कारगिल ह...

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साहब बदले हैं दलाल नहीं बदला है ! By शैलेंद्र् बुधौलिया

साहब बदले हैं दलाल नहीं बदला है !   किस साल बदला है मेरा हाल नहीं बदला है , सीता सागर या तरणताल नहीं बदला है ! दिल्ली- पंजाब में जाकर के कोई देखे , सिर्फ बदली है दुकान माल नहीं बदल...

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धीरू भाई अम्बानी By शैलेंद्र् बुधौलिया

                                               धीरू भाई अम्बानी को समर्पित धरती पे  धन के धुरंधर थे  धीरुभाई  धन धाम धरम  धरा पे  छोड़ के  गए!  धीरे-धीरे धीरज से धन जो कमाया था वो...

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हरिवंश राय बच्चन द्वारा अमिताभ बच्चन By शैलेंद्र् बुधौलिया

                                            हरिवंश राय बच्चन जी को समर्पित सुत को 'सरस्वती' ने स्वयं सिखाये शब्द शब्द-शब्द में स्वरूप सत्य का समा गये! पुण्य से 'प्रताप' के प्रवर्तक...

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بارش By Dr Darshita Babubhai Shah

آنکھوں کی بارش میں بھیگنا چاہتا ہوں یادوں کی بارش میں بھیگنا چاہتا ہوں   راہ زندگی کی کہانی دل میں دفن ہے۔ وعدوں کی بارش میں بھیگنا چاہتے ہیں۔   عشق آرزو ہے چاندنی نیتی۔...

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Phoenix Rising By atul nalavade

People, I have been sad, it's true, But I'll break these chains, I'll start anew, Rising from the ashes, I'll find my way, I'll turn my pain into strength, come what may.   In the...

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दतिया गौरव गान By शैलेंद्र् बुधौलिया

दतिया गौरव गान   (1)   सुनो सुनों दतिया का गौरव गान सुनो, इसमें बसता सच्चा हिन्दुस्तान सुनो यहां सिंघ की निर्मल धारा नित कल कल करती है ये सनक, सनंदन, सनत् सनातन की पावन धरती है सर्...

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एकांत By शैलेंद्र् बुधौलिया

।।।  एकांत ।।।     (1)                      ..................   सब ने देखा फूल सा खिलता सदा जिसका बदन । कोई क्या जाने कि वह कैसे जिया एकांत में ।।   जिन लवों की बात सुन सब खिलखिला...

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شکریہ By Dr Darshita Babubhai Shah

حمایت کے لیے آپ کا شکریہ میرے ساتھ وقت گزارنے کے لیے آپ کا بہت بہت شکریہ   کئی بار اظہار کرتے ہوئے صدیاں گزر جاتی ہیں۔ تعریف کرنے کے لئے وقت پر محبت کا اظہار کرنا   ہم رو...

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પહેલો વરસાદ ને એનો સાથ By Shreya Parmar

આભ માં ગરજતા વાદળ ને સાથે તે જ હોયપ્રીત થકી વાતો માં મજા અલગ જ હોય.સાથે બેસ્યા છત નીચે ને અમે જોયો વરસાદચા ની ચૂસકી માંડતા ને હાથો માં હાથ હોય.ના કોઈ ભવિષ્ય ની ચિતાં હતી કે ના કોઈ...

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प्यार की कविताएँ: रातों की कहानी By बैरागी दिलीप दास

भाग 1 चाँदनी रातों में छाया एक सपना,प्यार की कहानी जगमगाती है यहाँ।एक बेहद खूबसूरत तस्वीर बनाती है,प्यार की कविताएँ यहाँ बहाती हैं।हर रात जब रातों की गहराई छाती है,दिल की धड़कनों क...

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તને જોયા પછી By Abhishek Joshi

આંખો માં એક  સવાલ  હતો  , તને  જોયા  પછી ...(૧) દિલ  માં  એક  બવાલ હતો , તને  જોયા  પછી ...(૨) વર્ષો  ની  શોધ  નો  વિરામ  હતો , તને  જોયા  પછી  ...(૩) મન  માં  એક  ઉજાસ  હતો  , તને...

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हर सांस पे मेरी By बैरागी दिलीप दास

(१)माँ तू ने सबकुछ दिया हमें,तेरे बिना जग सुना सा था।आंसू तेरे ही थे मेरे,हर सांस में बस तू ही समाई।तेरी जागीर बस मेरी जिंदगी ,मेरे आगे तेरे लिए संसार कुछ भी नहींतू जीवन का आधार थी...

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تنہائی By Dr Darshita Babubhai Shah

حیرت ہے کہ دوسری زندگی کون سی لے رہی ہے۔ کیا آپ سکون سے سانس لینے کے قابل بھی ہیں؟   چھوڑنے والے کبھی پیچھے نہیں ہٹتے اداسی راتوں اور دنوں کی نیندیں کھا جاتی ہے۔   اکیلا...

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दो पल की राहत में By बैरागी दिलीप दास

(1)दो पल की राहत में ना भूलाओ जिंदगी की चाहत को,दिल की धड़कनों से सुनो प्यार की आहट को।ज़िंदगी के रंग बदले, फूल खिलें या मुरझायें,प्यार का आगाज़ हर पल नया सवेरा ले आयें।मुस्कानों की...

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तेरे लबों की मुस्कान: इश्क़ के राज़ By बैरागी दिलीप दास

भाग 1तेरे लबों की मुस्कान: इश्क़ के राज़इश्क़ भरी ये दुनिया है, रंग लाती हर छांव,तेरे लबों की मुस्कान से जगमगाती हैं सारी रात।उन क़दमों की आहट से उठती हैं धूप की बौछार,तेरे लबों की...

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बेटियाँ.. By Pari Boricha

घर की लक्ष्मी होती हैं बेटियाँ घर-आँगन की रंगोली होती है बेटियाँ परिवार के चेहरे की मुस्कान होती हैं बेटियाँ बेटियों से ही घर की रोनक होती है क्योकि,घर का उजाला होती है बेटियाँ ......

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Malkia By Almrad Guccy

Malkia , who was 16, had lost her father to AIDS three years previously.Her mother had died a year later,leaving  Malkia and five  siblings behind . During the period of mourning a...

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वक्त गुजर रहा है बचपन बदल रहा हैं। By Mohit Rajak

वक्त गुजर रहा है बचपन बदल रहा हैं।वक्त गुजर रहा है बचपन बदल रहा हैटेक्नोलॉजी के जमाने में बचपन गायब हो रहा हैबचपन में सुनते थे दादी नानी से कहानी्तोतलाती जबान से बातें करते थे सयान...

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शैलेन्द्र बुधौलिया की कवितायेँ - 7 By शैलेंद्र् बुधौलिया

    दोहा   होरी के हुड़दंग में सब यैसे हुरयात ऊँच नीच छोटे बड़े आपस में मिलजात   एक दूजे को परस्पर जब हम रंग लगात मूठा देत गुलाल कौ भेदभाव मिट जात   भुला ईर...

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गुलदस्ता - 2 By Madhavi Marathe

                           8 तुफानों के लपेट में आकर बिखरते बिखराते दौडते जाए सपन सलोनी परी देश में बादल संग उडते जाए मिठी गुलाबी पंखुडियों जैसी आसमान की सैर रंगीन नजर आती है कही द...

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ગઝલ - એ - ઇશ્ક - 11 By Nency R. Solanki

(૧) દિવાસળીડગલી માંડી જ્યારે એ લાડકી એ,પગલી સમજી મારી એને લાકડીએ!કુતુહલ એને અવનવું જાણે કંઈક,સમાજને ક્યા મંજૂર આંખલડી એ!મરે કુખમાં અને મરે જીવતી જાગતી,દયાને તો જાણે છોડી પાલવડી એ !...

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عزیز By Dr Darshita Babubhai Shah

زندگی پیدائش اور موت کا کھیل ہے۔ سنو انسان خدا کی عبادت کرتا ہے۔   جاتے وقت ہتھیلیاں خالی ہوتی ہیں۔ ہو سکے تو زندگی میں سادگی رکھیں   بہت کچھ پیچھے رہ جاتا ہے ہر لمحہ تاز...

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मी आणि माझे अहसास - 70 By Dr Darshita Babubhai Shah

जीवन हा जन्म मृत्यूचा खेळ आहे ऐका मनुष्य देवाची पूजा करतो   निघताना तळवे रिकामे आहेत शक्य असल्यास जीवनात साधेपणा ठेवा   बरेच काही मागे राहते प्रत्येक क्षण ताजेपणाने भरा &...

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HAPPINESS - 74 By Dr Darshita Babubhai Shah

life is a game of birth and death listen man worship god   the palms are empty while leaving If possible keep simplicity in life   a lot gets left behind Fill every momen...

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હું અને મારા અહસાસ - 77 By Dr Darshita Babubhai Shah

જીવન એ જન્મ અને મૃત્યુનો ખેલ છે સાંભળો માણસ ભગવાનની પૂજા કરે છે   બહાર નીકળતી વખતે હથેળીઓ ખાલી છે બની શકે તો જીવનમાં સાદગી રાખો   ઘણું પાછળ રહી જાય છે દરેક ક્ષણને તાજગીથી...

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में और मेरे अहसास - 84 By Dr Darshita Babubhai Shah

जन्म मरण का खेल है जिंदगीसुन बन्दे ख़ुदा की करले बंदगी हथेलियाँ खाली होती है जाते वक्तजीवन में हो सके तो रख सादगी बहुत कुछ पीछे छूट रह जाता हैहर पल हर लम्हे में भरले ताजगी सुबह शाम...

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हम तो सोच रहे थे भैया अब अच्छे दिन आएंगे By शैलेंद्र् बुधौलिया

हमको यह मालूम नहीं था एक  दिन हम पछताएंगे ! हम तो सोच रहे थे भैया अब अच्छे दिन आएंगे !!   मुझको यह मालूम नहीं था, ऐसे भी दिन आएंगे ! सच्चाई पर चलते चलते, एक दिन हम पछताएंगे !!   वह...

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गज़ल By Pandit Pradeep Kumar Tripathi

हमारी ग़जल है हमारी ग़जल है तो हमें सुनाईएगाउनसे तो कह दो की बस आईएगा हमारा है जिक्र और हमारा रहेगाआप का जो आए तो मुकर जाईएगा हमारी ग़जल है तो हमें सुनाईएगाउनसे तो कह दो की बस आईएग...

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घूंघट काये उघारें, ठाड़ीं भुन्सारे सें द्वारें By शैलेंद्र् बुधौलिया

बुन्देली कविता    घूंघट काये  उघारें ! ठाड़ीं भुन्सारे सें द्वारें!  रूखे बार कजर बिन अखियां भीतर सें मन मारें!  ठाड़ीं भुन्सारे सें द्वारें!  कैसीं हो अनमनी तुम्हाई सूरत पै हैरानी ,...

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शब्द नहीं एहसास है - 2 By Shruti Sharma

----- आज भी इन्तेज़ार है -----जो सबको मिल जाता है अक्सर बचपन में उस दोस्त का मुझे आज भी इन्तेज़ार है। स्कूल में जो तुम्हारे साथ बैठेसाथ आए और साथ घर जाएजो जी भर तुमसे बातें करें और...

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शैलेन्द्र बुधौलिया के दोहे By शैलेंद्र् बुधौलिया

भारत से लाहौर भई बस सेवा प्रारंभ ! ख़ुद खों ऊंचों जान के भओ  नवाज़ को दंभ !! 18 उत लाहौरी लाल सें  मिलो अटल को हाथ ! इतें कारगिल में करी घुसपैठिन ने घात !!    19 पुंज बटालिक कारगिल ह...

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साहब बदले हैं दलाल नहीं बदला है ! By शैलेंद्र् बुधौलिया

साहब बदले हैं दलाल नहीं बदला है !   किस साल बदला है मेरा हाल नहीं बदला है , सीता सागर या तरणताल नहीं बदला है ! दिल्ली- पंजाब में जाकर के कोई देखे , सिर्फ बदली है दुकान माल नहीं बदल...

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धीरू भाई अम्बानी By शैलेंद्र् बुधौलिया

                                               धीरू भाई अम्बानी को समर्पित धरती पे  धन के धुरंधर थे  धीरुभाई  धन धाम धरम  धरा पे  छोड़ के  गए!  धीरे-धीरे धीरज से धन जो कमाया था वो...

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हरिवंश राय बच्चन द्वारा अमिताभ बच्चन By शैलेंद्र् बुधौलिया

                                            हरिवंश राय बच्चन जी को समर्पित सुत को 'सरस्वती' ने स्वयं सिखाये शब्द शब्द-शब्द में स्वरूप सत्य का समा गये! पुण्य से 'प्रताप' के प्रवर्तक...

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بارش By Dr Darshita Babubhai Shah

آنکھوں کی بارش میں بھیگنا چاہتا ہوں یادوں کی بارش میں بھیگنا چاہتا ہوں   راہ زندگی کی کہانی دل میں دفن ہے۔ وعدوں کی بارش میں بھیگنا چاہتے ہیں۔   عشق آرزو ہے چاندنی نیتی۔...

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Phoenix Rising By atul nalavade

People, I have been sad, it's true, But I'll break these chains, I'll start anew, Rising from the ashes, I'll find my way, I'll turn my pain into strength, come what may.   In the...

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दतिया गौरव गान By शैलेंद्र् बुधौलिया

दतिया गौरव गान   (1)   सुनो सुनों दतिया का गौरव गान सुनो, इसमें बसता सच्चा हिन्दुस्तान सुनो यहां सिंघ की निर्मल धारा नित कल कल करती है ये सनक, सनंदन, सनत् सनातन की पावन धरती है सर्...

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एकांत By शैलेंद्र् बुधौलिया

।।।  एकांत ।।।     (1)                      ..................   सब ने देखा फूल सा खिलता सदा जिसका बदन । कोई क्या जाने कि वह कैसे जिया एकांत में ।।   जिन लवों की बात सुन सब खिलखिला...

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شکریہ By Dr Darshita Babubhai Shah

حمایت کے لیے آپ کا شکریہ میرے ساتھ وقت گزارنے کے لیے آپ کا بہت بہت شکریہ   کئی بار اظہار کرتے ہوئے صدیاں گزر جاتی ہیں۔ تعریف کرنے کے لئے وقت پر محبت کا اظہار کرنا   ہم رو...

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પહેલો વરસાદ ને એનો સાથ By Shreya Parmar

આભ માં ગરજતા વાદળ ને સાથે તે જ હોયપ્રીત થકી વાતો માં મજા અલગ જ હોય.સાથે બેસ્યા છત નીચે ને અમે જોયો વરસાદચા ની ચૂસકી માંડતા ને હાથો માં હાથ હોય.ના કોઈ ભવિષ્ય ની ચિતાં હતી કે ના કોઈ...

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प्यार की कविताएँ: रातों की कहानी By बैरागी दिलीप दास

भाग 1 चाँदनी रातों में छाया एक सपना,प्यार की कहानी जगमगाती है यहाँ।एक बेहद खूबसूरत तस्वीर बनाती है,प्यार की कविताएँ यहाँ बहाती हैं।हर रात जब रातों की गहराई छाती है,दिल की धड़कनों क...

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તને જોયા પછી By Abhishek Joshi

આંખો માં એક  સવાલ  હતો  , તને  જોયા  પછી ...(૧) દિલ  માં  એક  બવાલ હતો , તને  જોયા  પછી ...(૨) વર્ષો  ની  શોધ  નો  વિરામ  હતો , તને  જોયા  પછી  ...(૩) મન  માં  એક  ઉજાસ  હતો  , તને...

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हर सांस पे मेरी By बैरागी दिलीप दास

(१)माँ तू ने सबकुछ दिया हमें,तेरे बिना जग सुना सा था।आंसू तेरे ही थे मेरे,हर सांस में बस तू ही समाई।तेरी जागीर बस मेरी जिंदगी ,मेरे आगे तेरे लिए संसार कुछ भी नहींतू जीवन का आधार थी...

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تنہائی By Dr Darshita Babubhai Shah

حیرت ہے کہ دوسری زندگی کون سی لے رہی ہے۔ کیا آپ سکون سے سانس لینے کے قابل بھی ہیں؟   چھوڑنے والے کبھی پیچھے نہیں ہٹتے اداسی راتوں اور دنوں کی نیندیں کھا جاتی ہے۔   اکیلا...

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दो पल की राहत में By बैरागी दिलीप दास

(1)दो पल की राहत में ना भूलाओ जिंदगी की चाहत को,दिल की धड़कनों से सुनो प्यार की आहट को।ज़िंदगी के रंग बदले, फूल खिलें या मुरझायें,प्यार का आगाज़ हर पल नया सवेरा ले आयें।मुस्कानों की...

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तेरे लबों की मुस्कान: इश्क़ के राज़ By बैरागी दिलीप दास

भाग 1तेरे लबों की मुस्कान: इश्क़ के राज़इश्क़ भरी ये दुनिया है, रंग लाती हर छांव,तेरे लबों की मुस्कान से जगमगाती हैं सारी रात।उन क़दमों की आहट से उठती हैं धूप की बौछार,तेरे लबों की...

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बेटियाँ.. By Pari Boricha

घर की लक्ष्मी होती हैं बेटियाँ घर-आँगन की रंगोली होती है बेटियाँ परिवार के चेहरे की मुस्कान होती हैं बेटियाँ बेटियों से ही घर की रोनक होती है क्योकि,घर का उजाला होती है बेटियाँ ......

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Malkia By Almrad Guccy

Malkia , who was 16, had lost her father to AIDS three years previously.Her mother had died a year later,leaving  Malkia and five  siblings behind . During the period of mourning a...

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वक्त गुजर रहा है बचपन बदल रहा हैं। By Mohit Rajak

वक्त गुजर रहा है बचपन बदल रहा हैं।वक्त गुजर रहा है बचपन बदल रहा हैटेक्नोलॉजी के जमाने में बचपन गायब हो रहा हैबचपन में सुनते थे दादी नानी से कहानी्तोतलाती जबान से बातें करते थे सयान...

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